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Budaun News: खतरे के निशान तक पहुंचा गंगा का जलस्तर, प्रशासन सतर्क
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उसहैत में तटबंधों के करीब पहुंचा गंगा का पानी। संवाद
- फोटो : mathura
बदायूं। एक बार फिर गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। एक पखवाड़ा पहले छोड़े गए करीब सवा लाख क्यूसेक से पानी इस बार कम है। बावजूद इसके जलस्तर मीटर गेज पर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। उत्तराखंड में बारिश होने के कारण जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। इसके चलते प्रशासन और बाढ़ खंड विभाग सतर्क हो गया है।
कछला घाट पर जलस्तर शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को 13 सेमी बढ़ गया। मीटरगेज पर 162.40 मीटर तक जा पहुंचा है। यह खतरे का निशान है। कांवड़ मेला के दौरान जलस्तर बढ़ने को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। शुक्रवार देर रात डीएम अवनीश राय व एसएसपी डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह ने गंगाघाट का निरीक्षण कर अधीनस्थों को सभी आवश्यक दिशा निर्देश दिए। वहीं, गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका सताने लगा है। हालांकि अभी स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन पहाड़ों पर लगातार होती बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। शनिवार को नरौरा डेम से 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो रविवार तक उसहैत क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों तक आ जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने बाढ़ से निपटने की तैयारी पहले से कर रखी है। हर खतरे का सामना करने के लिए विभाग तैयार है। दिन रात इलाके की निगरानी की जा रही है।
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इन गांवों में रहता ज्यादा खतरा
असमय रफतपुर, अहमदनगर बचौरा, भकरी, बेहटी, कमलु नगला, बल्ले नगला, हिम्मतनगर बझेड़ा, डियोडी नगला, कोनका नगला, चेतराम नगला आदि गांव हैं, जहां बाढ़ का खतरा अधिक रहता है। यहां पहले से ही सतर्कता बरती जा रही है।
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- गंगा में पानी बढ़ा है, लेकिन विभाग पहले से ही तैयारी कर चुका है। फिलहाल गंगा के जलस्तर बढ़ने से कोई खतरा नहीं है। पूरा विभाग सतर्क है।
-राधेश्याम, अवर अभियंता, बाढ़ खंड।
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कछला घाट पर जलस्तर शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को 13 सेमी बढ़ गया। मीटरगेज पर 162.40 मीटर तक जा पहुंचा है। यह खतरे का निशान है। कांवड़ मेला के दौरान जलस्तर बढ़ने को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। शुक्रवार देर रात डीएम अवनीश राय व एसएसपी डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह ने गंगाघाट का निरीक्षण कर अधीनस्थों को सभी आवश्यक दिशा निर्देश दिए। वहीं, गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका सताने लगा है। हालांकि अभी स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन पहाड़ों पर लगातार होती बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। शनिवार को नरौरा डेम से 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो रविवार तक उसहैत क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों तक आ जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने बाढ़ से निपटने की तैयारी पहले से कर रखी है। हर खतरे का सामना करने के लिए विभाग तैयार है। दिन रात इलाके की निगरानी की जा रही है।
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इन गांवों में रहता ज्यादा खतरा
असमय रफतपुर, अहमदनगर बचौरा, भकरी, बेहटी, कमलु नगला, बल्ले नगला, हिम्मतनगर बझेड़ा, डियोडी नगला, कोनका नगला, चेतराम नगला आदि गांव हैं, जहां बाढ़ का खतरा अधिक रहता है। यहां पहले से ही सतर्कता बरती जा रही है।
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- गंगा में पानी बढ़ा है, लेकिन विभाग पहले से ही तैयारी कर चुका है। फिलहाल गंगा के जलस्तर बढ़ने से कोई खतरा नहीं है। पूरा विभाग सतर्क है।
-राधेश्याम, अवर अभियंता, बाढ़ खंड।

उसहैत में तटबंधों के करीब पहुंचा गंगा का पानी। संवाद- फोटो : mathura