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‘हिंदी का विस्तार ही हिंदी का विकास’
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बदायूं। हिंदी दिवस से पहले कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को हिंदी का विकास, उसका महत्व आदि समझाने के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी के तहत हिंदी पखवाड़ा मनाते हुए राजकीय महिला महाविद्यालय में प्रायोजन मूलक हिंदी और उसका अभिप्राय, पत्राचार एवं संप्रेषण आदि विषयों को समेटते हुए छात्राओं को हिंदी के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। शनिवार को इस मौके पर हुई कार्यशाला में कहा गया कि हिंदी का विस्तार ही हिंदी का विकास है।
कार्यशाला के दूसरे दिन का शुभारंभ वीरांगना रानी अबंतीबाई लोधी राजकीय महिला डिग्री कॉलेज बरेली की प्राचार्य डॉ. बीना पांडे ने किया। उन्होंने कहा कि हमारी मातृभाषा हिंदी है। इस ओर सभी को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मुख्य वक्ता इसी महाविद्यालय की कॉलेज की डॉ. संध्या सक्सेना ने आभासी दुनिया में साहित्यकारों के लिए चुनौती विषय पर व्याख्यान दिया। बांके बिहारी कन्या महाविद्यालय के डॉ. अजीत शंखधार, डॉ. मनीषा शंखधार, गिंदो देवी महिला डिग्री कॉलेज की डॉ. शिखा पांडेय, डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी, डॉ. निशी अवस्थी, इग्नू काउंसलर डॉ. गायत्री प्रियदर्शनी ने काव्यपाठ के माध्यम से हिंदी की महत्ता बताई। राजकीय डिग्री कॉलेज बीसलपुर के हिन्दी प्रवक्ता डॉ. पवन त्रिवेदी ने प्रायोजन मूलक हिन्दी की दुरुहता ही हिन्दी के विकास में बाधक है, विषय पर विचार रखे। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. स्मिता जैन ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर डॉ. मनोज कुमार, मनीषा भूषण, राहित, अफसाना खातून आदि मौजूद रहे।
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कार्यशाला के दूसरे दिन का शुभारंभ वीरांगना रानी अबंतीबाई लोधी राजकीय महिला डिग्री कॉलेज बरेली की प्राचार्य डॉ. बीना पांडे ने किया। उन्होंने कहा कि हमारी मातृभाषा हिंदी है। इस ओर सभी को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मुख्य वक्ता इसी महाविद्यालय की कॉलेज की डॉ. संध्या सक्सेना ने आभासी दुनिया में साहित्यकारों के लिए चुनौती विषय पर व्याख्यान दिया। बांके बिहारी कन्या महाविद्यालय के डॉ. अजीत शंखधार, डॉ. मनीषा शंखधार, गिंदो देवी महिला डिग्री कॉलेज की डॉ. शिखा पांडेय, डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी, डॉ. निशी अवस्थी, इग्नू काउंसलर डॉ. गायत्री प्रियदर्शनी ने काव्यपाठ के माध्यम से हिंदी की महत्ता बताई। राजकीय डिग्री कॉलेज बीसलपुर के हिन्दी प्रवक्ता डॉ. पवन त्रिवेदी ने प्रायोजन मूलक हिन्दी की दुरुहता ही हिन्दी के विकास में बाधक है, विषय पर विचार रखे। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. स्मिता जैन ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर डॉ. मनोज कुमार, मनीषा भूषण, राहित, अफसाना खातून आदि मौजूद रहे।
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