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प्रमुख सचिव की हनक से अस्पताल चाक-चौबंद

Sat, 27 Jun 2015 11:49 PM IST
उझानी (बदायूं)
उझानी (बदायूं) Updated Sat, 27 Jun 2015 11:49 PM IST
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शनिवार को चाक-चौबंद नजर आया। चिकित्साधीक्षक समेत कभी-कभार अस्पताल पहुंचने वाले डॉक्टर भी मुस्तैद दिखे तो मरीजों के पलंग पर चादरें साफ-सुथरी मिलीं। यहां तक कि इमरजेंसी वार्ड की धुलाई करा दी गई थी। ऐसा सिर्फ इसलिए किया गया कि उझानी के रास्ते बदायूं की ओर गुजरे चिकित्सा-स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार कहीं अस्पताल की ओर रुख न कर लें।  
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अस्पताल परिसर में शुक्रवार शाम से ही व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद कराने की जिम्मेदारी सीएमओ डीके सक्सेना के साथ पहुंचे चिकित्साधीक्षक विश्वास कुमार अग्रवाल ने खुद ही संभाल ली थी। उसी वक्त उन्होंने गैरहाजिर रहने वाले डॉक्टरों को भी कॉल कर दी कि शनिवार को अस्पताल पहुंचना नहीं भूलें। इमरजेंसी बार्ड की धुलाई कर उसके बाहर वाटर कूलर भी रखवा दिया गया। ताकि प्रमुख सचिव को पहुंचने पर लगे कि मरीजों का वाकई ख्याल रखा जाता है। पिछले महीने से अस्पताल की ओर रुख नहीं करने वाले डॉ. विकास मिश्रा की मौजूदगी ने तो स्वास्थ्य कर्मियों को भी चौंका दिया।
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चाक-चौबंद व्यवस्थाओं पर चुटकी लेने में जहां स्वास्थ्य कर्मी पीछे नहीं रहे, वहीं मरीज भी उनसे दो कदम आगे यह कहते नजर आए कि प्रमुख सचिव रास्ते से गुजरने मात्र से जब सबकुछ ओके हो गया, उनके निरीक्षण का कार्यक्रम लग जाता तो एक महीना तक व्यवस्थाएं प्रभावित नहीं होतीं। बता दें कि सीएचपी पर पिछले कई दिनों से चिकित्साधीक्षक समेत कई डॉक्टरों की गैर मौजूदगी की वजह से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। एक दिन तो इकलौते डॉ. निरंजन सिंह भी बीमार पड़ गए थे। उस दिन मरीजों को बिना इलाज कराए लौटना पड़ा था।
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एंबुलेंस भी करा दी गई ठीक
उझानी। प्रमुख सचिव अरविंद कुमार के रास्ते से होकर गुजरने मात्र की हनक से चिकित्साधीक्षक ने जब शुक्रवार को आकर गौर किया तो उन्हें 108 नंबर की एंबुलेंस खराब मिली। प्राइवेट मैकेनिक को बुलाकर उसे देर रात तक ठीक करा दिया गया। 102 नंबर की एंबुलेंस सेवा भी दुरस्त दिखी। एक एंबुलेंस की चालक की मानें तो आठ दिन पहले उसने खराब एंबुलेंस की शिकायत की थी लेकिन उस वक्त गौर नहीं किया गया।

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