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Budaun News: भीषण गर्मी में यात्री बेहाल, गंदगी से घिरे वाटर कूलर पड़े हैं बेकार
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रोडवेज बस स्टैंड पर लगा वाटर कूलर के आसपास फैला दूषित पानी। संवाद
बदायूं। रोजवेज बस अड्डे पर 24 घंटे में औसतन 17,000 यात्रियों का आवागमन होता है। टिकट की बिक्री से 20 लाख रुपये प्रतिदिन मिलते हैं, लेकिन यात्री सुविधाएं नदारद हैं। रोडवेज का भवन गिरताऊ हालात में है। यात्री शेड पर छत तक नहीं है। दो वाटर कूलर लगे हैं, लेकिन काम नहीं करते। तेज धूप में लू के थपेड़ों से यात्री बेहाल हैं।
तापमान 38 डिग्री सेंटीग्रेड तक पहुंच चुका है। गर्मी में यात्रियों का गला सूख रहा है। शुद्ध जल के लिए वाटर कूलर पर आसपास गंदगी की भरमार है, जिससे वह बेकार पड़ा है। इसके अलावा निजी संस्था का वाटर कूलर भी गर्म पानी उगल रहा है। यात्रियों का कहना है कि बोतलबंद पानी बेचने वाले दुकानदारों ने ही वाटर कूलर खराब कर दिया है। मजबूरी में यात्री 20 रुपये की बोतल खरीदते हैं।
रोडवेज का वाटर कूलर दूसरी साइड में भी है। हालांकि वहां सभी यात्री नहीं पहुंच पाते। पहुंच भी गए तो गंदगी देखकर लौट आते है। मिनरल वाटर की बोतल खरीदना ही उचित समझते हैं। इसके अलावा बैठने के लिए बने बड़े यात्री शेड में कूड़ा करकट पड़ा रहता है, जो शेड की छत नहीं है। इस कारण धूप में वहां बैठना संभव नहीं।
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सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) डीके चौबे ने कहा कि गंदगी है तो सफाई कराएंगे, लेकिन दूसरा शेड रोडवेज का नहीं, नगर पालिका का है। वहां के रखरखाव के बारे में नगर पालिका के ईओ को देखना है। उन्हें समस्या से अवगत कराया जाएगा।
बस अड्डे पर नया निर्माण होना है। इसलिए न तो मरम्मत हो रही है और न ही और कोई जरूरत का काम। नए निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था का चयन और काम शुरू कराने की प्रक्रिया मुख्यालय से चल रही है। काम शुरू होने पर बस अड्डे की स्थिति बदलेगी। यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं भी मिल सकेंगी।- डीके चौबे, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
चुनाव ड्यूटी में गईं रोडवेज की 37 बसें, व्यवस्था चौपट
रोडवेज की 37 बसें लोकसभा चुनाव में पुलिस बल को लेकर दूसरे जनपदों में रवाना हो चुकी हैं। इस कारण यात्री सेवाओं के लिए बसें कम पड़ रही हैं। अब जिस रूट पर एक घंटे में बस मिलती थी अब उसके लिए डेढ़ से दो घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। रोडवेज के पास 126 बसें बदायूं डिपो में हैं। खटारा और पुरानी होने कारण औसतन 20 बसें हर रोज किसी न किसी वजह से चल नहीं पातीं। चुनाव में 37 बसें चले जाने से 69 बसें ही संचालित हैं। बसों की कमी का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। एआरएम डीके चौबे का कहना है कि गेहूं की कटाई की वजह से यात्रियों की संख्या इन दिनों कम है। इसलिए उपलब्ध बसों से ही काम चल रहा है। ब्यूरो
यात्री बोले- कम से कम पानी का तो इंतजाम हो
बस अड्डे पर सफाई और पेयजल का इंतजाम तो होना ही चाहिए। दिल्ली के लिए बस का इंतजार करना पड़ा। पता चला है कि कुछ बसें चुनाव में लगा दी गईं। इसलिए आधा घंटे इंतजार करना पड़ा। - मनीष गुप्ता, बदायूं
