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Budaun News: हत्या का कबूलनामा नहीं करने पर भाजपा नेता को पुलिस ने दी यातनाएं, 12.50 लाख वसूले
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बदायूं। भाजपा नेता ने एक हत्या के मामले में कुंवरगांव थाने के तत्कालीन एसओ, एसओजी प्रभारी, शेखूपुर चौकी समेत कई पुलिस कर्मियों पर यातनाएं व मारपीट के आरोप लगाए हैं। साथ ही एक नेता के माध्यम से 12.50 लाख रुपये वसूलने के बाद छोड़ने की भी आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत एडीजी बरेली से की है। एडीजी ने बरेली के एसपी क्राइम को मामले की जांच सौंपी है।
बिनावर थाना क्षेत्र के गांव बरी समसपुर के पूर्व प्रधान व बीजेपी नेता जलीस मियां उर्फ गुड्डू ने एडीजी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव बिहारी गौटिया के बांके की हत्या हुई थी। उसके परिजनों ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को नामजदों के खिलाफ हत्या से संबंधित साक्ष्य नहीं मिले।
उस दौरान कुंवरगांव के तत्कालीन एसओ ने उनसे फोन पर संपर्क किया। उनसे भैंसामई गांव के फाजिल को पकड़वाने की मदद मांगी। जलीस ने फाजिल को किसी तरह घर बुलाया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने पूजा नाम की महिला को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि 15 फरवरी को एसओ ने जलीस को थाने बुलाया। जब वह थाने पहुंचे तो एसओ ने उन्हें हवालात में बंद कर दिया। इसके कुछ घंटे बाद में उन्हें एसओजी टीम के सुपुर्द कर दिया। रात भर सिपाहियों व एसओजी ने उन्हें हत्याकांड को कबूल करने का दबाव बनाकर यातनाएं दी।
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अगले दिन महिला थाने ले जाकर बंद किया। उसके बाद पुलिस अधिकारियों के सामने पेश किया। वहां से सिविल लाइंस थाने की शेखूपुर पुलिस चौकी ले जाया गया। फिर तीन दिनों तक हवालात में बंद करके मारपीट व यातनाएं दी गईं। 19 फरवरी को फिर कुंवरगांव थाने में लाकर बंद कर दिया। इस दौरान उससे रुपये की डिमांड की गई। आरोप है कि शहर की आवास विकास कालोनी निवासी अधिकारियों के करीबी एक नेता ने जलीस के भतीजे सद्दाम से बात की। कहा कि उसके पुलिस अधिकारियों समेत एसओजी टीम से अच्छी पैठ है। पुलिस व एसओजी टीम को रुपये देने होंगे। जलीस को छुड़ाने का सौदा 12 लाख में रुपये तय हुआ। भतीजे सद्दाम ने परिजनों से नेता को 12 लाख रुपये दिला दिए। आरोप है कि अगले दिन एसओ ने भी 50 हजार रुपये और मंगवाए। उसके बाद जलीस को छोड़ दिया। मामले का संज्ञान लेते हुए एडीजी ने बरेली के एसपी क्राइम को इस मामले की जांच सौंपी है। चर्चा है पैसा लेने वाला नेता एक तत्कालीन अधिकारी का बेहद करीबी था। उसने 12 लाख रुपये पीड़ित से ले तो लिए थे लेकिन अधिकारी को नहीं दिए थे।
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बिनावर थाना क्षेत्र के गांव बरी समसपुर के पूर्व प्रधान व बीजेपी नेता जलीस मियां उर्फ गुड्डू ने एडीजी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव बिहारी गौटिया के बांके की हत्या हुई थी। उसके परिजनों ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को नामजदों के खिलाफ हत्या से संबंधित साक्ष्य नहीं मिले।
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उस दौरान कुंवरगांव के तत्कालीन एसओ ने उनसे फोन पर संपर्क किया। उनसे भैंसामई गांव के फाजिल को पकड़वाने की मदद मांगी। जलीस ने फाजिल को किसी तरह घर बुलाया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने पूजा नाम की महिला को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि 15 फरवरी को एसओ ने जलीस को थाने बुलाया। जब वह थाने पहुंचे तो एसओ ने उन्हें हवालात में बंद कर दिया। इसके कुछ घंटे बाद में उन्हें एसओजी टीम के सुपुर्द कर दिया। रात भर सिपाहियों व एसओजी ने उन्हें हत्याकांड को कबूल करने का दबाव बनाकर यातनाएं दी।
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अगले दिन महिला थाने ले जाकर बंद किया। उसके बाद पुलिस अधिकारियों के सामने पेश किया। वहां से सिविल लाइंस थाने की शेखूपुर पुलिस चौकी ले जाया गया। फिर तीन दिनों तक हवालात में बंद करके मारपीट व यातनाएं दी गईं। 19 फरवरी को फिर कुंवरगांव थाने में लाकर बंद कर दिया। इस दौरान उससे रुपये की डिमांड की गई। आरोप है कि शहर की आवास विकास कालोनी निवासी अधिकारियों के करीबी एक नेता ने जलीस के भतीजे सद्दाम से बात की। कहा कि उसके पुलिस अधिकारियों समेत एसओजी टीम से अच्छी पैठ है। पुलिस व एसओजी टीम को रुपये देने होंगे। जलीस को छुड़ाने का सौदा 12 लाख में रुपये तय हुआ। भतीजे सद्दाम ने परिजनों से नेता को 12 लाख रुपये दिला दिए। आरोप है कि अगले दिन एसओ ने भी 50 हजार रुपये और मंगवाए। उसके बाद जलीस को छोड़ दिया। मामले का संज्ञान लेते हुए एडीजी ने बरेली के एसपी क्राइम को इस मामले की जांच सौंपी है। चर्चा है पैसा लेने वाला नेता एक तत्कालीन अधिकारी का बेहद करीबी था। उसने 12 लाख रुपये पीड़ित से ले तो लिए थे लेकिन अधिकारी को नहीं दिए थे।