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मातृशक्ति की अयोध्या से रामेश्वरम तक पदयात्रा मोदी राज में ही संभव : बीएल वर्मा
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केंन्द्रीय मंत्री बीएल वर्मा के साथ बाटर वूमन शिप्रा व अन्य राम भक्त। स्रोत स्वयं
बदायूं। देश में वाटर वूमन के नाम से विख्यात शिप्रा पाठक की अयोध्या से रामेश्वरम तक राम जानकी वन गमन पद यात्रा रविवार को महाराष्ट्र के सिन्नर क्षेत्र में पहुंची। केंद्रीय सहकारिता वं पूर्वोत्तर राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने यहां से ऑनलाइन वहां उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
बीएल वर्मा ने कहा कि आज भारत के अध्यात्म की पूरे विश्व में सराहना की जा रही है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। शिप्रा पाठक जैसे रामभक्त अयोध्या से रामेश्वरम तक पद यात्रा करने निकली हैं, क्योंकि आज देश में भयमुक्त वातावरण है। उन्होंने वाटर वूमन के कठिन तप की सराहना करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को भगवान राम जानकी के आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए। शिप्रा पाठक की संस्था के पर्यावरण के प्रति किए जा रहे नदी संरक्षण के कार्यों की भी सराहना की।
वाटर वूमन शिप्रा ने कहा कि महाराष्ट्र महाराज छत्रपति वीर शिवाजी की पावन कर्मस्थली पर मिले स्नेह से मन अभिभूत है। उन्होंने कहा राम जानकी वन गमन पद यात्रा का उद्देश्य भगवान राम की संकल्प शक्ति का प्रसार करने के अलावा रास्ते में पड़ने वाले विभिन्न मार्गों पर पौधारोपण की योजना बनाना भी है। राम वन गमन पथ पर आप सभी के सहयोग से राम जानकी वन वाटिका लगाई जाएगी, जिससे विलुप्त होती औषधियों को संरक्षित किया जाएगा।
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बीएल वर्मा ने कहा कि आज भारत के अध्यात्म की पूरे विश्व में सराहना की जा रही है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। शिप्रा पाठक जैसे रामभक्त अयोध्या से रामेश्वरम तक पद यात्रा करने निकली हैं, क्योंकि आज देश में भयमुक्त वातावरण है। उन्होंने वाटर वूमन के कठिन तप की सराहना करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को भगवान राम जानकी के आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए। शिप्रा पाठक की संस्था के पर्यावरण के प्रति किए जा रहे नदी संरक्षण के कार्यों की भी सराहना की।
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वाटर वूमन शिप्रा ने कहा कि महाराष्ट्र महाराज छत्रपति वीर शिवाजी की पावन कर्मस्थली पर मिले स्नेह से मन अभिभूत है। उन्होंने कहा राम जानकी वन गमन पद यात्रा का उद्देश्य भगवान राम की संकल्प शक्ति का प्रसार करने के अलावा रास्ते में पड़ने वाले विभिन्न मार्गों पर पौधारोपण की योजना बनाना भी है। राम वन गमन पथ पर आप सभी के सहयोग से राम जानकी वन वाटिका लगाई जाएगी, जिससे विलुप्त होती औषधियों को संरक्षित किया जाएगा।
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