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Budaun News: सड़क पर आया रामगंगा का पानी, वाहनों की जगह चल रही नाव
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नगरिया खनू से लालपुर खादर के बीच सड़क पर भरे बाढ़ के पानी से होकर निकलती नाव। संवाद
दातागंज। नगरिया खनू से लालपुल खादर और हजरतपुर से गढ़िया रंगीन मार्ग पर पानी भर जाने की वजह से रविवार को आवागमन पूरी तरह से प्रभावित रहा। लोगों को परेशानी से बचाने के लिए प्रशासन को वहां पर नाव लगानी पड़ी, जिसके सहारे लोग सड़क पार कर सके। सड़क पर जलभराव होने से 10 गांव के करीब तीन हजार लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा।
कुछ दिन शांत रहने के बाद एक बार फिर रामगंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। रविवार को जलस्तर बढ़कर 160.360 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से नगरिया खनू से लालपुल खादर रोड पर कुंडरा मजरा, जलेबी नगला, नगला नत्थू सिंह, नगला देवेंद्र सिंह आदि गांव के लोग गांव में कैद होकर रह गए।
वहीं, हजरतपुर से गढ़िया रंगीन मार्ग पर जलभराव होने से पट्टी बिजा, नवादा बदन, शेरपुर, पैगमंबरपुर आदि ग्रामीणों को आने-जाने में काफी परेशानी हुई। रामगंगा का पानी खेतों से होते हुए सड़क तक पहुंच गया। ऐसे में गांव में आने-जाने के लिए अब लोगाें को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इन गांव में करीब तीन हजार की आबादी पूरी तरह से प्रभावित है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और महिलाओं को हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तेजी के साथ रामगंगा का जलस्तर बढ़ रहा है अगर यही हालात रहे तो एक-दो दिनों में क्षेत्र के कई गांव टापू में भी तब्दील हो जाएंगे।
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खतरे के निशान से ऊपर बह रही रामगंगा, अभी और बढ़ सकता है जलस्तर
पहाड़ों पर होने वाली बारिश का असर रामगंगा नदी में देखने को मिल रहा है। जिले से होकर निकल रही रामगंगा का जलस्तर इन दिनों खतरे के निशान को पार कर चुका है। बाढ़ खंड के मुताबिक, रविवार को कछला में रामगंगा का गेज 162.40 मीटर दर्ज किया गया गया, जो खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर है। रविवार को नरौरा बैराज से 162668 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, इससे रामगंगा का जलस्तर और बढ़ने की उम्मीद है।
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कुछ दिन शांत रहने के बाद एक बार फिर रामगंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। रविवार को जलस्तर बढ़कर 160.360 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से नगरिया खनू से लालपुल खादर रोड पर कुंडरा मजरा, जलेबी नगला, नगला नत्थू सिंह, नगला देवेंद्र सिंह आदि गांव के लोग गांव में कैद होकर रह गए।
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वहीं, हजरतपुर से गढ़िया रंगीन मार्ग पर जलभराव होने से पट्टी बिजा, नवादा बदन, शेरपुर, पैगमंबरपुर आदि ग्रामीणों को आने-जाने में काफी परेशानी हुई। रामगंगा का पानी खेतों से होते हुए सड़क तक पहुंच गया। ऐसे में गांव में आने-जाने के लिए अब लोगाें को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इन गांव में करीब तीन हजार की आबादी पूरी तरह से प्रभावित है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और महिलाओं को हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तेजी के साथ रामगंगा का जलस्तर बढ़ रहा है अगर यही हालात रहे तो एक-दो दिनों में क्षेत्र के कई गांव टापू में भी तब्दील हो जाएंगे।
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खतरे के निशान से ऊपर बह रही रामगंगा, अभी और बढ़ सकता है जलस्तर
पहाड़ों पर होने वाली बारिश का असर रामगंगा नदी में देखने को मिल रहा है। जिले से होकर निकल रही रामगंगा का जलस्तर इन दिनों खतरे के निशान को पार कर चुका है। बाढ़ खंड के मुताबिक, रविवार को कछला में रामगंगा का गेज 162.40 मीटर दर्ज किया गया गया, जो खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर है। रविवार को नरौरा बैराज से 162668 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, इससे रामगंगा का जलस्तर और बढ़ने की उम्मीद है।

नगरिया खनू से लालपुर खादर के बीच सड़क पर भरे बाढ़ के पानी से होकर निकलती नाव। संवाद