{"_id":"ee4329aeed7cee8645b3cefee4a7441e","slug":"road-in-construction-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ साल पूर्व स्वीकृत सड़कों को नहीं मिला धन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेढ़ साल पूर्व स्वीकृत सड़कों को नहीं मिला धन
बदायूं।
Updated Mon, 09 Feb 2015 11:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना से जिले में वर्ष 2013 में स्वीकृत 25 रोडों का निर्माण अधर में लटका हुआ है। इसके लिए धनराशि उपलब्ध न होने की बात कहते हुए विभागीय अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। इनके भी उसी समय खाली होने पर योजना कार्यालय पर भी धन का अपव्यय हो रहा है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना के तहत वर्ष 2013 के अगस्त माह में जिले की 25 सड़कों को 20 करोड़ की राशि मंजूर हुई थी। तब से इन सड़कों को तुड़वा दिया गया है लेकिन 40 प्रतिशत राशि मिल जाने के बाद से इन सड़कों के लिए धन की प्राप्ति नहीं हो पा रही है। रुरल डवलपमेंट अथार्टी (यूपी आरआरडीए) की ओर से भी मांग पत्र केंद्र सरकार को भेजा गया है। योजना के अधिकारियों का मानना है कि 28 फरवरी को कें द्रीय बजट के बाद इस योजना को धन मिलने की उम्मीद लगाई जा सकती है।
योजना के लिए यहां एक-एक एक्सईएन, एई और आधा दर्जन जेई और तीन अन्य स्टाफ है। काम न होने के कारण सभी को खाली बैठना मजबूरी है जबकि शासन पीएमजीएसवाई आफिस पर खासा खर्च करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना के तहत वर्ष 2013 के अगस्त माह में जिले की 25 सड़कों को 20 करोड़ की राशि मंजूर हुई थी। तब से इन सड़कों को तुड़वा दिया गया है लेकिन 40 प्रतिशत राशि मिल जाने के बाद से इन सड़कों के लिए धन की प्राप्ति नहीं हो पा रही है। रुरल डवलपमेंट अथार्टी (यूपी आरआरडीए) की ओर से भी मांग पत्र केंद्र सरकार को भेजा गया है। योजना के अधिकारियों का मानना है कि 28 फरवरी को कें द्रीय बजट के बाद इस योजना को धन मिलने की उम्मीद लगाई जा सकती है।
विज्ञापन
योजना के लिए यहां एक-एक एक्सईएन, एई और आधा दर्जन जेई और तीन अन्य स्टाफ है। काम न होने के कारण सभी को खाली बैठना मजबूरी है जबकि शासन पीएमजीएसवाई आफिस पर खासा खर्च करता है।
विज्ञापन