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बिजली संकट से मचा हाहाकार
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Fri, 03 Jun 2016 11:35 PM IST
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बिजली
- फोटो : अमर उजाला
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शहर और ग्रामीण इलाकों की जनता में पनप रहा आक्रोश
गर्मी पूरे शबाब पर है। ऐसे में बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। शहर क्षेत्र में दस-बारह घंटे बिजली मिल रही है। ग्रामीण इलाकों का और भी बुरा हाल है। वहां बमुश्किल पांच-छह घंटे सप्लाई आ रही है। शहर के लोग मध्य रात्रि में एकमुश्त तीन-चार घंटे की कटौती से आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि अगर ये कटौती बंद न हुई तो आंदोलन करेंगे। जिलेभर के लोग बिजली समस्या से त्राहि-त्राहि कर रहे हैं।
लो वोल्टेज और निर्बाध आपूर्ति बनी समस्या
बिसौली में बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही व ठेकेदार की मनमानी के चलते बीते 20 मई को प्रारंभ होने वाला नया बिजली उपकेंद्र अभी तक शुरू नहीं हो सका है। विभागीय अधिकारी इसे 15 जून से पहले शुरू करने की कह रहे हैं।
यहां बता दें कि शासन ने एक साल पहले परवेजनगर पर बिजली उपकेंद्र बनाने को मंजूरी दी थी। इसके बाद से लगभग दो माह से बिजलीउपकेंद्र का निर्माण कार्य चल रहा है। ठेकेदार ने बेहद खराब निर्माण सामग्री से इमारत का निर्माण कराया है। इस इमारत में पीली ईंटों का उपयोग करने के साथ ही कम सरिया व सीमेंट का भी उपयोग किया गया है। बिजली उपकेंद्र का संचालन मई का प्रथम सप्ताह बताया जा रहा था लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 20 मई बताया था। इसी समय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कार्यक्रम लग गया लोगों ने इस बावत मुख्यमंत्री से शिकायत का मन बनाया तो विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि मुख्यमंत्री रिमोर्ट के द्वारा इस बिजलीघर का उद्घाटन कराया जा रहा है। लोग इस आशा में रुक गए लेकिन अभी तक बिजलीघर का प्रारंभ नहीं हो सका है।
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15 जून तक होगा चालू
बिसौली के अधिशासी अभियंता एससी सागर ने बताया कि 15 जून तक परवेजनगर पर बन रहा बिजली उपकेंद्र प्रारंभ होकर बिजली देना चालू कर देगा।
बिजली आपूर्ति न मिलने से सिंचाई प्रभावित
कदारचौक में क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मक्का और मूंगफली के अलावा पालेज की भी खेती की जाती है। भूड़ क्षेत्र में पंपसेट फेल हो चुके हैं। सिंचाई का एक मात्र साधन ट्यूबवेल ही बचा है। किसान दोहरी मार का शिकार हो रहा है। बिजली समस्या को लेकर प्रधानों के संगठन ने क्षेत्रीय सत्ताधारी नेताओं से भी शिकायत की। उपकेंद्र पर शेड्यूल के मुताबिक 14 घंटे की सप्लाई आनी तय है लेकिन लगातार सात घंटे की कटौती हो रही है। लोकल फाल्ट होने से भी बाधा रहती है। लोड अधिक होने के कारण सब स्टेशन से तीसरे दिन बिजली मिल रही है। बिजली भी खेत तक पानी पहुंचने से पहले ही चली जाती है। 18 मई से 30 मई तक के 271 घंटों में पावर सप्लाई मात्र 41 घंटे ही मिली है। 13 दिन में तीन दिन की भी बिजली नहीं मिल सकी।
उपकेंद्र के छह फीडरों पर चार लाइनमैन
