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अड़चनें थीं तमाम इसलिए मतदान प्रतिशत हो गया धड़ाम

Wed, 16 Feb 2022 01:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 16 Feb 2022 01:00 AM IST
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बदायूं। विधानसभा चुनाव में इस बार 2017 के चुनाव के मुकाबले मत प्रतिशत गिरने का एक कारण यह भी रहा कि बीएलओ ने मतदाताओं के घर मत पर्चियां नहीं पहुंचाईं। इसके साथ ही काफी संख्या में ऐसे मतदाता भी रहे तो मतदान करने पहुंचे लेकिन उनके नाम मतदाता सूची से गायब थे। लगभग सभी विधानसभा सीटों से मतदाताओं की ऐसी शिकायतें रहीं। गौर करने वाली बात यह है कि शेखूपुर और बिसौली सीट पर सबसे ज्यादा मतदान हुआ। बिसौली में पिछले चुनाव के मुकाबले मतदान प्रतिशत बढ़ा तो अन्य सभी सीटों पर गिरा।
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सोमवार को जिले की छह विधानसभा सीटों पर सोमवार को मतदान कराया गया था। सुबह सात से शाम छह बजे तक जिले में 58.86 फीसदी मतदाताओं ने ही मतदान किया। पिछले चुनाव में 59.85 प्रतिशत था। यह गिरावट करीब एक प्रतिशत है, लेकिन मामूली गिरावट भी चुनाव परिणाम प्रभावित कर सकती है।
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बिसौली सीट पर 2017 में मतदान प्रतिशत 59.07 रहा था। इस बार यहां 59.26 प्रतिशत मतदान हुआ है। शेखूपुर सीट पर पिछले चुनाव में 62.46 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार यहां 60.09 प्रतिशत मतदान हुआ है। यह जिले में सर्वाधिक है।
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सहसवान सीट पर मतदान प्रतिशत में सबसे ज्यादा गिरावट रही। 2017 में यहां 60.41 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। इस बार 58.86 मतदाताओं ने ही वोट डाले। शहर सीट पर पिछली बार 60.17 तो इस बार 58.01 प्रतिशत, बिल्सी में पिछली बार 58.69 तो इस बार 57.65 प्रतिशत और दातागंज सीट पर 2017 के चुनाव में 57.69 और इस बार 58.27 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया है। दातागंज में पिछले चुनाव के मुकाबले मतदान में मामूली इजाफा हुआ है। मतदाताओं से बात करने पर उनका कहना था कि मतदान प्रतिशत कम होने का प्रमुख कारण घरों तक मतदान पर्चियां न पहुंचना और मतदाता सूची से मतदाताओं के नामों का गायब होना है।
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मत प्रतिशत में उतार-चढ़ाव से प्रभावित होते हैं नतीजे
मत प्रतिशत में मामूली उतार-चढ़ाव से चुनाव परिणाम प्रभावित होते हैं। 1996 के चुनाव में बिल्सी सीट से बसपा सुप्रीमो मायावती मामूली अंतर से जीतीं और 2007 के चुनाव में सहसवान सीट से रापद मुखिया डीपी यादव का 107 मतों से जीत का कारण मत प्रतिशत में उतार-चढ़ाव था। मायावती ने तो कम वोटों से जीतने के कारण ही यहां से इस्तीफा दिया था। मत प्रतिशत में मामूली उतार-चढ़ाव इस बार किन-किन सीटों के चुनाव परिणाम प्रभावित करेगा यह तो 10 मार्च को मतगणना के बाद ही साफ होगा।

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दातागंज और सहसवान क्षेत्र में सूची से उड़े नाम, परेशान रहे मतदाता
दातागंज/इस्लामनगर। दातागंज विधानसभा सीट पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब थे। सबसे बुरा हाल कस्बे का रहा।
कस्बे के वार्ड नंबर 15 में चेयरमैन आकाश वर्मा की पत्नी सारिका वर्मा का नाम मतदाता सूची से गायब था। वार्ड नंबर 13 में मनि गुप्ता, अंकित गुप्ता, आलोक सक्सेना, प्रीति गुप्ता, महिमा गुप्ता, विनोद गुप्ता, ऊषा, संतोष कुमार, महेशवती, चंद्रवती, सुनीता, पूनम गुप्ता, नीलम वर्मा, वार्ड 15 में शांति देवी, मुकेश, शशि, राधिका आदि के नाम मतदाता सूची से गायब होने के कारण यह मतदान नहीं कर सके। सहसवान विधानसभा क्षेत्र के गांव नदेरी में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब थे। यहां सावित्री, शंकर, रानू, डालचंद्र, सर्वेश, अशर्फी, राधा, विजय, जगदीश, रामचरन, भीकम सिंह, चंद्रपाल, अतर सिंह, गनेशी, दिनेश, मुंशी, बदन सिंह, सियाराम आदि समेत बड़ी संख्या में मतदाता मतदाता नहीं कर सके। संवाद
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