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यूपी: अवैध गन्ना सेंटर पर छापा, माफिया को पकड़ने के बजाय पुलिस ने किसानों पर ही बरसा दी लाठियां

Thu, 28 Nov 2019 12:51 AM IST
बरेली ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बदायूं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बदायूं Published by: बरेली ब्यूरो Updated Thu, 28 Nov 2019 12:51 AM IST
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scam
गन्ना किसान

बदायूं के चिनी मिलों द्वारा समय से गन्ना भुगतान न होने से परेशान किसान अपना गन्ना आधे पौने दामों में गन्ना माफिया को बेचने पर मजबूर हैं। सांठगांठ करके गन्ना माफिया खुलेआम अवैध सेंटर लगाकर गन्ना खरीद रहे हैं। गुलड़िया में इसी तरह से चल रहे एक अवैध गन्ना सेंटर पर बुधवार को पुलिस ने छापा मारा तो माफिया को पकड़ने के बजाए उल्टा किसानों को ही पीट डाला।

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तीन किसानों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। साथ ही गन्ने से लदी चार ट्रॉलियां भी कब्जे में ले लीं। उल्टा किसानों पर कार्रवाई होता देख किसान आक्रोशित हो गए और हंगामा किया। देर शाम पुलिस ने हिरासत में लिए गए तीनों लोगों के खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई कर दी। किसानों ने पुलिस प्रशासन पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए इसे उत्पीड़नात्मक कार्रवाई बताया है।
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प्रदेश सरकार के साफ निर्देश है कि किसानों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए, लेकिन उसके उलट जिले के गन्ना किसान काफी परेशान है। उनकी परेशानी की मुख्य वजह चीनी मिलों द्वारा पिछले साल के गन्ना भुगतान का बकाया अदा न करना है। गन्ना किसानों का भुगतान न करने वालों की लिस्ट में सबसे ऊपर नाम यदु शुगर मिल का है।
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उसके बाद में राणा शुगर मिल करीमगंज, न्योली शुगर मिल कासगंज और शेखूपुर की सहकारी चीनी मिल हैं। इसी का फायदा गन्ना माफिया ने उठाना शुरू कर दिया। उनके द्वारा क्षेत्र में प्रचार किया जा रहा है कि चीनी मिलों को गन्ना देने से कोई फायदा नहीं हैं। गन्ना माफिया किसानों को तुरंत भुगतान दे रहे हैं।

गुलड़िया के पास धर्मकांटे पर चल रहा अवैध गन्ना सेंटर पर 160 से 190 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है जबकि सरकारी मूल्य 315 रुपये है। नकद भुगतान होने पर किसान माफिया के चंगुल में फंस जाते हैं। बुधवार को इसकी जानकारी किसी ने डीएम कुमार प्रशांत को दे दी। जानकारी मिलते ही डीएम ने एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य और सीओ उझानी सर्वेंद्र सिंह को मौके पर भेज दिया।

अधिकारियों के पहुंचते ही वहां पर भगदड़ मच गई। गन्ना माफिया मौके पर से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने किसानों पर लाठियां फटकारनी शुरू कर दीं। अवैध रूप से गन्ना खरीदने वालों के बजाय मजबूरी में गन्ना बेचने वाले किसानों पर कार्रवाई होता देख अन्य किसान आक्रोशित हो गए और हंगामा करने लगे।

इस पर पुलिस ने उनको भी दौड़ा दिया। आरोप है कि पुलिस ने किसानों से अभद्रता भी की। इस दौरान पुलिस को सेंटर पर गन्ने से लदी चार ट्रालियों मिली, इसको पुलिस ने जब्त कर लिया। वहीं गन्ना किसान अनोज, विनय, प्रवेश निवासी करोलिया पर रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं केंद्र संचालक पर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज की है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

अवैध रूप से चल रहे गन्ना सेंटर पर जब पुलिस और प्रशासन का अमला पहुंचा, वहां पर मौजूद किसानों का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ अभद्र भाषा का उपयोग किया। कुछ किसानों ने मारपीट का भी आरोप लगाया। वहीं इस घटना के संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, इसमें किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य अर्चना पटेल ने बताया कि गन्ने की जहां पर खरीद चल रही थी, वहां पर पुलिस ने उनके पिता से अभद्रता की।

जब पति ने इस सिलसिले में पुलिस व अधिकारियों से बात करनी चाही तो उनके साथ ही वही व्यवहार किया गया। यहां तक कि महिला होने के बावजूद पुलिस ने उनके साथ भी अमर्यादित भाषा का उपयोग किया। वहीं एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य ने बताया कि गुलड़िया में धर्मकांटे पर अवैध रूप से गन्ने का सेंटर संचालित था। जहां कम रेट पर कुछ लोग गन्ने की खरीद कर रहे थे। मौके पर जो ट्राली गन्ने से लदी मिलीं, इनको जब्त कर लिया गया है। विरोध करने वाले तीन किसानों को पकड़ा गया था। उनका शांतिभंग में चालान कर दिया गया है। जो लोग अवैध रूप से सेंटर चला रहे थे, उनकी जानकारी की जा रही है।
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