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बिना रोक-टोक के जलाई जा रही पराली, बढ़ रहा प्रदूषण
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दातागंज क्षेत्र में खेतों में जलाई जा रही पराली। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। कई खेतों में किसान धड़ल्ले से बेखौफ होकर पराली जला रहे हैं। उन्हें न तो प्रशासन की कार्रवाई का डर है और न ही कोर्ट के आदेश की परवाह। ऐसे में पराली जलाने के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है और चारों ओर धुंध फैलने से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
जिले में धान और गेहूं की खेती प्रमुख रूप से की जाती है। इस समय धान की कटाई का समय चल रहा है। इस बार बाढ़ और बारिश की वजह से फसल को काफी नुकसान हुआ है, ऐसे में इस बार कटाई भी देर से शुरू हो सकी है। दोबारा बारिश की आशंका या नुकसान की आशंका को देखते हुए किसानों ने अपनी फसल को मजदूरों के बजाय कंबाइन मशीन से काटना शुरू कर दिया है। धान की कटाई के बाद बची फसल के अवशेष का निस्तारण करने के बजाय कई किसान इसे खेतों में जला रहे हैं। पराली जलने से जहां इसका धुआं वातावरण के प्रदूषण में बढ़ोतरी कर रहा है वहीं श्वांस के रोगियों को भी दिक्कत हो रही है। प्रशासन के अधिकारी इसे लेकर सख्त नहीं दिखाई दे रहे हैं। पिछली साल ऐसे ही 11 किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इनके खिलाफ दर्ज मामले शासन के निर्देश पर वापस लेने की प्रक्रिया चल रही है।
पराली जाने से पर्यावरण को काफी नुकसान होता है। ऐसे में अगर किसी ने पराली जलाई, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया है।
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-ऋतु पुनिया, एडीएम प्रशासन
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जिले में धान और गेहूं की खेती प्रमुख रूप से की जाती है। इस समय धान की कटाई का समय चल रहा है। इस बार बाढ़ और बारिश की वजह से फसल को काफी नुकसान हुआ है, ऐसे में इस बार कटाई भी देर से शुरू हो सकी है। दोबारा बारिश की आशंका या नुकसान की आशंका को देखते हुए किसानों ने अपनी फसल को मजदूरों के बजाय कंबाइन मशीन से काटना शुरू कर दिया है। धान की कटाई के बाद बची फसल के अवशेष का निस्तारण करने के बजाय कई किसान इसे खेतों में जला रहे हैं। पराली जलने से जहां इसका धुआं वातावरण के प्रदूषण में बढ़ोतरी कर रहा है वहीं श्वांस के रोगियों को भी दिक्कत हो रही है। प्रशासन के अधिकारी इसे लेकर सख्त नहीं दिखाई दे रहे हैं। पिछली साल ऐसे ही 11 किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इनके खिलाफ दर्ज मामले शासन के निर्देश पर वापस लेने की प्रक्रिया चल रही है।
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पराली जाने से पर्यावरण को काफी नुकसान होता है। ऐसे में अगर किसी ने पराली जलाई, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया है।
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-ऋतु पुनिया, एडीएम प्रशासन