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Budaun News: राजनीतिक दलों के साथ सियासी सूरमाओं की भी अध्यक्ष पद के आरक्षण पर नजर

Sun, 04 Dec 2022 07:30 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 04 Dec 2022 07:30 AM IST
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Political eyes fixed on the reservation of the post of president,
कार्यालय नगर पालिका परिषद बदायूँ। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। नगर पालिका और नगर पंचायतों के 339 वार्डों में सदस्य पदों के लिए आरक्षण जारी होने के बाद राजनीतिक दलों और सियासी सूरमाओं की नजर अब अध्यक्ष पदों के आरक्षण पर टिकी है। जिले की सात नगर पालिका और 14 नगर पंचायतों में आरक्षण जारी होने के बाद चुनावी माहौल गरमी पकड़ेगा, साथ ही काफी हद तक सियासी समीकरण भी साफ हो जाएंगे।
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स्थानीय निकाय चुनाव दिसंबर अंत तक होने हैं। इसके लिए भाजपा पहले से तैयारी कर रही है तो सपा, बसपा और कांग्रेस ज्यादा सक्रिय नहीं दिख रहीं। अध्यक्ष पदों का आरक्षण जारी होने से पहले सबसे ज्यादा हलचल भाजपा में ही नजर आ रही है। शनिवार को आरक्षण जारी होना था, लेकिन देर शाम तक सियासी सूरमा और राजनीति दल सूची जारी होने का इंतजार करते रहे।
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सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा सात नगर पालिकाओं को लेकर है। चर्चाओं पर गौर करें तो नगर पालिका बदायूं और दातागंज को अनारक्षित किया जा सकता है, वहीं नगर पालिका बिल्सी को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हो सकती है।
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पिछले चुनाव में पांच नगर पालिका व सात नगर पंचायतें रहीं थीं अनारक्षित
बदायूं। इस बार नगर पंचायतों से लेकर नगर पालिका में भी अध्यक्ष पद का आरक्षण बदलने का अनुमान लगाया जा रहा है। 2017 के चुनाव की बात करें तो उस समय जिले में सात नगर पालिका और 13 नगर पंचायतें थीं। दहगवां नगर पंचायत के गठन के बाद अब 14 नगर पंचायतें हो गई हैं। पिछले चुनाव में पांच नगर पालिकाओं को अनारक्षित रखा गया था, जबकि सात नगर पंचायतें अनारक्षित की श्रेणी में शामिल थीं।
नगर पालिका बदायूं को महिला के लिए आरक्षित किया गया था। इससे पहले बदायूं अनारक्षित थी। पिछली बार नगर पालिका दातागंज को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था। इससे पहले दातागंज भी अनारक्षित थी। नगर पंचायतों की बात करें तो पिछले चुनाव में 13 में से छह नगर पंचायतों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया था। इनमें पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित नगर पंचायत गुलड़िया भी शामिल है। इस बार जिले में नगर पंचायतों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। एक नगर पंचायत में इजाफा होने के बाद आरक्षण निर्धारण में लगभग सभी नगर पंचायतों पर असर दिखेगा।

माननीयों की चौखट से लेकर लखनऊ तक की दौड़ लगा रहे दावेदार
नगर पंचायत और नगर पालिका अध्यक्ष पदों पर चुनाव लड़ने के दावेदार माननीयों की चौखट से लेकर लखनऊ तक की दौड़ लगा रहे हैं। उनकी कोशिश यह भी है कि किसी तरह आरक्षण उनके पक्ष में रहे। माननीय भी अपने करीबियों को किसी तरह फिट करने की जुगत में हैं। सबसे ज्यादा दावेदार भाजपा में हैं। अध्यक्ष पद की एक-एक सीट पर अब तक करीब दस-दस दावेदार सामने आ चुके हैं।
ये है वर्ष 2017 का आरक्षण
नगर पालिका-
1. बदायूं महिला
2. उझानी अनारक्षित
3. बिल्सी अनारक्षित
4. बिसौली अनारक्षित
5. सहसवान अनारक्षित
6. ककराला अनारक्षित
7. दातागंज अन्य पिछड़ा वर्ग
नगर पंचायत
1. इस्लामनगर महिला
2. सैदपुर महिला
3. अलापुर महिला
4. उसहैत महिला
5. वजीरगंज महिला
6. कछला अनारक्षित
7. मुड़िया धुरेकी अनारक्षित
8. सखानूं अनारक्षित
9. कुंवरगांव अनारक्षित
10. उसावां अनारक्षित
11. रुदायन अनारक्षित
12. फैजगंज बेहटा अनारक्षित
13. गुलड़िया अन्य पिछड़ा वर्ग महिला
14. दहगवां पहली बार होगा चुनाव
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