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जीत रहे सब प्रत्याशी, सबके अपने दावे-सबका अपना गणित
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बदायूं। विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का परिणाम भले ही ईवीएम में कैद होकर स्ट्रांग रूम में लॉक हो गया हो पर यह तय है कि मतगणना से पहले तक हार-जीत के तमाम समीकरण चर्चाओं में बनते बिगड़ते रहेंगे। मंगलवार को भी अधिकतर प्रत्याशी अपने करीबियों व कार्यकर्ताओं से बात करके वोटरों के मन की बात जानने का जतन करते रहे। करीबियों ने उन्हें बताया कि किस शख्स ने मदद की और कहां किसने नुकसान करा दिया। प्रत्याशियों व उनके रणनीतिकारों से बात की गई तो यही बताया गया कि वह चुनाव जीत रहे हैं। अपनी जीत का आधार साबित करने को उन्होंने अपने हिसाब से वोटों का गणित भी सुझाया।
सदर सीट : भाजपा प्रत्याशी महेश गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने रिकार्ड वोटों से जीत का दावा किया। बताया कि फूल को लोगों का भारी साथ मिला है। लोग कुर्मी समाज की नाराजगी की बात कह रहे थे। ऐसा नहीं हुआ। कुर्मी समाज का भी उन्हें अच्छा वोट मिला है। अनुसूचित वर्ग का भी काफी वोट मिला है। यहां तक कि मुस्लिम वोट भी साथ आए हैं। लोगों ने छुटभैय्यों की नहीं सुनी बल्कि भविष्य और उनकी साफ छवि देखकर वोट दिया है। शहर के बसपा प्रत्याशी राजेश कुमार सिंह का दावा था कि कोई कुछ कहे, बसपा का कैडर वोट नहीं हिला है, बल्कि दूसरे वर्ग और समाज के वोट हाथी निशान पर जरूर गए हैं। इसीलिए वह अपनी जीत पक्की मान रहे हैं।
इसी तरह की स्थिति शेखूपुर विधानसभा की नजर आई। वहां भी मुख्य दलों के तीनों प्रत्याशी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी धर्मेंद्र शाक्य का कहना कि सभी जाति बिरादरी के वोट उन्हें मिले हैं। कोई यादव व मुस्लिम समाज के वोट अपने होने का दावा करे तो करे, उन्हें तो इन वर्गों का समर्थन भी मिला है। हर गांव में उनका वोट है। वहीं बसपा प्रत्याशी मुस्लिम खां का गणित बता रहा है कि वह सबसे मजबूत उम्मीदवार हैं। मुस्लिम वर्ग का वोट थोक में मिला है तो अनुसूचित वर्ग से लेकर सवर्ण वोट तक बसपा के साथ आ गया है।
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सहसवान से सपा प्रत्याशी ब्रजेश यादव दावा करते हैं कि उनकी जीत का आधार केवल यादव मुस्लिम ही नहीं, भाजपा से नाराज हर जाति बिरादरी का वोट बनेगा। ऐसा कोई गांव नहीं है जिसकी ईवीएम में सपा के वोट न निकलें। सपा ने जो काम कराया है वह सबको दिख रहा है। केवल हिंदू मुस्लिम की राजनीति के दिन अब हवा हो गए। यहां भाजपा के प्रत्याशी डीके भारद्वाज अपनी जीत का आधार सर्व समाज का वोट बता रहे हैं।
बिल्सी सीट पर भाजपा प्रत्याशी हरीश शाक्य का दावा है कि भाजपा किसी एक जाति वर्ग की पार्टी नहीं है, सबके विकास को काम हुआ है तो सबका वोट भी हमें मिला है। बाकी बात 14 फरवरी को ईवीएम स्पष्ट कर देगी। बसपा प्रत्याशी ममता शाक्य दावा करती हैं कि इस बार बिल्सी सीट बसपा ही जीत रही है। लोगों ने बाहरी प्रत्याशियों को नकार दिया है।
दातागंज में भाजपा प्रत्याशी राजीव कुमार सिंह कहते हैं कि जिस तरह के रुझान उन्हें नजर आ रहे हैं, उनसे लगता है कि वह दोबारा और दमदारी से चुनाव जीत रहे हैं। सपा प्रत्याशी कैप्टन अर्जुन सिंह के पिता नरेश प्रताप सिंह का कहना था कि कैप्टन को हर वर्ग का वोट मिलने से रिकार्ड जीत मिलने जा रही है। केवल प्रमाणपत्र मिलने की देर है।
