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Budaun News: बरखेड़ा-गजरौला मार्ग पर ई-रिक्शे से सफर कर रहे यात्री
Mon, 03 Mar 2025 01:00 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Mon, 03 Mar 2025 01:00 AM IST
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बरखेड़ा से गजरौला ई-रिक्शा से जाते लोग।संवाद
पीलीभीत/बरखेड़ा। बरखेड़ा-गजरौला मार्ग पर रोडवेज बस का संचालन न होने से यात्री ई-रिक्शा और डग्गामार वाहनों से सफर को मजबूर हैं। यह सड़क पीलीभीत-पूरनपुर हाइवे और शाहजहांपुर मार्ग को जोड़ती है। लखनऊ जाने वाले यात्री भी पूरनपुर हाईवे पर पहुंचकर बस और अन्य वाहन पकड़ते हैं। बसों का संचालन न होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते देहात क्षेत्र के अधिकांश मार्गों पर डग्गामार वाहन हावी है। इससे जहां पीलीभीत डिपो को राजस्व का नुकसान हो रहा। वहीं यात्रियों को भी डग्गामार वाहनों से जोखिम के बीच सफर करना पड़ रहा है। बरखेड़ा कस्बे से दौलतपुर होकर गजरौला कस्बे में पीलीभीत-पूरनपुर मार्ग को जोड़ने वाले करीब 20 किमी लंबे मार्ग पर एक भी रोडवेज बस संचालित नहीं हो रही है। इस मार्ग पर यात्री ई-रिक्शे से टुकड़ों में सफर तय कर गजरौला पहुंचते है। इस मार्ग से जुड़े गांवों के लोगों का जिला मुख्यालय, बीसलपुर, शाहजहांपुर और लखनऊ आदि जगहों के आना-जाना होता है। बस सुविधा न होने से उन्हें भटकना पड़ता है। रोजाना करीब दो से तीन हजार यात्री इस मार्ग पर सफर करते हैं।
माधोटांडा मार्ग पर भी नहीं हो सका बसों का संचालन
शहर के गौहनिया चौराहे से माधोटांडा जाने वाले मार्ग पर दशकों बाद भी रोडवेज बस का संचालन नहीं हो सका है। इस मार्ग पीलीभीत टाइगर रिजर्व, गोमती उद्गम स्थल और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की आवाजाही अधिक रहती है। माधोटांडा में थाना और अन्य सरकारी कार्यालय हैं।
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बसों का संचालन न होने से क्षेत्रीय जनता को काफी परेशानी होती है। ई-रिक्शा व निजी वाहन इस मार्ग पर यात्रियों के सहारा बने हैं। जिम्मेदारों को बस संचालन कराना चाहिए।- अफरोज अंसारी।
सीधी बस सेवा न होने से यात्रियों को पीलीभीत पहुंचकर पूरनपुर जाना होता है। इससे यात्रियों के समय व रुपये दोनों का नुकसान हो रहा है। - रामचंद्र लाल।
अभी मैं बाहर आया हुआ हूं। आने के बाद इस मार्ग पर बसों के संचालन को लेकर जानकारी की जाएगी। अगर संचालन नहीं हो रहा है, तो संचालन कराया जाएगा। - पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम
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परिवहन विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते देहात क्षेत्र के अधिकांश मार्गों पर डग्गामार वाहन हावी है। इससे जहां पीलीभीत डिपो को राजस्व का नुकसान हो रहा। वहीं यात्रियों को भी डग्गामार वाहनों से जोखिम के बीच सफर करना पड़ रहा है। बरखेड़ा कस्बे से दौलतपुर होकर गजरौला कस्बे में पीलीभीत-पूरनपुर मार्ग को जोड़ने वाले करीब 20 किमी लंबे मार्ग पर एक भी रोडवेज बस संचालित नहीं हो रही है। इस मार्ग पर यात्री ई-रिक्शे से टुकड़ों में सफर तय कर गजरौला पहुंचते है। इस मार्ग से जुड़े गांवों के लोगों का जिला मुख्यालय, बीसलपुर, शाहजहांपुर और लखनऊ आदि जगहों के आना-जाना होता है। बस सुविधा न होने से उन्हें भटकना पड़ता है। रोजाना करीब दो से तीन हजार यात्री इस मार्ग पर सफर करते हैं।
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माधोटांडा मार्ग पर भी नहीं हो सका बसों का संचालन
शहर के गौहनिया चौराहे से माधोटांडा जाने वाले मार्ग पर दशकों बाद भी रोडवेज बस का संचालन नहीं हो सका है। इस मार्ग पीलीभीत टाइगर रिजर्व, गोमती उद्गम स्थल और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की आवाजाही अधिक रहती है। माधोटांडा में थाना और अन्य सरकारी कार्यालय हैं।
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बसों का संचालन न होने से क्षेत्रीय जनता को काफी परेशानी होती है। ई-रिक्शा व निजी वाहन इस मार्ग पर यात्रियों के सहारा बने हैं। जिम्मेदारों को बस संचालन कराना चाहिए।- अफरोज अंसारी।
सीधी बस सेवा न होने से यात्रियों को पीलीभीत पहुंचकर पूरनपुर जाना होता है। इससे यात्रियों के समय व रुपये दोनों का नुकसान हो रहा है। - रामचंद्र लाल।
अभी मैं बाहर आया हुआ हूं। आने के बाद इस मार्ग पर बसों के संचालन को लेकर जानकारी की जाएगी। अगर संचालन नहीं हो रहा है, तो संचालन कराया जाएगा। - पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम

बरखेड़ा से गजरौला ई-रिक्शा से जाते लोग।संवाद

बरखेड़ा से गजरौला ई-रिक्शा से जाते लोग।संवाद