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अवैध बूचड़खानों की पकड़ को की गई छापेमारी
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Mon, 20 Mar 2017 11:44 PM IST
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ककराला, शेखूपुर, रमजानपुर समेत कई स्थानों पर दबिश
मांस के अवैध कारोबार को बदनाम हैं जिले के कई स्थान
सूबे में बदले निजाम का असर जिले में दिखने लगा है। जिले में कई स्थानों पर पुलिस ने अवैध बूचड़खानों के खिलाफ छापेमारी की। सोमवार को अलापुर थाने की ककराला चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह ने कई मोहल्लों में छापेमारी की। इधर, सिविल लाइंस थाने की शेखूपुर चौकी इंचार्ज राजीव कुमार ने भी शेखूपुर में छापेमारी की। सहसवान में इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह ने फोर्स के साथ कई मोहल्लों में छापेमारी की। हालांकि, छापामारी के दौरान किसी भी स्थान पर पुलिस बूचड़खाना पकड़ने में नाकाम रही।
गोवंशीय पशुओं की तस्करी, वध और मांस सप्लाई को लेकर बदायूं काफी बदनाम है। यहां गोवंशीय पशुओं की तस्करी के कई बड़े मामले भी सामने आ चुके हैं। कई बार तस्करों ने पुलिस पर भी कातिलाना हमला किया है। तमाम स्थानों पर चोरी-छिपे अवैध बूचड़खाने भी चल रहे हैं। सूबे में सत्ता परिवर्तन होने के बाद पुलिस की सख्ती दिखने लगी है।
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मांस के अवैध कारोबार को बदनाम हैं जिले के कई स्थान
सूबे में बदले निजाम का असर जिले में दिखने लगा है। जिले में कई स्थानों पर पुलिस ने अवैध बूचड़खानों के खिलाफ छापेमारी की। सोमवार को अलापुर थाने की ककराला चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह ने कई मोहल्लों में छापेमारी की। इधर, सिविल लाइंस थाने की शेखूपुर चौकी इंचार्ज राजीव कुमार ने भी शेखूपुर में छापेमारी की। सहसवान में इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह ने फोर्स के साथ कई मोहल्लों में छापेमारी की। हालांकि, छापामारी के दौरान किसी भी स्थान पर पुलिस बूचड़खाना पकड़ने में नाकाम रही।
गोवंशीय पशुओं की तस्करी, वध और मांस सप्लाई को लेकर बदायूं काफी बदनाम है। यहां गोवंशीय पशुओं की तस्करी के कई बड़े मामले भी सामने आ चुके हैं। कई बार तस्करों ने पुलिस पर भी कातिलाना हमला किया है। तमाम स्थानों पर चोरी-छिपे अवैध बूचड़खाने भी चल रहे हैं। सूबे में सत्ता परिवर्तन होने के बाद पुलिस की सख्ती दिखने लगी है।
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