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Budaun News: यात्रियों पर पड़ने वाली बारिश की बूंदें दिखा रही बदइंतजामी
Sun, 07 Jul 2024 05:52 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 07 Jul 2024 05:52 AM IST
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रोडवेज बस अड्डे के यात्री सेट की नही है छत छाता लगाकर खड़े यात्री। संवाद
बदायूं। रोडवेज बस अड्डे पर यात्री सुविधाओं का अभाव है। यहां पर जलभराव व बारिश से बचने के लिए छत तक ठीक नहीं है। जबकि, यहां से प्रतिदिन करीब 25 लाख रुपये की राजस्व प्राप्ति होती है।
यह हाल शहर के उस अड्डे का है, जिससे होकर 24 घंटे में 300 बस सेवाएं संचालित हो रही हैं। दिन में करीब 20 से 25 हजार यात्रियों का आवागमन रहता है। बस सेवाओं के जरिये निगम को करीब 20 से 25 लाख रुपये प्रतिदिन की आमदनी होती है।
दूसरी बड़ी समस्या बस अड्डे पर जलभराव की है। मार्च से मई तक जिम्मेदार जागे होते तो जून और जुलाई की बारिश में यात्री चोट खाने से बच जाते। बस अड्डा परिसर में शुक्रवार को कई स्थानों पर जलभराव था। अगर किसी महिला के साथ छोटे-छोटे बच्चे और बैग व अन्य सामान है, तो उसका सुरक्षित बस तक पहुंच पाना मुश्किल है क्योंकि परिसर में कई हिस्से जलमग्न हैं।
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मैं दिल्ली जाने के लिए बस अड्डे आया। बारिश हो रही थी। यात्री शेड सहारा बनता पर वहां छत गायब थी। इसलिए पड़ोस में पन्नी के नीचे खड़े होकर खुद को भीगने से बचाया।
राज, नारायन नगला निवासी, बदायूं
मैं अपने दो छोटे बच्चों और सामान के साथ बस अड्डे में पहुंची। जल भराव के हालात देखकर समझ में नहीं आ रहा था कि बस तक कैसे पहुंचे। शेड की छत न होने की वजह से छाता लगाकर खड़े होना पड़ा।
किरन, यात्री, निवासी, बदायूं
अगर बारिश से पहले शेड ठीक कराया होता तो यात्रियों को इस तरह परेशान न होना पड़ता। अधिकारी और जनप्रतिनिधि सब देखकर निकल जाते हैं। हम जैसे यात्री मुसीबत झेल रहे हैं।
बृजेश शर्मा, यात्री, चौधरी सराय, नई बस्ती, बदायूं
- रोडवेज बस अड्डे का नए सिरे से निर्माण होगा, जिससे इसकी मरम्मत नहीं हो पा रही है। हम इसके बारे में उच्चाधिकारियों से बात करते हैं। यहां की सभी समस्याओं को दूर करने की कोशिश की जाएगी।
- अजय कुमार सिंह, एआरएम
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यह हाल शहर के उस अड्डे का है, जिससे होकर 24 घंटे में 300 बस सेवाएं संचालित हो रही हैं। दिन में करीब 20 से 25 हजार यात्रियों का आवागमन रहता है। बस सेवाओं के जरिये निगम को करीब 20 से 25 लाख रुपये प्रतिदिन की आमदनी होती है।
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दूसरी बड़ी समस्या बस अड्डे पर जलभराव की है। मार्च से मई तक जिम्मेदार जागे होते तो जून और जुलाई की बारिश में यात्री चोट खाने से बच जाते। बस अड्डा परिसर में शुक्रवार को कई स्थानों पर जलभराव था। अगर किसी महिला के साथ छोटे-छोटे बच्चे और बैग व अन्य सामान है, तो उसका सुरक्षित बस तक पहुंच पाना मुश्किल है क्योंकि परिसर में कई हिस्से जलमग्न हैं।
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मैं दिल्ली जाने के लिए बस अड्डे आया। बारिश हो रही थी। यात्री शेड सहारा बनता पर वहां छत गायब थी। इसलिए पड़ोस में पन्नी के नीचे खड़े होकर खुद को भीगने से बचाया।
राज, नारायन नगला निवासी, बदायूं
मैं अपने दो छोटे बच्चों और सामान के साथ बस अड्डे में पहुंची। जल भराव के हालात देखकर समझ में नहीं आ रहा था कि बस तक कैसे पहुंचे। शेड की छत न होने की वजह से छाता लगाकर खड़े होना पड़ा।
किरन, यात्री, निवासी, बदायूं
अगर बारिश से पहले शेड ठीक कराया होता तो यात्रियों को इस तरह परेशान न होना पड़ता। अधिकारी और जनप्रतिनिधि सब देखकर निकल जाते हैं। हम जैसे यात्री मुसीबत झेल रहे हैं।
बृजेश शर्मा, यात्री, चौधरी सराय, नई बस्ती, बदायूं
- रोडवेज बस अड्डे का नए सिरे से निर्माण होगा, जिससे इसकी मरम्मत नहीं हो पा रही है। हम इसके बारे में उच्चाधिकारियों से बात करते हैं। यहां की सभी समस्याओं को दूर करने की कोशिश की जाएगी।
- अजय कुमार सिंह, एआरएम