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दुष्कर्मी और हत्यारों को मिलनी चाहिए थी यही सजा

Sat, 07 Dec 2019 02:15 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 07 Dec 2019 02:15 AM IST
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rape
बदायूं। हैदराबाद में पशु चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद की गई नृशंस हत्या के आरोपियों का शुक्रवार को पुलिस द्वारा किए गए एनकाउंटर लेकर लोग खुश हैं। उनका कहना है कि महिलाओं के साथ दरिंदगी करने वालों को ऐसी ही सजा मिलनी चाहिए ताकि फिर कोई हैवान ऐसी घिनौनी हरकत करने की कोशिश तक न कर सके। कहा, तेलंगाना की पुुलिस ने इन दुष्कर्मियों के साथ जो किया ऐसे लोगों को एक संदेश जरूर जाएगा।
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हैदराबाद में हुई इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। हर कोई आरोपियों को चौराहे पर जान से मारने की मांग कर रहा था। लोगों का साफ कहना था कि ऐसे दरिंदे कानून का सहारा लेकर बचने की हरसंभव कोशिश करते हैं। जब यह साफ हो जाता है कि इन्हीं वहशी दरिंदों ने ऐसी घटना को अंजाम दिया है तो निश्चित तौर पर उन्हें जनता के हवाले कर देना चाहिए। तेलंगाना पुलिस ने शुक्रवार को जो कुछ करके दिखाया है, वह बड़ा काम है।
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कटरा सआदतगंज कांड भी काफी रहा चर्चाओं में
- जिस तरह हैदराबाद के इस कांड ने पूरे देश की जनता को हिलाकर रख दिया था, ठीक उसी तरह जिले के थाना उसहैत क्षेत्र के गांव कटरा सआदतगंज में कई साल पहले हुई एक नृशंस घटना से केंद्र और राज्य की सरकारें हिल गईं थीं। दो बहनों को मारने के बाद पेड़ पर लटका दिया गया था। हालांकि इस बात का ज्यादा शोर मचा था कि दोनों बहनों को दुष्कर्म के बाद मारकर पेड़ पर लटकाया गया था। देश ही नहीं दुनिया के कई देशों की मीडिया ने भी इस मामले को उठाया था। कटरा कांड को लेकर फिल्म भी बनाई गई है।
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मूसाझाग थाने में पुलिस वालों ने किया था किशोरी से रेप
-जिले के थाने मूसाझाग में कई साल पहले पुलिस वालों ने एक किशोरी को पकड़कर ले जाने के बाद उससे दुष्कर्म किया। इस चर्चित मामले में दो सिपाहियों को शासन ने बर्खास्त कर दिया था। दोनों जेल भी गए। इस घटना से पुलिस की काफी फजीहत हुई थी।
निर्भया कांड में भी शामिल था बदायूं का नाबालिग
-दिल्ली के चर्चित निर्भया कांड की भी गूंज पूरे देश में रही थी। इस घटना के विरोध में जनता सड़कों पर आ गई थी। बता दें कि इस चर्चित घटना में बदायूं जिले के थाना इस्लामनगर क्षेत्र का रहने वाले एक नाबालिग भी शामिल था, जिसने पीड़िता के साथ सबसे ज्यादा बर्बर व्यवहार किया था।
- हैदराबाद पुलिस ने जिस तरह इन चारों आरोपियों को एनकाउंटर के जरिये मार गिराया, वो वास्तव में एक अच्छा कदम है। इससे इस तरह की घटनाएं करने वालों को सबक भी मिलेगा।
-गीता सिंह, शिक्षिका
-हैदराबाद में महिला डॉक्टर को मारने वालों को पुलिस ने जिस तरह मौत की नींद सुलाया वह अच्छा कदम है। चूंकि इस घटना को लेकर पूरे देश की जनता में आक्रोश और उबाल था। वहां की पुलिस की कार्रवाई बाकी राज्यों को भी नजीर बन सकेगी।
-संगीता रस्तोगी, शिक्षिका
हमारे नजरिये से देखा जाए तो पुलिस द्वारा ये जो फैसला लिया गया है, वह बेहतरीन है। पुलिस को चाहिए था कि ऐसे लोगों को सार्वजनिक रूप से जनता के हवाले कर देना चाहिए था। जनता उन्हें सार्वजनिक रूप से सजा देती तो अन्य लोगों को और ज्यादा अच्छा सबक मिलता।
-सरला चक्रवती, असिस्टेंट प्रोफेसर, गिंदो देवी महिला डिग्री कॉलेज
इस घटना में पुलिस की शुरूआत में लापरवाही रही थी। लेकिन उन्होंने इस तरह का कदम उठाकर सराहनीय काम किया है। पुलिस ने ऐसे लोगों के लिए कड़ा संदेश दिया है। अब कोई इस तरह की हरकत करने से पहले कई बार सोचेगा।
डॉ. रूपम, असिस्टेंट प्रोफेसर, एनएमएसएन दास डिग्री कॉलेज
ऐसे लोगों को तो चौराहे पर फांसी पर लटकाकर मारना चाहिए, ताकि अन्य लोगों को इससे सबक मिल सके। क्योंकि ऐसे लोग को सिर्फ और सिर्फ एकमात्र सजा मौत है।
-कृतिका मौर्य, छात्रा बीए द्वितीय वर्ष
हैदराबाद पुलिस का ये सराहनीय कदम है। यूपी पुलिस को भी इससे सबक लेना चाहिए। ताकि यूपी मेें भी ऐसी कोई घटना नहीं हो पाए। क्योंकि अगर पुलिस सख्त होगी, तो कोई भी व्यक्ति इस तरह की हरकत नहीं कर सकेगा।
-पूजा, छात्रा बीए द्वितीय वर्ष
मानवता की दृष्टि से पुलिस का फैसला सही है, लेकिन अगर पुलिस द्वारा जो प्रक्रिया अपनायी गई है, उसमें कोई गलत है तो वह ठीक नहीं है।
ओमकार सिंह, पूर्व प्रदेश महासचिव कांग्रेस
यूपी पुलिस को हैदराबाद पुलिस से सीख लेनी चाहिए। जिस तरह से हैदराबाद पुलिस काम कर रही है, उससे अपराधी के अंदर भय बना रहेगा। ताकि आगे वह इस तरह की घटना नहीं कर सकें।

लाखन सिंह, जिलाध्यक्ष बसपा
कानून व्यवस्था पूरी से ध्वस्त है। सजा देना, किसी को मारना तो एक प्रक्रिया है, लेकिन केंद्र और प्रदेश की सरकार अभी लोगों को भय मुक्त समाज नहीं दे पा रही है। अभी भी महिला, बच्चियां घरों से बाहर निकलने में डर रही है।
-अशीष यादव, जिलाध्यक्ष सपा
दोषियों को इसी तरह की सजा मिलनी चाहिए। ताकि आने वाले समय में लोग इस तरह की पुनरावृत्ति न कर सकें। और ऐसे लोगों को अपनी मानसिकता में सुधार लाना चाहिए।
-सुधीर श्रीवास्तव, जिला महामंत्री, भाजपा
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