UP Elections 2022: काजी रिजवान को मनाने में पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव विफल, बदायूं सदर से कटा था टिकट
पहले पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की पैरवी पर काजी रिजवान को टिकट मिला था। इस बीच आबिद रजा अपने टिकट पर अड़े तो तीन दिन बाद टिकट मुंबई के उद्योगपति हाजी रईस को दे दिया गया।
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बदायूं सदर सीट से प्रत्याशी बनते-बनते रह गए काजी रिजवान के घर जाकर नाराजगी दूर करने की पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की कोशिश विफल हो गई। भीड़ के सामने रिजवान ने कहा कि आपने मुझे मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा है। आपके साथ जाऊंगा तो लोग दलाल कहेंगे। इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
सदर सीट से ज्यादा दावेदारों की वजह से सपा भंवर में फंस गई है। पहले पूर्व सांसद की पैरवी पर काजी रिजवान को टिकट हुआ था। उनके नाम का फार्म सेवन सपा की वेबसाइट पर भी पड़ गया। इस बीच आबिद रजा अपने टिकट पर अड़े तो तीन दिन बाद टिकट मुंबई के उद्योगपति हाजी रईस को दे दिया गया।
सदर सीट पर टिकट कटने से आबिद रजा भी नाराज
इस बात को लेकर आबिद रजा से लेकर रिजवान की नाराजगी भी सपा से बनी हुई है। आबिद रजा ने अपने घर में कार्यकर्ताओं के बीच दो दिन पहले सपा नेतृत्व के खिलाफ हमला बोला था। अब रिजवान समेत सपा के दूसरे नेताओं की नाराजगी दूर करने को धर्मेंद्र यादव रविवार को जिले में आए थे। सिनोद शाक्य, विमल कृष्ण अग्रवाल व यासीन उस्मानी से लेकर अन्य नेताओं के घर जाने के बाद वह काजी रिजवान से मिले और पार्टी की जीत के लिए जीजान से लगने को कहा।
रिजवान ने उनसे कहा कि वह 14 दिन तक कहीं नहीं जा सकते। पार्टी ने उन्हें ऐसी स्थिति में ला दिया है कि अपने समर्थकों को ही चेहरा नहीं दिखा पा रहे। उन्हें जबरन ले जाया गया तो लोग दलाल कहेंगे और माना जाएगा कि उन्हें भी कोई रकम मिल गई।
काजी रिजवान हमारे साथी हैं। किसी का टिकट कटने पर नाराजगी स्वाभाविक है। उन्होंने जो कहा वह उसी नाराजगी का हिस्सा है पर वह पार्टी की जीत में साथ देंगे ऐसा मुझे भरोसा है। पार्टी के दूसरे नेता भी हमारे साथ हैं।
- धर्मेंद्र यादव, पूर्व सांसद