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Budaun News: करवा चौथ के पूजन के लिए कुम्हारों ने तैयार किए करवा
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पनवड़िया मार्ग पर रखे तैयार किए हुए करवा। संवाद
- फोटो : 1
बदायूं। करवा चौथ को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। शहर के पनवड़िया मोहल्ले के पास कुम्हारों ने मिट्टी के करवे तैयार कर बेचना शुरू कर दिए हैं। महिलाएं करवा चौथ के पूजन के लिए इन्हीं करवों का उपयोग करती हैं, इसलिए पर्व से पहले इनकी मांग बढ़ गई है। मोहल्ले में इन दिनों कुम्हार चाक चलाने में व्यस्त हैं। सुबह से शाम तक मिट्टी गूंथने, करवा बनाने, सुखाने और पकाने का काम चल रहा है।
कुम्हार विद्याराम ने बताया कि उन्होंने एक माह पहले से ही करवा बनाने की तैयारी शुरू कर दी थी। पहले मिट्टी को तैयार कर चाक पर करवे को आकार दिया गया, फिर धूप में सुखाकर आवा में पकाया गया। अब पके हुए करवों की बिक्री की जा रही है। विद्याराम ने बताया कि इस बार सादा करवा 25 रुपये में बेचा जा रहा है, जबकि रंग-बिरंगे चित्रकारी और लेस से सजा हुआ करवा 40 से 50 रुपये में बिक रहा है। उन्हीं के बराबर में करवा बेचने वाले भागीरथ ने बताया कि कुछ व्यापारी कुम्हारों से सस्ते दाम पर सादा करवा खरीदकर उसे खुद सजाकर बाजार में अधिक दाम पर बेच रहे हैं।
बताया कि पहले की तुलना में अब मिट्टी के करवों की जगह बाजार में प्लास्टिक और पीतल के करवे भी आ गए हैं, लेकिन आज भी सुहागिन महिलाएं मिट्टी के करवे को ही शुभ मानती हैं, इसलिए परंपरा अब भी कायम है। करवा चौथ नजदीक आते ही शहर के मुख्य बाजार, नेहरू चौक और अंडरपास के नीचे दुकानें सज गई हैं।
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दुकानदार रवि ने बताया कि रवा, छलनी, लोटा और शृंगार सामग्री की बिक्री बढ़ गई है। दुकानदारों ने करवा और पूजा सामग्री की दुकानें सजा ली हैं। महिलाओं की भीड़ बाजारों में देखी जा रही है।
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कुम्हार विद्याराम ने बताया कि उन्होंने एक माह पहले से ही करवा बनाने की तैयारी शुरू कर दी थी। पहले मिट्टी को तैयार कर चाक पर करवे को आकार दिया गया, फिर धूप में सुखाकर आवा में पकाया गया। अब पके हुए करवों की बिक्री की जा रही है। विद्याराम ने बताया कि इस बार सादा करवा 25 रुपये में बेचा जा रहा है, जबकि रंग-बिरंगे चित्रकारी और लेस से सजा हुआ करवा 40 से 50 रुपये में बिक रहा है। उन्हीं के बराबर में करवा बेचने वाले भागीरथ ने बताया कि कुछ व्यापारी कुम्हारों से सस्ते दाम पर सादा करवा खरीदकर उसे खुद सजाकर बाजार में अधिक दाम पर बेच रहे हैं।
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बताया कि पहले की तुलना में अब मिट्टी के करवों की जगह बाजार में प्लास्टिक और पीतल के करवे भी आ गए हैं, लेकिन आज भी सुहागिन महिलाएं मिट्टी के करवे को ही शुभ मानती हैं, इसलिए परंपरा अब भी कायम है। करवा चौथ नजदीक आते ही शहर के मुख्य बाजार, नेहरू चौक और अंडरपास के नीचे दुकानें सज गई हैं।
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दुकानदार रवि ने बताया कि रवा, छलनी, लोटा और शृंगार सामग्री की बिक्री बढ़ गई है। दुकानदारों ने करवा और पूजा सामग्री की दुकानें सजा ली हैं। महिलाओं की भीड़ बाजारों में देखी जा रही है।