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उझानी स्टेशन पर गुड्स लाइन तक बनेगा फुट ओवरब्रिज, प्रस्ताव मंजूर
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उझानी (बदायूं)। पूर्वोत्तर रेलवे की बरेली-कासगंज ब्रॉडगेज लाइन पर चल रहे विद्युतीकरण कार्य के बीच एक और अच्छी खबर आई है। बदायूं समेत आसपास इलाके में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए रेलवे ने मालगाड़ियों की रैक लोडिंग-अनलोडिंग के लिए उझानी स्टेशन को चुना है। मालगोदाम के विस्तार से लेकर माल को सुरक्षित रखने की सुविधा मुहैया कराने की दिशा में लोडिंग-अनलोडिंग स्थल पर गुड्स शेड की कवायद ने रफ्तार पकड़ ली है। प्लेटफार्म और रैक स्थल के बीच फुट ओवरब्रिज बनेगा।
रेलवे स्टेशन पर इस साल लोडिंग और अनलोडिंग के लिए पहुंचने वाली मालगाड़ियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। यहां से शीरा, मक्का, गेहूं और बाजरा की रैक की लोडिंग होती रही है। अनलोडिंग के लिए पहुंचने वाली रैक में सर्वाधिक यूरिया और डीएपी है। यूरिया और डीएपी की सप्लाई बदायूं जिले के अलावा कासगंज और संभल के लिए पहुंचती है। रैक की लोडिंग और अनलोडिंग बढ़ने के बाद ही स्थानीय स्तर से रैक स्थल पर गुड्स शेड और प्लेटफार्म-रैक स्थल के बीच फुट ओवरब्रिज का प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा गया था। गुड्स शेड का प्रस्ताव अभी पास नहीं हुआ है लेकिन पिछले दिनों फुट ओवरब्रिज को मंजूरी प्रदान कर दी गई। प्रस्ताव मालगाड़ियों के लिए एक और लाइन का भी था। फिलहाल उसे स्वीकृत नहीं किया गया है। बता दें कि मालगोदाम बदायूं स्टेशन पर भी है लेकिन वहां स्थान काफी कम होने की वजह से रैक की लोडिंग-अनलोडिंग नहीं हो सकती। बरेली सिटी से लेकर कासगंज सिटी तक किसी भी स्टेशन पर यहां के मुकाबले पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। इसीलिए रेलवे ने रैक को लेकर स्थानीय स्टेशन को ही चुना था। जल्द ही फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य भी शुरू हो सकता है।
...पर मालगाड़ियों की मैनुअल शंटिंग से खतरा बरकरार
लोडिंग और अनलोडिंग के लिए जो मालगाड़ियां यहां स्टेशन पर पहुंचती है, उन्हें गुड्स चबूतरे से सटी चौथी लाइन पर रोका जाता है। ट्रैकर गुड्स लाइन पर सिग्नल की सुविधा नहीं होने की वजह से उनकी शंटिंग के लिए स्टेशन मास्टर को मैनुअल व्यवस्था का सहारा लेना पड़ता है। बाकी की तीनों लाइनें इलेक्ट्रानिक सिग्नल सिस्टम से जुड़ी हैं। चौथी लाइन पर मालगाड़ी को लेने के लिए रेलवे कर्मियों को झंडी दिखाकर आगे बढ़ाना होता है। ऐसे में हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। कभी-कभी तो मालगाड़ियों की शंटिंग के फेर में सवारी गाड़ियां भी पड़ जाती हैं। आउटर पर ही सवारी गाड़ियां रोके जाने से लेट हो जाती हैं।
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यहां रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज बनने के बाद यात्रियों को भी फायदा होगा। अक्सर दूसरे छोर से पहुंचने वाले यात्री लाइन से होकर ही निकल आते हैं। गुड्स चबूतरे तक व्यापारी और मजदूरों को भी दिक्कत होती है। अफसर भी सुविधाओं में इजाफा करना चाहते हैं।
- चंद्रभूषण सिंह, स्टेशन अधीक्षक
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रेलवे स्टेशन पर इस साल लोडिंग और अनलोडिंग के लिए पहुंचने वाली मालगाड़ियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। यहां से शीरा, मक्का, गेहूं और बाजरा की रैक की लोडिंग होती रही है। अनलोडिंग के लिए पहुंचने वाली रैक में सर्वाधिक यूरिया और डीएपी है। यूरिया और डीएपी की सप्लाई बदायूं जिले के अलावा कासगंज और संभल के लिए पहुंचती है। रैक की लोडिंग और अनलोडिंग बढ़ने के बाद ही स्थानीय स्तर से रैक स्थल पर गुड्स शेड और प्लेटफार्म-रैक स्थल के बीच फुट ओवरब्रिज का प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा गया था। गुड्स शेड का प्रस्ताव अभी पास नहीं हुआ है लेकिन पिछले दिनों फुट ओवरब्रिज को मंजूरी प्रदान कर दी गई। प्रस्ताव मालगाड़ियों के लिए एक और लाइन का भी था। फिलहाल उसे स्वीकृत नहीं किया गया है। बता दें कि मालगोदाम बदायूं स्टेशन पर भी है लेकिन वहां स्थान काफी कम होने की वजह से रैक की लोडिंग-अनलोडिंग नहीं हो सकती। बरेली सिटी से लेकर कासगंज सिटी तक किसी भी स्टेशन पर यहां के मुकाबले पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। इसीलिए रेलवे ने रैक को लेकर स्थानीय स्टेशन को ही चुना था। जल्द ही फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य भी शुरू हो सकता है।
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...पर मालगाड़ियों की मैनुअल शंटिंग से खतरा बरकरार
लोडिंग और अनलोडिंग के लिए जो मालगाड़ियां यहां स्टेशन पर पहुंचती है, उन्हें गुड्स चबूतरे से सटी चौथी लाइन पर रोका जाता है। ट्रैकर गुड्स लाइन पर सिग्नल की सुविधा नहीं होने की वजह से उनकी शंटिंग के लिए स्टेशन मास्टर को मैनुअल व्यवस्था का सहारा लेना पड़ता है। बाकी की तीनों लाइनें इलेक्ट्रानिक सिग्नल सिस्टम से जुड़ी हैं। चौथी लाइन पर मालगाड़ी को लेने के लिए रेलवे कर्मियों को झंडी दिखाकर आगे बढ़ाना होता है। ऐसे में हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। कभी-कभी तो मालगाड़ियों की शंटिंग के फेर में सवारी गाड़ियां भी पड़ जाती हैं। आउटर पर ही सवारी गाड़ियां रोके जाने से लेट हो जाती हैं।
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यहां रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज बनने के बाद यात्रियों को भी फायदा होगा। अक्सर दूसरे छोर से पहुंचने वाले यात्री लाइन से होकर ही निकल आते हैं। गुड्स चबूतरे तक व्यापारी और मजदूरों को भी दिक्कत होती है। अफसर भी सुविधाओं में इजाफा करना चाहते हैं।
- चंद्रभूषण सिंह, स्टेशन अधीक्षक