कादरचौक के उपकेंद्र को छह फीडरों में बांट कर क्षेत्र मे बिजली सप्लाई दी जाती है। कागजों में तो आठ लाइनमैन हैं लेकिन बिजली उपकेंद्र पर चार ही कार्यरत हैं। इन्हें भी तीन माह से मानदेय नहीं मिला है। ठेकेदार कहां का है, इसमें भी बड़ा खेल हो रहा है। एसएसओ को भी पूरा वेतन नही मिलता है ना ही कोई उपकरण ही मिलते है। लाइनमैन को हेलमेट, प्लास, ग्लप्स, सेफ्टीबैल्ट, रस्सा, एसएसओ को जूता होने चाहिए लेकिन किसी लाइनमैन के पास कोई संसाधन नहीं होते है। ना ही कोई बीमा ही किया जाता है। जिससे कई बार दुर्घटना होती हैं। एक लाइनमैन लगभग 50 किमी की लाइन की जिम्मेदारी रखता है। बिजलीघर असरासी पर ही लाइनमैन हरीश शाक्य, घनेंद्र की मौत हो गई थी। राजकुमार सुरेंद्र पाल पप्पू रमेश सहित कई लाइन मैन करंट से विकलांग हो चुके है। एक्सईएन अतुल अग्रवाल ने बताया कि सभी उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं लेकर जानना चाहिए कि ठेकेदार पर इसकी जिम्मेदारी है। लाइनमैन को उपकरण उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।
चार-पांच घंटे ही मिल रही बिजली
जरीफनगर में गर्मियों के शुरुआती दौर से ही दहगवां क्षेत्र में बिजली की समस्या गंभीर हो गई है। क्षेत्र में बमुश्किल चार-पांच घंटे ही बिजली मिल पा रही है। कहीं-कहीं तो कई-कई दिन के लिए बिजली गुल हो जाती है। सबसे बदतर हाल तो क्षेत्र में सिंचाई को बने नलकूपों का है, बिजली के अभाव में ये महीनों से ठप पड़े हैं। मुफ्त सिंचाई की योजना बिजली के अभाव में औंधी पड़ी हुई है।
कटौती से परेशान किसान करेंगे आंदोलन
दहगवां में बिजली की कटौती से परेशान क्षेत्र के विभिन्न गांवों के किसानों ने विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने का एलान किया है।
दांदरा गांव निवासी महेश यादव ने अधिशासी अभियंता को पत्र भेज कर कहा है कि बिजली की दिन-रात कटौती से किसानों की फसलें चौपट हो रही हैं। गर्मी के कारण जीवन अस्त-व्यस्त है। नगरों में बिजली की व्यवस्था ठीक है, ग्रामीण क्षेत्रवासियों के साथ भेेदभाव किया जा रहा है। उनका कहना है कि बिजली सप्लाई में यदि सुधार नहीं हुआ तो किसान धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर गौरव कुमार, संजीव यादव, प्रदीपकुमार, कुलदीप सिंह, नरेंद्र यादव, मुनेंद्र यादव, विजय यादव, दानवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
गर्मी पूरे शबाब पर है। ऐसे में बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। शहर क्षेत्र में दस-बारह घंटे बिजली मिल रही है। ग्रामीण इलाकों का और भी बुरा हाल है। वहां बमुश्किल पांच-छह घंटे सप्लाई आ रही है। शहर के लोग मध्य रात्रि में एकमुश्त तीन-चार घंटे की कटौती से आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि अगर ये कटौती बंद न हुई तो आंदोलन करेंगे। जिलेभर के लोग बिजली समस्या से त्राहि-त्राहि कर रहे हैं।
लो वोल्टेज और निर्बाध आपूर्ति बनी समस्या
बिसौली में बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही व ठेकेदार की मनमानी के चलते बीते 20 मई को प्रारंभ होने वाला नया बिजली उपकेंद्र अभी तक शुरू नहीं हो सका है। विभागीय अधिकारी इसे 15 जून से पहले शुरू करने की कह रहे हैं।
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यहां बता दें कि शासन ने एक साल पहले परवेजनगर पर बिजली उपकेंद्र बनाने को मंजूरी दी थी। इसके बाद से लगभग दो माह से बिजलीउपकेंद्र का निर्माण कार्य चल रहा है। ठेकेदार ने बेहद खराब निर्माण सामग्री से इमारत का निर्माण कराया है। इस इमारत में पीली ईंटों का उपयोग करने के साथ ही कम सरिया व सीमेंट का भी उपयोग किया गया है। बिजली उपकेंद्र का संचालन मई का प्रथम सप्ताह बताया जा रहा था लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 20 मई बताया था। इसी समय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कार्यक्रम लग गया लोगों ने इस बावत मुख्यमंत्री से शिकायत का मन बनाया तो विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि मुख्यमंत्री रिमोर्ट के द्वारा इस बिजलीघर का उद्घाटन कराया जा रहा है। लोग इस आशा में रुक गए लेकिन अभी तक बिजलीघर का प्रारंभ नहीं हो सका है।