रोडवेज की बस सेवाएं समय सारणी के हिसाब से संचालित नहीं हो रहीं। मुझे इंतजार के बाद दिल्ली के लिए बस मिली है। सुविधाएं भी कम हैं। - अकमल, बदायूं
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तापमान 38 डिग्री सेंटीग्रेड तक पहुंच चुका है। गर्मी में यात्रियों का गला सूख रहा है। शुद्ध जल के लिए वाटर कूलर पर आसपास गंदगी की भरमार है, जिससे वह बेकार पड़ा है। इसके अलावा निजी संस्था का वाटर कूलर भी गर्म पानी उगल रहा है। यात्रियों का कहना है कि बोतलबंद पानी बेचने वाले दुकानदारों ने ही वाटर कूलर खराब कर दिया है। मजबूरी में यात्री 20 रुपये की बोतल खरीदते हैं।
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रोडवेज का वाटर कूलर दूसरी साइड में भी है। हालांकि वहां सभी यात्री नहीं पहुंच पाते। पहुंच भी गए तो गंदगी देखकर लौट आते है। मिनरल वाटर की बोतल खरीदना ही उचित समझते हैं। इसके अलावा बैठने के लिए बने बड़े यात्री शेड में कूड़ा करकट पड़ा रहता है, जो शेड की छत नहीं है। इस कारण धूप में वहां बैठना संभव नहीं।
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सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) डीके चौबे ने कहा कि गंदगी है तो सफाई कराएंगे, लेकिन दूसरा शेड रोडवेज का नहीं, नगर पालिका का है। वहां के रखरखाव के बारे में नगर पालिका के ईओ को देखना है। उन्हें समस्या से अवगत कराया जाएगा।
बस अड्डे पर नया निर्माण होना है। इसलिए न तो मरम्मत हो रही है और न ही और कोई जरूरत का काम। नए निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था का चयन और काम शुरू कराने की प्रक्रिया मुख्यालय से चल रही है। काम शुरू होने पर बस अड्डे की स्थिति बदलेगी। यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं भी मिल सकेंगी।- डीके चौबे, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
चुनाव ड्यूटी में गईं रोडवेज की 37 बसें, व्यवस्था चौपट
रोडवेज की 37 बसें लोकसभा चुनाव में पुलिस बल को लेकर दूसरे जनपदों में रवाना हो चुकी हैं। इस कारण यात्री सेवाओं के लिए बसें कम पड़ रही हैं। अब जिस रूट पर एक घंटे में बस मिलती थी अब उसके लिए डेढ़ से दो घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। रोडवेज के पास 126 बसें बदायूं डिपो में हैं। खटारा और पुरानी होने कारण औसतन 20 बसें हर रोज किसी न किसी वजह से चल नहीं पातीं। चुनाव में 37 बसें चले जाने से 69 बसें ही संचालित हैं। बसों की कमी का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। एआरएम डीके चौबे का कहना है कि गेहूं की कटाई की वजह से यात्रियों की संख्या इन दिनों कम है। इसलिए उपलब्ध बसों से ही काम चल रहा है। ब्यूरो
यात्री बोले- कम से कम पानी का तो इंतजाम हो
बस अड्डे पर सफाई और पेयजल का इंतजाम तो होना ही चाहिए। दिल्ली के लिए बस का इंतजार करना पड़ा। पता चला है कि कुछ बसें चुनाव में लगा दी गईं। इसलिए आधा घंटे इंतजार करना पड़ा। - मनीष गुप्ता, बदायूं
रोडवेज की बस सेवाएं समय सारणी के हिसाब से संचालित नहीं हो रहीं। मुझे इंतजार के बाद दिल्ली के लिए बस मिली है। सुविधाएं भी कम हैं। - अकमल, बदायूं

रोडवेज बस स्टैंड पर लगा वाटर कूलर के आसपास फैला दूषित पानी। संवाद

रोडवेज बस स्टैंड पर लगा वाटर कूलर के आसपास फैला दूषित पानी। संवाद