{"_id":"63cae400a0469b585c5b7729","slug":"road-condition-bad-in-badaun-badaun-news-bly5107664131-2023-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: केवल दावों से नहीं भरते सड़कों के ‘जख्म’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: केवल दावों से नहीं भरते सड़कों के ‘जख्म’
विज्ञापन
बदायूं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद शहर की सड़कों पर तो पैबंद लगा दिए गए लेकिन देहात में उनके जख्म अब भी हरे हैं। ये सड़कें लोगों को भी जख्म दे रही हैं लेकिन जिम्मेदार इनको केवल कागजों में भरने की कोशिश कर रहे हैं। जनता तो इन्हें अपना नसीब ही मान चुकी है। इन उधड़ी सड़कों पर लोग गिरते हैं, सिस्टम को कोसते हैं और फिर निकल जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने अफसरों को गड्ढा मुक्ति के आदेश तो दे दिए लेकिन यह केवल वहीं तक सीमित रहा, जहां शासन की नजर जा सकती है। शहर और आसपास की सड़कों पर पैबंद लगाकर उन्हें गड्ढामुक्त कर दिया गया लेकिन देहात की जनता आज भी उधड़ी सड़कों पर परेशानी झेल रही है। लोक निर्माण विभाग ने मरम्मत के नाम पर कुछ के गड्ढे तो भरवा दिए लेकिन अधिकांश सड़कों को छोड़ दिया गया। जहां काम हुआ वहां औपचारिकता के नाम पर कहीं गड्ढों में मिट्टी भरवा दी गई तो कहीं पर बजरी डाल दी गई।
इस्लामनगर और रुदायन में सड़क ही लापता
इस्लामनगर कस्बे के सहसवान मार्ग से बहजोई बाईपास का निर्माण सपा सरकार में हुआ था। धीरे-धीरे सड़क जर्जर हुई तो इसके बाद मरम्मत के लिए कोई आगे नहीं आया। हाल ये है कि कई जगहों पर सड़क नाम की बची है। बाकी गड्ढे ही गड्ढे हैं। यही हाल रुदायन कस्बे का है। एत्मादपुर रंपुरा का संपर्क मार्ग बिसौली-इस्लामनगर हाईवे से जुड़ता है। इस मार्ग से रोजाना हजारों की संख्या में लोग निकलते हैं लेकिन अब यहां से सड़क गायब हो चुकी है। क्षेत्रीय लोगों ने कई बार इस सड़क की मरम्मत की मांग की लेकिन नहीं कराई गई।
विज्ञापन
सैदपुर और बगरैन में भी सड़कें खस्ताहाल
सैदपुर कस्बे से आंवला मार्ग को जोड़ने वाली सड़क की हालत पूरी तरह से जर्जर है। उरैना तक यह सड़क गड्ढों में बदल चुकी है। ऊबड़खाबड़ हो चुकी यह सड़क अब लोगों के लिए मुसीबत बन चुकी है। बगरैन क्षेत्र में आंवला-बिसौली मार्ग का वर्ष 2015-16 में सांसद धर्मेंद्र यादव ने चौड़ीकरण कराया था। छह किलोमीटर तक यह सड़क फिर बदहाल हो चुकी है। बगरैन से पेंपल गांव तक इस पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। अलापुर कस्बे से ककराला जाने वाली सड़क की मरम्मत काफी अर्से से नहीं हुई है। यहां कई बार बाइक सवार गड्ढों की वजह से चोटिल भी हो चुके हैं।
ककराला में सर्वे तक सिमट गई कार्रवाई
कादरचौक क्षेत्र में कटिन्ना से रमजानपुर तक लोक निर्माण विभाग की सड़क है। यह सड़क पूरी जर्जर हो चुकी है। ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाली यह पांच किमी की सड़क में हजारों गड्ढे हैं। इसके बाद भी इस मार्ग की मरम्मत विभाग ने नहीं कराई है। ककराला कस्बे से बदायूं जाने वाला मार्ग भी पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुका है। कस्बे से निकलते ही इस रोड पर गड्ढे ही दिखाई देते हैं। इसकी मरम्मत कराने के लिए लोक निर्माण विभाग ने सर्वे भी कराया लेकिन इसके बाद कोई कार्य नहीं किया गया।
