{"_id":"6ad668bb0fb35781040faf38","slug":"picketing-demanding-equal-pay-badaun-news-c-123-1-sbly1001-175784-2026-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: समान वेतन की मांग को लेकर धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: समान वेतन की मांग को लेकर धरना
Tue, 20 Oct 2026 12:30 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Tue, 20 Oct 2026 12:30 AM IST
विज्ञापन
सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन करती आशा। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। मांगों को लेकर आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना दिया। आशा संगिनी स्वास्थ्य संघ उत्तर प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष विमलेश और शहरी आशा स्वास्थ्य संघ की जिलाध्यक्ष किशनवती के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने समान कार्य-समान वेतन और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग उठाई।
धरने पर बैठीं कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनसे स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत लगातार काम लिया जाता है, लेकिन उन्हें काम के अनुरूप वेतन और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने शासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें पूरा करने की मांग की।
विज्ञापन
बदायूं। मांगों को लेकर आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना दिया। आशा संगिनी स्वास्थ्य संघ उत्तर प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष विमलेश और शहरी आशा स्वास्थ्य संघ की जिलाध्यक्ष किशनवती के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने समान कार्य-समान वेतन और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग उठाई।
धरने पर बैठीं कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनसे स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत लगातार काम लिया जाता है, लेकिन उन्हें काम के अनुरूप वेतन और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने शासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें पूरा करने की मांग की।
विज्ञापन