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डार्क जोन ब्लाकों में जवाब दे रही बोरिंग, सिंचाई का संकट
अमर उजाला ब्यूरो/ बदायूं
Updated Fri, 26 May 2017 11:38 PM IST
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डार्क जोन
- फोटो : अमर उजाला
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इस्लामनगर, सहसवान, आसफपुर और अंबियापुर में 60 मीटर से भी नीचे पहुंचा पानी
गर्मी में तपती धरती के नीचे का जल भी सूखता जा रहा है। जिले में पहले से ही डार्क जोन घोषित चार ब्लॉकों इस्लामनगर, सहसवान, आसफपुर और अंबियापुर में तो अब पुराने लगे बोरिंग भी जवाब देने लगे हैं। इन ब्लॉकों के कई गांवों में भूजल 60 मीटर से भी नीचे पहुंच गया है। यहां नए बोरिंग पहले से ही प्रतिबंधित हैं। पुराने बोरिंगों को और गहराई में लगाने की जरूरत पड़ने से किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है।
लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एमसी सक्सेना बताते है कि डार्क जोन वाले इस्लामनगर, सहसवान, आसफपुर और अमियापुर ब्लाकों में किसानों की दिक्कतें लगातार बढ़ रही हैं। आमतौर पर कोई भी बोरिंग 31 से 60 मीटर तक गहरा होता है लेकिन इन ब्लॉकों में 60 मीटर से भी नीचे जलस्तर चले जाने से स्थिति बिगड़ने लगी है। प्रदेश सरकार की नि:शुल्क बोरिंग योजना में लगने वाले बोरिंग भी मानकों की वजह से नहीं लग पा रहे हैं। वजह यह है कि नि:शुल्क बोरिंग योजना में अधिकतम 60 मीटर गहरा बोरिंग करने का प्रावधान है लेकिन जिले के जिन ब्लॉकों में पानी का स्तर काफी नीचे पहुंच चुका है, उनमें नि:शुल्क बोरिंग लगना मुश्किल हो रहा है।
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बिजली कनेक्शन भी नहीं हो पा रहे
बिल्सी। विकास खंड अंबियापुर क्षेत्र के गांव बरनी ढकपुरा निवासी एवं भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के तहसील प्रभारी ऋषिदेव जी,धीरजसिंह, वीरेंद्रपाल, रामपालसिंह, ओमवीर, अशोककुमार, रामदास, रविंद्रसिंह, हरगोविंद, शिवचरन, रामेश्वरी, रामपाल, अंतराम सिंह, बादशाह, सेवाराम, रक्षपाल, रायसिंह आदि ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में कहा कि पिछले कई वर्षों से अंबियापुर ब्लॉक डार्क जोन में चल रहा है। इसके कारण किसानों को सिंचाई के लिए नलकूपों के बिजली कनेक्शन नहीं हो पा रहे हैं। इससे किसानों के सामने सिंचाई की समस्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से समस्या का शीघ्र समाधान कराने की मांग की है।
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गर्मी में तपती धरती के नीचे का जल भी सूखता जा रहा है। जिले में पहले से ही डार्क जोन घोषित चार ब्लॉकों इस्लामनगर, सहसवान, आसफपुर और अंबियापुर में तो अब पुराने लगे बोरिंग भी जवाब देने लगे हैं। इन ब्लॉकों के कई गांवों में भूजल 60 मीटर से भी नीचे पहुंच गया है। यहां नए बोरिंग पहले से ही प्रतिबंधित हैं। पुराने बोरिंगों को और गहराई में लगाने की जरूरत पड़ने से किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है।
लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एमसी सक्सेना बताते है कि डार्क जोन वाले इस्लामनगर, सहसवान, आसफपुर और अमियापुर ब्लाकों में किसानों की दिक्कतें लगातार बढ़ रही हैं। आमतौर पर कोई भी बोरिंग 31 से 60 मीटर तक गहरा होता है लेकिन इन ब्लॉकों में 60 मीटर से भी नीचे जलस्तर चले जाने से स्थिति बिगड़ने लगी है। प्रदेश सरकार की नि:शुल्क बोरिंग योजना में लगने वाले बोरिंग भी मानकों की वजह से नहीं लग पा रहे हैं। वजह यह है कि नि:शुल्क बोरिंग योजना में अधिकतम 60 मीटर गहरा बोरिंग करने का प्रावधान है लेकिन जिले के जिन ब्लॉकों में पानी का स्तर काफी नीचे पहुंच चुका है, उनमें नि:शुल्क बोरिंग लगना मुश्किल हो रहा है।
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बिजली कनेक्शन भी नहीं हो पा रहे
बिल्सी। विकास खंड अंबियापुर क्षेत्र के गांव बरनी ढकपुरा निवासी एवं भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के तहसील प्रभारी ऋषिदेव जी,धीरजसिंह, वीरेंद्रपाल, रामपालसिंह, ओमवीर, अशोककुमार, रामदास, रविंद्रसिंह, हरगोविंद, शिवचरन, रामेश्वरी, रामपाल, अंतराम सिंह, बादशाह, सेवाराम, रक्षपाल, रायसिंह आदि ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में कहा कि पिछले कई वर्षों से अंबियापुर ब्लॉक डार्क जोन में चल रहा है। इसके कारण किसानों को सिंचाई के लिए नलकूपों के बिजली कनेक्शन नहीं हो पा रहे हैं। इससे किसानों के सामने सिंचाई की समस्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से समस्या का शीघ्र समाधान कराने की मांग की है।
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