लोक निर्माण विभाग की जो सड़कें गड्ढामुक्ति अभियान में सही नहीं हो पाई थीं, उनके नवीनीकरण का प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव अब पास हो चुका है, जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। - भानेंद्र पाल सिंह यादव, एक्सईएन निर्माण खंड द्वितीय
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने अफसरों को गड्ढा मुक्ति के आदेश तो दे दिए लेकिन यह केवल वहीं तक सीमित रहा, जहां शासन की नजर जा सकती है। शहर और आसपास की सड़कों पर पैबंद लगाकर उन्हें गड्ढामुक्त कर दिया गया लेकिन देहात की जनता आज भी उधड़ी सड़कों पर परेशानी झेल रही है। लोक निर्माण विभाग ने मरम्मत के नाम पर कुछ के गड्ढे तो भरवा दिए लेकिन अधिकांश सड़कों को छोड़ दिया गया। जहां काम हुआ वहां औपचारिकता के नाम पर कहीं गड्ढों में मिट्टी भरवा दी गई तो कहीं पर बजरी डाल दी गई।
विज्ञापन
इस्लामनगर और रुदायन में सड़क ही लापता
इस्लामनगर कस्बे के सहसवान मार्ग से बहजोई बाईपास का निर्माण सपा सरकार में हुआ था। धीरे-धीरे सड़क जर्जर हुई तो इसके बाद मरम्मत के लिए कोई आगे नहीं आया। हाल ये है कि कई जगहों पर सड़क नाम की बची है। बाकी गड्ढे ही गड्ढे हैं। यही हाल रुदायन कस्बे का है। एत्मादपुर रंपुरा का संपर्क मार्ग बिसौली-इस्लामनगर हाईवे से जुड़ता है। इस मार्ग से रोजाना हजारों की संख्या में लोग निकलते हैं लेकिन अब यहां से सड़क गायब हो चुकी है। क्षेत्रीय लोगों ने कई बार इस सड़क की मरम्मत की मांग की लेकिन नहीं कराई गई।
विज्ञापन
सैदपुर और बगरैन में भी सड़कें खस्ताहाल
सैदपुर कस्बे से आंवला मार्ग को जोड़ने वाली सड़क की हालत पूरी तरह से जर्जर है। उरैना तक यह सड़क गड्ढों में बदल चुकी है। ऊबड़खाबड़ हो चुकी यह सड़क अब लोगों के लिए मुसीबत बन चुकी है। बगरैन क्षेत्र में आंवला-बिसौली मार्ग का वर्ष 2015-16 में सांसद धर्मेंद्र यादव ने चौड़ीकरण कराया था। छह किलोमीटर तक यह सड़क फिर बदहाल हो चुकी है। बगरैन से पेंपल गांव तक इस पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। अलापुर कस्बे से ककराला जाने वाली सड़क की मरम्मत काफी अर्से से नहीं हुई है। यहां कई बार बाइक सवार गड्ढों की वजह से चोटिल भी हो चुके हैं।
ककराला में सर्वे तक सिमट गई कार्रवाई
कादरचौक क्षेत्र में कटिन्ना से रमजानपुर तक लोक निर्माण विभाग की सड़क है। यह सड़क पूरी जर्जर हो चुकी है। ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाली यह पांच किमी की सड़क में हजारों गड्ढे हैं। इसके बाद भी इस मार्ग की मरम्मत विभाग ने नहीं कराई है। ककराला कस्बे से बदायूं जाने वाला मार्ग भी पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुका है। कस्बे से निकलते ही इस रोड पर गड्ढे ही दिखाई देते हैं। इसकी मरम्मत कराने के लिए लोक निर्माण विभाग ने सर्वे भी कराया लेकिन इसके बाद कोई कार्य नहीं किया गया।
लोक निर्माण विभाग की जो सड़कें गड्ढामुक्ति अभियान में सही नहीं हो पाई थीं, उनके नवीनीकरण का प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव अब पास हो चुका है, जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। - भानेंद्र पाल सिंह यादव, एक्सईएन निर्माण खंड द्वितीय