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डिप्टी सीएम की नजर में चढ़े...फिर भी गड्ढों पर नहीं लगे पैबंद

Thu, 24 Feb 2022 12:57 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 24 Feb 2022 12:57 AM IST
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ROAD
उझानी-बिल्सी रोड की बदहाल सड़क। संवाद - फोटो : BADAUN
उझानी (बदायूं)। भाजपा की जन विश्वास यात्रा के दौरान जिस रोड के गड्ढे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की नजर में चढ़ने पर पीडब्ल्यूडी के अफसरों का पसीना छूट गया था, यह गड्ढे पैबंद के इंतजार में और बढ़ते चले जा रहे हैं। बिल्सी-उझानी रोड उच्चीकरण के बाद यूं तो छह साल पहले चकाचक हो गया था लेकिन डेढ़-दो साल बाद परतें उखड़ी तो पीडब्ल्यूडी ने गड्ढों को भरवा दिया लेकिन बाद में फिर परतें उखड़ गईं। बाद में गड्ढामुक्त अभियान चला पर इस सड़क का नंबर नहीं आया। अब तो सड़क से जुड़े हर गांव के आसपास गड्ढे ही गड्ढे नजर आते हैं।
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उझानी-बिल्सी रोड करीब 15 किमी का है। उझानी से बिल्सी की ओर बढ़ें तो डबल रोड चौड़ाई वाली सड़क पर गड्ढों का पहला नमूना पाल का नगला के पास देखने को मिल जाता है। संजरपुर के पास करीब एक किमी दायरे में सड़क कम गड्ढे ज्यादा हैं। इससे आगे बढ़ने पर रोहान, हरगनपुर मोड़, सिरासौल, रायपुर गांव गड्ढों से आवागमन में दिक्कत बनी हुई है। सबसे ज्यादा परेशानी गड्ढों से बचकर निकलने में आती है।
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उझानी-बिल्सी रोड पर पिछले कुछेक सालों से भारी वाहनों की आवाजाही में भी इजाफा हुआ है। बताते हैं कि संभल और मुरादाबाद जिले से वाया बिल्सी और कादरचौक होकर एटा, इटावा और फिरोजाबाद आदि को आने-जाने के यही शार्टकट रास्ता आधा दर्जन जिलों के बीच दूरी को कम करता है। सपा सरकार में सड़क का उच्चीकरण और चौड़ीकरण हुआ था। पिछले महीना जन विश्वास यात्रा के दौरान उप मुख्यमंत्री केेशव प्रसाद मौर्य इसी रास्ते से होकर निकले तो सड़क के गड्ढे उनकी नजर में आ गए थे। लखनऊ लौटने पर उन्होंने विभागीय स्तर से पीडब्ल्यूडी के बड़े अफसरों का जवाब भी तलब कर लिया लेकिन गड्ढे अब भी पैबंद का इंतजार कर रहे हैं।
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रिसौली का रास्ता भी है बदहाल
बिल्सी रोड से जुड़े गांव संजरपुर और सिरासौल में से किसी एक की आबादी 15 हजार से कम नहीं है। संजरपुर मोड़ से ही रिसौली को रास्ता निकलता है लेकिन रिसौली की सड़क भी खस्ताहाल है। कुछेक साल पहले तक रिसौली वाले संजरपुर क्रास कर उझानी की तरफ बढ़ते तो काफी राहत महसूस करते थे लेकिन अब न तो संजरपुर से रिसौली तक सड़क दुरुस्त है और न ही उझानी-संजरपुर के बीच आवागमन में राहत मिल पा रही है। व्यापारिक नजरिए से भी उझानी-बिल्सी रोड का महत्व अधिक है।
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यह बोले लोग
उझानी-बिल्सी के बीच सड़क पर गड्ढों की वजह से दिक्कत बनी हुई है। गड्ढों से पीडब्ल्यूडी के अफसर अच्छी तरह वाकिफ हैं। पिछले महीनों में प्रदेश सरकार की ओर से सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए अभियान चला लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
-अवनीश शर्मा, संजरपुर
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खस्ताहाल सड़क का जीर्णोद्धार होना आवश्यक है। पीडब्ल्यूडी के अफसर सड़क का पुनर्निर्माण नहीं करा सकते तो फिलहाल कम से कम पैबंद लगवा कर इलाके के लोगों को राहत पहुंचा सकते हैं। इसकी शिकायत भी अफसरों से की जा चुकी है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि गौर नहीं करते।
-अभिषेक पाल, रिसौली
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उझानी और बिल्सी के बीच व्यापारिक रिश्ता काफी गहरा है। अनाज से लेकर जरूरी सामान की खरीद फरोख्त को सैकड़ों की संख्या में लोग निजी वाहनों से आते-जाते हैं। सड़क में गड्ढों की वजह से व्यापारियों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। छोटे वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं।

- राकेश खंडूजा, व्यापारी
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संजरपुर के आसपास सड़क का वजूद मिटता जा रहा है। गड्ढे इतने ज्यादा हैं कि अगर उन्हें अभी से नहीं भरवाया गया तो गहरे होते चले जाएंगे। हादसे बढ़ेंगे और लोगों की जान पर जोखिम बना रहेगा। पीडब्ल्यूडी के अफसरों को मौके पर पहुंचकर सड़क की हकीकत समझनी चाहिए।
- प्रेमपाल सिंह, संजरपुर
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इस सड़क में गड्ढे हो गए हैं तो सत्यापन कराकर उनकी मरम्मत करा दी जाएगी। लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
- अमर सिंह, एक्सईएन लोनिवि बदायूं
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