बिसौली सीट के भाजपा प्रत्याशी कुशाग्र सागर अपनी जबर्दस्त जीत के आंकड़े गिनाते हैं। कहते हैं कि लोग ब्राह्मणों व क्षत्रिय वर्ग की नाराजगी की बात कर रहे थे, यहां तो उन्हें इन वर्गों का भरपूर आशीर्वाद मिला है। ईवीएम खुलेंगी तो बसपा के वोटर बताए जाने वाले इलाकों में भी फूल पर वोट बरसते नजर आएंगे। यहीं से सपा प्रत्याशी पूर्व विधायक आशुतोष मौर्य का कहना था कि भाजपा के खिलाफ जो माहौल था, उसका सीधा फायदा उन्हें मिला है। अभी क्या कहें, मतगणना के दिन पता लग जाएगा कि कौन कितने पानी में है। ब्यूरो
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सदर सीट : भाजपा प्रत्याशी महेश गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने रिकार्ड वोटों से जीत का दावा किया। बताया कि फूल को लोगों का भारी साथ मिला है। लोग कुर्मी समाज की नाराजगी की बात कह रहे थे। ऐसा नहीं हुआ। कुर्मी समाज का भी उन्हें अच्छा वोट मिला है। अनुसूचित वर्ग का भी काफी वोट मिला है। यहां तक कि मुस्लिम वोट भी साथ आए हैं। लोगों ने छुटभैय्यों की नहीं सुनी बल्कि भविष्य और उनकी साफ छवि देखकर वोट दिया है। शहर के बसपा प्रत्याशी राजेश कुमार सिंह का दावा था कि कोई कुछ कहे, बसपा का कैडर वोट नहीं हिला है, बल्कि दूसरे वर्ग और समाज के वोट हाथी निशान पर जरूर गए हैं। इसीलिए वह अपनी जीत पक्की मान रहे हैं।
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इसी तरह की स्थिति शेखूपुर विधानसभा की नजर आई। वहां भी मुख्य दलों के तीनों प्रत्याशी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी धर्मेंद्र शाक्य का कहना कि सभी जाति बिरादरी के वोट उन्हें मिले हैं। कोई यादव व मुस्लिम समाज के वोट अपने होने का दावा करे तो करे, उन्हें तो इन वर्गों का समर्थन भी मिला है। हर गांव में उनका वोट है। वहीं बसपा प्रत्याशी मुस्लिम खां का गणित बता रहा है कि वह सबसे मजबूत उम्मीदवार हैं। मुस्लिम वर्ग का वोट थोक में मिला है तो अनुसूचित वर्ग से लेकर सवर्ण वोट तक बसपा के साथ आ गया है।
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सहसवान से सपा प्रत्याशी ब्रजेश यादव दावा करते हैं कि उनकी जीत का आधार केवल यादव मुस्लिम ही नहीं, भाजपा से नाराज हर जाति बिरादरी का वोट बनेगा। ऐसा कोई गांव नहीं है जिसकी ईवीएम में सपा के वोट न निकलें। सपा ने जो काम कराया है वह सबको दिख रहा है। केवल हिंदू मुस्लिम की राजनीति के दिन अब हवा हो गए। यहां भाजपा के प्रत्याशी डीके भारद्वाज अपनी जीत का आधार सर्व समाज का वोट बता रहे हैं।
बिल्सी सीट पर भाजपा प्रत्याशी हरीश शाक्य का दावा है कि भाजपा किसी एक जाति वर्ग की पार्टी नहीं है, सबके विकास को काम हुआ है तो सबका वोट भी हमें मिला है। बाकी बात 14 फरवरी को ईवीएम स्पष्ट कर देगी। बसपा प्रत्याशी ममता शाक्य दावा करती हैं कि इस बार बिल्सी सीट बसपा ही जीत रही है। लोगों ने बाहरी प्रत्याशियों को नकार दिया है।
दातागंज में भाजपा प्रत्याशी राजीव कुमार सिंह कहते हैं कि जिस तरह के रुझान उन्हें नजर आ रहे हैं, उनसे लगता है कि वह दोबारा और दमदारी से चुनाव जीत रहे हैं। सपा प्रत्याशी कैप्टन अर्जुन सिंह के पिता नरेश प्रताप सिंह का कहना था कि कैप्टन को हर वर्ग का वोट मिलने से रिकार्ड जीत मिलने जा रही है। केवल प्रमाणपत्र मिलने की देर है।
बिसौली सीट के भाजपा प्रत्याशी कुशाग्र सागर अपनी जबर्दस्त जीत के आंकड़े गिनाते हैं। कहते हैं कि लोग ब्राह्मणों व क्षत्रिय वर्ग की नाराजगी की बात कर रहे थे, यहां तो उन्हें इन वर्गों का भरपूर आशीर्वाद मिला है। ईवीएम खुलेंगी तो बसपा के वोटर बताए जाने वाले इलाकों में भी फूल पर वोट बरसते नजर आएंगे। यहीं से सपा प्रत्याशी पूर्व विधायक आशुतोष मौर्य का कहना था कि भाजपा के खिलाफ जो माहौल था, उसका सीधा फायदा उन्हें मिला है। अभी क्या कहें, मतगणना के दिन पता लग जाएगा कि कौन कितने पानी में है। ब्यूरो