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बदायूं: नहीं रहे रहनुमा-ए-मिल्लत हाजी मुमताज मियां, ककराला में होगा सुपुर्द-ए-खाक
Thu, 16 Sep 2021 03:38 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Thu, 16 Sep 2021 03:38 PM IST
सार
70 वर्षीय हाजी मुमताज मियां दो दिन पहले ही ककराला से बरेली शाह शराफत मियां दरगाह में पहुंचे थे। गुरुवार दोपहर को तबीयत बिगड़ने से उनका बरेली में निधन हो गया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
शाह सकलैन अकादमी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और रहनुमा-ए-मिल्लत हाजी मुमताज मियां का गुरुवार दोपहर बरेली में निधन हो गया। मुमताज मियां ककराला के मूल निवासी और बरेली की दरगाह शाह शराफत मियां के सज्जादानशीन हजरत शाह सकलैन मियां के छोटे भाई थे। उनका शव देर शाम ककराला लाया गया। शुक्रवार सुबह उन्हें सुपुर्देखाक किया जाएगा। उनके निधन की खबर से काफी संख्या में लोग ककराला पहुंच गए। पुलिस प्रशासन भी व्यवस्थाओं में लगा रहा।
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70 वर्षीय हाजी मुमताज मियां दो दिन पहले ही ककराला से बरेली शाह शराफत मियां दरगाह में पहुंचे थे। गुरुवार दोपहर को तबीयत बिगड़ने से उनका बरेली में निधन हो गया। निधन की खबर बहुत तेजी से देश भर में फैले उनके मुरीदों में फैल गई। दूरदराज के अकीदतमंदों ने दरगाह पर फोन करके ग़म का इजहार किया। आसपास के मुरीदों ने बरेली दरगाह पर जाकर उनका आखिरी दीदार किया।
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उधर, उनके ककराला स्थित पैतृक आवास पर खबर सुनते ही लोगों का हुजूम लग गया। सभी उनका शव आने का इंतजार करने लगे। शाम पांच बजे उनका शव बरेली से ककराला लाया गया। इसके बाद से उनके आखिरी दीदार करने वालों का आवास पर तांता लगा है। एडीएम प्रशासन, एसडीएम सदर लाल बहादुर, सीओ बलदेव सिंह, अधिशासी अधिकारी राम सिंह, प्रभारी निरीक्षक ओपी गौतम, राजस्व निरीक्षक नीरज चौहान, कैलाश गुप्ता आदि ने निवास पर पहुंचकर व्यवस्थाएं देखीं। शुक्रवार सुबह दस बजे ककराला मजार शरीफ पर उन्हें सुपुर्दे ख़ाक किया जाएगा।
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मेहमाननवाजी के लिए मशहूर थे, सियासी लोग लेते थे सलाह
हाजी मुमताज सकलैनी के किरदार की कई खासियत ककराला के लोगों की जुबां पर हैं। दरगाह और आवास पर जब कोई भी पहुंचता था तो वह बड़ी मोहब्बत से उसकी मेहमान नवाजी करते थे और हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखते थे। लोगों के दु:ख दर्द को अपना दर्द समझकर उसका हल निकालने में उन्हें महारथ थी। वहीं सियासत से जुड़े बड़े नेता और अधिकारी उनके आवास पर आकर महत्वपूर्ण मामलों में उनसे सलाह लेते थे।
तीन बेटे और तीन बेटी हैं परिवार में
हाजी मुमताज सकलैनी अपने बड़े भाई बरेली दरगाह शाह शराफत के सज्जादानशीन पीरो मुर्शिद हजरत शाह सकलैन मियां हुजूर के सबसे प्रिय थे। उनके छोटे भाई हाजी मुंतखब अहमद नूर सकलैनी हैं। मुमताज मियां के तीन बेटे इंतख़ाब अहमद सकलैनी, फैजयाब सकलैनी, मुस्तजाब सकलैनी व तीन बेटियां हैं।