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धान खरीद : अब तक 90 किसानों ने कराया पंजीकरण
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बदायूं। शासन ने निर्देेश दिए हैं कि जिले में एक अक्तूबर से खुलने वाले सरकारी धान क्रय केंद्रों पर केवल उन्हीं किसानों का धान खरीदा जाए, जिन्होंने विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराया है। ऐेसे में जब मात्र 90 किसानों ने ही पंजीकरण कराया है। जिले में धान खरीद के दौरान दिक्कत आने की आशंका जताई जा रही है।
जिले में धान खरीद के लिए जिला प्रशासन की ओर से 20 क्रय केंद्रों को संचालित करने की अनुमति मिली है। अधिकारियों के मुताबिक जिले में 15 और सरकारी क्रय केंद्र खोले जाएंगे। जहां पर शासन की ओर से घोषित समर्थन मूल्य पर किसानों से धान की खरीद की जाएगी। पंजीकरण की जो स्थिति है उसमें इस बार जिले में धान की खरीद कम होने की आशंका बढ़ गई है, हालांकि अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही किसानों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। किसानों से बात की जा रही है। उनको जो समस्याएं आ रहीं हैं उनका विभागीय स्तर से निस्तारण करने की कोशिश की जा रही है।
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बिचौलियों के आ सकते हैं मजे
इस बार अब तक 90 किसानों की ओर से विभाग की बेवसाइट पर रजिस्ट्रेशन होना बिचौलियों को बढ़ावा देने का काम करेगा। धान बेचने के लिए पंजीकरण कराना जरूरी है ऐसे में इस बात की आशंका बढ़ गई है कि मजबूरी में किसान अढ़ातियों और बिचौलियों को धान बेचने पर मजबूर होंगे।
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विभाग की ओर से प्रेरित किया जा रहा है कि ज्यादा से ज्यादा किसान अपना पंजीकरण कराए। उनको जो समस्याएं आ रहीं हैं उनका निस्तारण कराया जा रहा है।
- प्रकाश नारायण, डिप्टी आरएमओ
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जिले में धान खरीद के लिए जिला प्रशासन की ओर से 20 क्रय केंद्रों को संचालित करने की अनुमति मिली है। अधिकारियों के मुताबिक जिले में 15 और सरकारी क्रय केंद्र खोले जाएंगे। जहां पर शासन की ओर से घोषित समर्थन मूल्य पर किसानों से धान की खरीद की जाएगी। पंजीकरण की जो स्थिति है उसमें इस बार जिले में धान की खरीद कम होने की आशंका बढ़ गई है, हालांकि अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही किसानों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। किसानों से बात की जा रही है। उनको जो समस्याएं आ रहीं हैं उनका विभागीय स्तर से निस्तारण करने की कोशिश की जा रही है।
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बिचौलियों के आ सकते हैं मजे
इस बार अब तक 90 किसानों की ओर से विभाग की बेवसाइट पर रजिस्ट्रेशन होना बिचौलियों को बढ़ावा देने का काम करेगा। धान बेचने के लिए पंजीकरण कराना जरूरी है ऐसे में इस बात की आशंका बढ़ गई है कि मजबूरी में किसान अढ़ातियों और बिचौलियों को धान बेचने पर मजबूर होंगे।
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विभाग की ओर से प्रेरित किया जा रहा है कि ज्यादा से ज्यादा किसान अपना पंजीकरण कराए। उनको जो समस्याएं आ रहीं हैं उनका निस्तारण कराया जा रहा है।
- प्रकाश नारायण, डिप्टी आरएमओ