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Budaun News: लोनिवि के अधिकारियों ने दोपहर में लगाए बैरियर, शाम हो हटाए
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बिसौली में शाहबाद भागीरथ घाट कछला मार्ग लगे बैरियर को हटाता मजदूर। संवाद
क्षतिग्रस्त प्राचीन पुल पर कुछ घंटे बंद रहा वाहनों को आवागमन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिसौली। शाहबाद-कछला मार्ग पर सोत नदी पर बने क्षतिग्रस्त प्राचीन पुल पर भारी और ओवरलोड वाहनों का आवागमन रोकने के लिए दोपहर में करीब एक बजे पीडब्ल्यू के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बैरियर लगवा दिए। इससे गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण की गति धीमी हो गई। इस पर एक्सप्रेस-वे और प्रशासनिक अधिकारियों की वार्ता के महज पांच घंटे बाद प्रशासनिक हस्तक्षेप पर बैरियर हटा दिए गए।
इस्लामनगर, बिल्सी, सहसवान मार्ग पर सोत नदी के ऊपर पांच दशक से अधिक समय से पुराना पुल बना हुआ है जो क्षतिग्रस्त हो रहा है। लोनिवि और सेतु निगम के अधिकारियों ने दो माह पूर्व स्थलीय निरीक्षण कर भारी वाहनों के आवागमन जारी रहने पर बड़े हादसे की आशंका जताते हुए मुख्य अभियंता को रिपोर्ट भेज दी थी।
इसके बाद 30 अगस्त को लोनिवि के अधिकारियों ने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को भारी आवागमन रोकने के लिए कदम उठाने को कहा था। ऐसे में प्रशासन औऱ एसडीएम ने डायवर्जन प्लान मांगने के नाम पर गेंद फिर से लोनिवि के पाले में डाल आवागमन जारी रखा।
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इसके बाद शुक्रवार को लोनिवि के अवर अभियंता की देखरेख में करीब एक बजे पुल के दोनों ओर भारी वाहनों का आवागमन रोकने के लिए बैरियर लगा दिए गए। जिससे एक्सप्रेस वे के निर्माण से जुड़े तमाम भारी वाहन जहां के तहां रुक गए। तीन घंटे की कशमकश के बाद प्रशासनिक हस्तक्षेप पर शाम को बैरियर हटा दिए गए और ओवरलोड भारी वाहनी का आवागमन जारी हो गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिसौली। शाहबाद-कछला मार्ग पर सोत नदी पर बने क्षतिग्रस्त प्राचीन पुल पर भारी और ओवरलोड वाहनों का आवागमन रोकने के लिए दोपहर में करीब एक बजे पीडब्ल्यू के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बैरियर लगवा दिए। इससे गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण की गति धीमी हो गई। इस पर एक्सप्रेस-वे और प्रशासनिक अधिकारियों की वार्ता के महज पांच घंटे बाद प्रशासनिक हस्तक्षेप पर बैरियर हटा दिए गए।
इस्लामनगर, बिल्सी, सहसवान मार्ग पर सोत नदी के ऊपर पांच दशक से अधिक समय से पुराना पुल बना हुआ है जो क्षतिग्रस्त हो रहा है। लोनिवि और सेतु निगम के अधिकारियों ने दो माह पूर्व स्थलीय निरीक्षण कर भारी वाहनों के आवागमन जारी रहने पर बड़े हादसे की आशंका जताते हुए मुख्य अभियंता को रिपोर्ट भेज दी थी।
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इसके बाद 30 अगस्त को लोनिवि के अधिकारियों ने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को भारी आवागमन रोकने के लिए कदम उठाने को कहा था। ऐसे में प्रशासन औऱ एसडीएम ने डायवर्जन प्लान मांगने के नाम पर गेंद फिर से लोनिवि के पाले में डाल आवागमन जारी रखा।
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इसके बाद शुक्रवार को लोनिवि के अवर अभियंता की देखरेख में करीब एक बजे पुल के दोनों ओर भारी वाहनों का आवागमन रोकने के लिए बैरियर लगा दिए गए। जिससे एक्सप्रेस वे के निर्माण से जुड़े तमाम भारी वाहन जहां के तहां रुक गए। तीन घंटे की कशमकश के बाद प्रशासनिक हस्तक्षेप पर शाम को बैरियर हटा दिए गए और ओवरलोड भारी वाहनी का आवागमन जारी हो गया।