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Budaun News: अफसरों से नजदीकियों का मिला फायदा... ऑडिट पर उठे सवाल

Mon, 30 Mar 2026 11:57 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Mon, 30 Mar 2026 11:57 PM IST
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Proximity to officials paid off... questions raised on audit
उझानी। बिजली उपकेंद्र की टाउन शाखा में 32 लाख रुपये से अधिक की रकम के गबन के आरोपी कैशियर मुनिंद्र पाल की स्थानीय स्तर के अधिकारियों से नजदीकियों का शोर मचा हुआ है। अफसरों से नजदीकी होने की वजह से कर्मचारी भी उससे दूरी बनाकर रहते थे। गबन का खुलासा हो जाने के बाद सवाल तो यह भी उठ रहा है कि पिछले साल 2025 मार्च में जब ऑडिट हुआ तो गोलमाल पकड़ में कैसे नहीं आया।
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गबन का आरोपी कैशियर मुनिंद्र पाल बिजली विभाग का कर्मचारी है। वह करीब तीन साल से बिजली बिल जमा करने का काम करता था। अलीगढ़ जिले का मूल निवासी कैशियर की उझानी में पहली बार तैनाती हुई थी। बताते हैं कि शुरूआत से ही उसने विभाग के स्थानीय स्तर के अधिकारियों में अपनी पैंठ बना ली। गबन का मामला सामने आने के बाद शोर इस बात को लेकर भी मचा रहा है कि पिछले साल विभागीय अधिकारियों ने राजस्व अभिलेखों का मिलान (ऑडिट) कराया तो सबकुछ ओके पाया गया था। अब, मई- 2024 से 16 मार्च- 2026 तक ऑडिट हुआ तो मामला पकड़ में आ गया।
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जानकार बताते हैं कि मार्च- 2025 के ऑडिट में गबन सामने नहीं आना भी अधिकारियों से उसकी नजदीकियों की ओर इशारा कर रहा है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि ऐसा नहीं हो सकता कि गड़बड़ी शुरूआत से ही नहीं हुई हो। इसे लेकर स्थानीय अधिकारी भी चुप्पी साधे बैठे हैं। सिर्फ रिपोर्ट दर्ज कराके ठोस कार्रवाई किए जाने से पल्लू झाड़ा जा रहा है। आला अधिकारी अगर बिंदुवार जांच कराते हैं तो कुछ और तथ्य भी सामने आ सकते हैं। आरोपी मुनिंद्र पाल का रहन-सहन भी रहीसों की तरह बताया गया है।
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रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी उपकेंद्र पर दिखा था आरोपी कैशियर
- करीब 32.72 लाख रुपये के गबन का आरोपी कैशियर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी उपकेंद्र परिसर में देखा गया था। ऑडिट के दौरान भी वह अधिकारियों के संपर्क में रहा। बिजली विभाग के अधिकारियों की स्थानीय स्तर की जांच में दोषी मान लिए जाने के बाद ही उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए कोतवाली पुलिस से संपर्क साधा गया था।
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