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इस्लामनगर ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी खतरे में, 40 सदस्य लाए अविश्वास प्रस्ताव
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बदायूं/ इस्लामनगर। ब्लॉक प्रमुख इस्लामनगर दिनेश यादव की कुर्सी पर अब खतरा मंडराने लगा है। क्षेत्र पंचायत के कुल 68 में 40 सदस्यों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर मोर्चा खोल दिया है। बृहस्पतिवार को डीएम कुमार प्रशांत से मिलकर दिनेश यादव पर अविश्वास जाते हुए सदस्यों ने उन्हें शपथ पत्र सौंपें। डीएम ने 18 जनवरी को ब्लॉक मुख्यालय पर अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराए जाने की तारीख तय की।
बृहस्पतिवार को अनुपमा सिंह के नेतृत्व में 40 बीडीसी सदस्य शपथ पत्र लेकर मुख्यालय पहुंचे। इन लोगों ने मौजूदा प्रमुख दिनेश यादव पर अविश्वास जताते हुए डीएम कुमार प्रशांत से मुलाकात की और उनको शपथ पत्र दिए। डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए इस पर 18 जनवरी को मतदान का निर्देश दिया है। इधर, दिनेश यादव ने भी अपनी कुर्सी बचाने के लिए जोड़तोड़ शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक सपा के एक पूर्व मंत्री और उनके बेटे का उन्हें पहले से संरक्षण मिलता रहा है। इस दौरान भी वह लोग ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी बचाने की जुट गए हैं। वहीं यह सदस्यों में यह चर्चा भी है कि अगला प्रमुख भाजपा गुट से हो सकता है।
इस्लामनगर ब्लॉक प्रमुख का चुनाव 2016 में सपा सरकार के दौरान हुआ था। इस दौरान हिंसा भी हुई थी और एक ग्रामीण की जान भी चली गई थी। हत्या के इस मामले में मोजुद्दीनगर निवासी दिनेश यादव, उसका पिता पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुरेश यादव और भाई अवनीश यादव जेल भी गए थे। सुरेश यादव अब भी जेल में है। ब्लॉक के गांव सखामई से बीडीसी का चुनाव जीतीं चंदोई गांव की मनोरमा सिंह ने दिनेश यादव के खिलाफ ब्लॉक प्रमुखी का चुनाव लड़ा था। कुल 69 सदस्यों में 41 सदस्यों ने दिनेश यादव और 28 ने मनोरमा सिंह को वोट किया था।
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करीब डेढ़ साल पहले मनोरमा सिंह की मौत के बाद सखामई में बीडीसी सदस्य पद पर हुआ उप चुनाव मनोरमा सिंह की पुत्रवधू अनुपमा सिंह ने लड़ा था। इसमें अनुपमा सिंह विजयी रहीं। इसके बाद से ही भाजपा खेमे ने दिनेश यादव को ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी से हटाने का मुहिम चालू कर दी थी। ब्लॉक प्रमुख पद पर अनुपमा सिंह के नाम पर भाजपा के बड़े नेताओं की सहमति के बाद यह प्रक्रिया तेज हो गई है। इस्लामनगर ब्लॉक में कुल 69 सदस्य हैं। एक सदस्य की मौत के बाद एक सीट रिक्त होने से अभी इनकी संख्या 68 है।
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बृहस्पतिवार को अनुपमा सिंह के नेतृत्व में 40 बीडीसी सदस्य शपथ पत्र लेकर मुख्यालय पहुंचे। इन लोगों ने मौजूदा प्रमुख दिनेश यादव पर अविश्वास जताते हुए डीएम कुमार प्रशांत से मुलाकात की और उनको शपथ पत्र दिए। डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए इस पर 18 जनवरी को मतदान का निर्देश दिया है। इधर, दिनेश यादव ने भी अपनी कुर्सी बचाने के लिए जोड़तोड़ शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक सपा के एक पूर्व मंत्री और उनके बेटे का उन्हें पहले से संरक्षण मिलता रहा है। इस दौरान भी वह लोग ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी बचाने की जुट गए हैं। वहीं यह सदस्यों में यह चर्चा भी है कि अगला प्रमुख भाजपा गुट से हो सकता है।
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इस्लामनगर ब्लॉक प्रमुख का चुनाव 2016 में सपा सरकार के दौरान हुआ था। इस दौरान हिंसा भी हुई थी और एक ग्रामीण की जान भी चली गई थी। हत्या के इस मामले में मोजुद्दीनगर निवासी दिनेश यादव, उसका पिता पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुरेश यादव और भाई अवनीश यादव जेल भी गए थे। सुरेश यादव अब भी जेल में है। ब्लॉक के गांव सखामई से बीडीसी का चुनाव जीतीं चंदोई गांव की मनोरमा सिंह ने दिनेश यादव के खिलाफ ब्लॉक प्रमुखी का चुनाव लड़ा था। कुल 69 सदस्यों में 41 सदस्यों ने दिनेश यादव और 28 ने मनोरमा सिंह को वोट किया था।
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करीब डेढ़ साल पहले मनोरमा सिंह की मौत के बाद सखामई में बीडीसी सदस्य पद पर हुआ उप चुनाव मनोरमा सिंह की पुत्रवधू अनुपमा सिंह ने लड़ा था। इसमें अनुपमा सिंह विजयी रहीं। इसके बाद से ही भाजपा खेमे ने दिनेश यादव को ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी से हटाने का मुहिम चालू कर दी थी। ब्लॉक प्रमुख पद पर अनुपमा सिंह के नाम पर भाजपा के बड़े नेताओं की सहमति के बाद यह प्रक्रिया तेज हो गई है। इस्लामनगर ब्लॉक में कुल 69 सदस्य हैं। एक सदस्य की मौत के बाद एक सीट रिक्त होने से अभी इनकी संख्या 68 है।