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15 जून तक होगा चालू
बिसौली के अधिशासी अभियंता एससी सागर ने बताया कि 15 जून तक परवेजनगर पर बन रहा बिजली उपकेंद्र प्रारंभ होकर बिजली देना चालू कर देगा।
बिजली आपूर्ति न मिलने से सिंचाई प्रभावित
कदारचौक में क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मक्का और मूंगफली के अलावा पालेज की भी खेती की जाती है। भूड़ क्षेत्र में पंपसेट फेल हो चुके हैं। सिंचाई का एक मात्र साधन ट्यूबवेल ही बचा है। किसान दोहरी मार का शिकार हो रहा है। बिजली समस्या को लेकर प्रधानों के संगठन ने क्षेत्रीय सत्ताधारी नेताओं से भी शिकायत की। उपकेंद्र पर शेड्यूल के मुताबिक 14 घंटे की सप्लाई आनी तय है लेकिन लगातार सात घंटे की कटौती हो रही है। लोकल फाल्ट होने से भी बाधा रहती है। लोड अधिक होने के कारण सब स्टेशन से तीसरे दिन बिजली मिल रही है। बिजली भी खेत तक पानी पहुंचने से पहले ही चली जाती है। 18 मई से 30 मई तक के 271 घंटों में पावर सप्लाई मात्र 41 घंटे ही मिली है। 13 दिन में तीन दिन की भी बिजली नहीं मिल सकी।
उपकेंद्र के छह फीडरों पर चार लाइनमैन
कादरचौक के उपकेंद्र को छह फीडरों में बांट कर क्षेत्र मे बिजली सप्लाई दी जाती है। कागजों में तो आठ लाइनमैन हैं लेकिन बिजली उपकेंद्र पर चार ही कार्यरत हैं। इन्हें भी तीन माह से मानदेय नहीं मिला है। ठेकेदार कहां का है, इसमें भी बड़ा खेल हो रहा है। एसएसओ को भी पूरा वेतन नही मिलता है ना ही कोई उपकरण ही मिलते है। लाइनमैन को हेलमेट, प्लास, ग्लप्स, सेफ्टीबैल्ट, रस्सा, एसएसओ को जूता होने चाहिए लेकिन किसी लाइनमैन के पास कोई संसाधन नहीं होते है। ना ही कोई बीमा ही किया जाता है। जिससे कई बार दुर्घटना होती हैं। एक लाइनमैन लगभग 50 किमी की लाइन की जिम्मेदारी रखता है। बिजलीघर असरासी पर ही लाइनमैन हरीश शाक्य, घनेंद्र की मौत हो गई थी। राजकुमार सुरेंद्र पाल पप्पू रमेश सहित कई लाइन मैन करंट से विकलांग हो चुके है। एक्सईएन अतुल अग्रवाल ने बताया कि सभी उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं लेकर जानना चाहिए कि ठेकेदार पर इसकी जिम्मेदारी है। लाइनमैन को उपकरण उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।
चार-पांच घंटे ही मिल रही बिजली
जरीफनगर में गर्मियों के शुरुआती दौर से ही दहगवां क्षेत्र में बिजली की समस्या गंभीर हो गई है। क्षेत्र में बमुश्किल चार-पांच घंटे ही बिजली मिल पा रही है। कहीं-कहीं तो कई-कई दिन के लिए बिजली गुल हो जाती है। सबसे बदतर हाल तो क्षेत्र में सिंचाई को बने नलकूपों का है, बिजली के अभाव में ये महीनों से ठप पड़े हैं। मुफ्त सिंचाई की योजना बिजली के अभाव में औंधी पड़ी हुई है।
कटौती से परेशान किसान करेंगे आंदोलन
दहगवां में बिजली की कटौती से परेशान क्षेत्र के विभिन्न गांवों के किसानों ने विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने का एलान किया है।
दांदरा गांव निवासी महेश यादव ने अधिशासी अभियंता को पत्र भेज कर कहा है कि बिजली की दिन-रात कटौती से किसानों की फसलें चौपट हो रही हैं। गर्मी के कारण जीवन अस्त-व्यस्त है। नगरों में बिजली की व्यवस्था ठीक है, ग्रामीण क्षेत्रवासियों के साथ भेेदभाव किया जा रहा है। उनका कहना है कि बिजली सप्लाई में यदि सुधार नहीं हुआ तो किसान धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर गौरव कुमार, संजीव यादव, प्रदीपकुमार, कुलदीप सिंह, नरेंद्र यादव, मुनेंद्र यादव, विजय यादव, दानवीर सिंह आदि मौजूद रहे।