फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   ramdhara school

चाहे जहां ढूंढो, पर नहीं मिलेगा रामधारा स्कूल!

Thu, 19 Feb 2015 08:27 PM IST
ujani
ujani Updated Thu, 19 Feb 2015 08:27 PM IST
विज्ञापन
ramdhara school
रामधारा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय। यह नाम है एक ऐसे स्कूल का जो अभिलेखों में शिक्षा विभाग में दर्ज है। हाईस्कूल के 47 छात्र और छात्रा पंजीकृत हैं। उनका सेंटर एमजीपी और हरविलास गोयल इंटर कॉलेज बना, लेकिन सेंटर वाले कॉलेजों को दिक्कत तो तब हुई जब उन्हें संख्या सूचक चक्र ही मुहैया नहीं कराया गया। संख्या सूचक चक्र हासिल करने के लिए परीक्षा केंद्र से जुड़े प्रधानाचार्यों ने पूरा इलाका खंगाल मारा, लेकिन उन्हें रामधारा स्कूल नहीं मिला।
विज्ञापन

माध्यमिक शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाले रामधारा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को लेकर पिछले दो-तीन साल से पसोपेश का माहौल है। स्कूल भवन कहां है, यह तो नहीं पता लेकिन इतना जरूर मान लें कि रामधारा में हाईस्कूल के पंजीकृत छात्र-छात्राओं की संख्या 47 है। इनमें से 41 छात्रों का सेंटर हरविलास गोयल इंटर कॉलेज और छह छात्राओं का परीक्षा केंद्र एमजीपी कॉलेज को बनाया गया है। बोर्ड ने परीक्षार्थियों के नाम और रोल नंबर की लिस्ट दोनों परीक्षा केंद्रों को मुहैया करा दी, लेकिन रामधारा स्कूल की ओर से परीक्षा केंद्राें को संख्या सूचक चक्र नहीं सौंपा गया।
विज्ञापन

बता दें कि  रामधारा विद्यालय संजरपुर रोड पर जिला उद्योग केंद्र के मिनी औद्योगिक आस्थान के भवन को कब्जा करके शुरू किया गया था। करीब छह साल पहले प्रशासन ने भवन को कब्जा मुक्त करा लिया तब से इलाके में रामधारा विद्यालय के नाम से कहीं पर कुछ भी नजर नहीं आता। वैसे, रामधारा में हाईस्कूल की पंजीकृत संख्या 47 है। पहले दिन ही दोनों परीक्षा केंद्र पर 37 स्टूडेंट्स परीक्षा देने नहीं पहुंचे। सूत्रों की मानें तो एक मर्तबा तो रामधारा को परीक्षा केंद्र भी घोषित कर दिया गया था, लेकिन बाद में केंद्र निरस्त कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


परीक्षा केंद्र से प्रधानाचार्य भी परेशान
उझानी। रामधारा स्कूल के बारे में एमजीपी कॉलेज के प्रधानाचार्य वाईके सिंह और हरविलास गोयल इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल गोपाल शर्मा कहते हैं कि संख्या सूचक चक्र को लेकर वह खुद कई स्थानों पर गए, लेकिन न तो स्कूल प्रबंधन से संपर्क हो पाया और न ही अभिलेखों में दर्ज प्रधानाचार्य निशा राठौर से बात हो पाई। उन्होंने डीआईओएस को भी पूरे मामले से अवगत करा दिया है।


रामधारा उच्चतर विद्यालय का मामला उनके संज्ञान में उसी वक्त से है जब उन्होंने बदायूं में कार्यभार संभाला था। उसकी मान्यता रद्द कराने के लिए वह खुद भी शासन को लिख चुकी हैं लेकिन अभी तक कोई निर्देश नहीं मिला है। -वीना यादव, डीआईओएस, बदायूं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed