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चकबंदी प्रक्रिया को दोषयुक्त मानकर किया विरोध
अमर उजाला, बदायूं
Updated Sun, 17 Jan 2016 07:42 PM IST
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गांव वालों का कहना है कि चकबंदी प्रक्रिया में पैमाइश के दौरान उनको सूचित किया जाना चाहिए। लेकिन, चकबंदी कर्ताओं ने उनके साथ अन्याय किया है। इस मामले में उनका विरोध है और उच्चाधिकारियों तक अपना विरोध व्यक्त करेंगे। बताते हैं कि प्राथमिक स्कूल में चकबंदी कर्मचारियों ने कुछ लोगों को आकार पत्र-45 प्रदान किया था। इसके बाद जमीन की स्थिति देख ग्रामीणों ने गुस्से का इजहार किया।
इस मौके पर नत्थूलाल मौर्य, बाबूराम मौर्य, रूपेश मिश्रा, सुरेश कुमार, नेत्रपाल, साबिर, कुंदन आदि ने विरोध जताया है।
आकार पत्र-45 चकबंदी प्रक्रिया पूरी होने पर ही मिलता है। इसमें कुछ किसानों का यह कहना कि आकार पत्र-45 पहले मिलना चाहिए गलत है। चकबंदी प्रक्रिया संपूर्ण क्रियाओं के साथ पूरी हुई है। अगर, इस पर कोई आपत्ति है तो सक्षम न्यायालय से उसका निदान हो सकता है।
- भारत सिंह गंगवार, सीओ चकबंदी
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इस मौके पर नत्थूलाल मौर्य, बाबूराम मौर्य, रूपेश मिश्रा, सुरेश कुमार, नेत्रपाल, साबिर, कुंदन आदि ने विरोध जताया है।
आकार पत्र-45 चकबंदी प्रक्रिया पूरी होने पर ही मिलता है। इसमें कुछ किसानों का यह कहना कि आकार पत्र-45 पहले मिलना चाहिए गलत है। चकबंदी प्रक्रिया संपूर्ण क्रियाओं के साथ पूरी हुई है। अगर, इस पर कोई आपत्ति है तो सक्षम न्यायालय से उसका निदान हो सकता है।
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- भारत सिंह गंगवार, सीओ चकबंदी