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Budaun News: दो साल से अधूरे ओवरहेड टैंक, नल से जल योजना अधर में
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धर्मेद्र शर्मा
- फोटो : संवाद
बदायूं। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल से जल योजना जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। करीब दो साल पहले शुरू हुए काम आज तक अधूरे हैं। कहीं ओवरहेड टैंक अधूरा है, तो कहीं पंप हाउस ही नहीं बना। जिन गांवों में सप्लाई है, वहां बिजली आने पर सीधे मोटर चलाकर पानी भेजा जा रहा है। नतीजा यह कि कुछ घरों में पानी पहुंचता है तो कई परिवार आज भी बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। पाइप लाइन डालने के लिए सड़कें खोदी गई है जो दोबारा सही नहीं हो सकी है। इससे लोगों को आवागमन में भी दिक्कत हो रही है।
जिले में कार्यदायी संस्था पीएनसी को पाइपलाइन डालने, ओवरहेड टैंक बनाने और घर-घर कनेक्शन देने का जिम्मा सौंपा गया था। दावा किया गया कि जिले में 4,50,229 घर है। जबकि 4,45,610 घरों में कनेक्शन दिया गया है कुल 99 फीसदी काम पूरा है, लेकिन हकीकत यह है कि कई गांवों में अभी तक कनेक्शन ही नहीं हो पाए हैं। ओवरहेड टैंक अधूरे हैं और पंप हाउस जर्जर हाल में हैं।
ग्रामीणों की बेबसी यह है कि योजना का लाभ न मिलने से वे फिर से हैंडपंपों पर निर्भर हो गए हैं। पानी की किल्लत से महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हैं। वहीं ग्रामीणों आरोप लगा रहे हैं कि योजना केवल कागजों पर पूरी दिखा दी गई है, हकीकत में सरकार की घोषणाओं का असर गांवों तक नहीं पहुंचा। वहीं, विभागीय अधिकारी अब भी अगले तीन-चार महीने में काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन दो साल से अधूरे पड़े कामों और जमीनी हकीकत देखकर ग्रामीणों का भरोसा लगातार टूटता जा रहा है।
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एक्सएईन पर अधीक्षण अभियंता के चार्ज, नहीं दे पा रहे समय
-जिले में जल निगम में एक्सईएन नरेंद्र वर्मा तैनात है। इन पर बरेली मंडल के अधीक्षण अभियंता के अतिरिक्त चार्ज है। ऐसे में वह बदायूं जिले का पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। जिसकी वजह से जिले में धरातल काम तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। वहीं जिले में अधिकारी नहीं मिलने पर समस्याओं से अवगत नहीं करा पाते हैं।
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क्या बोले लोग
फोटो-15
- व्योर कासिमाबाद ग्राम पंचायत में ठेकेदार नौ माह पहले पाइप लाइन डाल कर चले गए हैं। एक साल पहले बोरिंग कराई गई है। तब से ठेकेदार काम छोड़ गए हैं। सड़कें खुदी पड़ी है और ग्रामवासी परेशान है। - धर्मेद्र शर्मा, व्योर कासिमाबाद
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फोटो-16
एक साल पहले ठेकेदार ने ओवरहेड टैंक बनाकर छोड़ दिया है। उसके बाद भी गांव में पानी की सप्लाई नहीं शुरू हुई। पाइप लाइन डालने में गड़बड़ी की गई है। किसी के घर में पानी नहीं पहुंच रहा है। - विजय, खेड़ादास
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यह है स्थिति जिले में 857 नलकूप लगवाने का लक्ष्य था और अब तक 855 लगा दिए गए हैं। ऐसे ही 857 ओवरहेड टैंक के सापेक्ष 337 का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा 857 पंप हाउस का निर्माण करवाना था। इसके सापेक्ष 842 बना दिए गए हैं। घर- घर पानी पहुंचाने के लिए 6975 किलोमीटर पाइप लाइन के सापेक्ष 6960 किलोमीटर बिछा दी गई है।
-- -- -- -- -वर्जन
- जिले में पीएनसी संस्था को काम कराने का जिम्मा दिया गया है। कहीं पर कोई कमी है तो उसको दिखाया जाएगा। जहां गड़बड़ी होगी, उसे सही कराया जाएगा। लोगों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - केशव कुमार, सीडीओ
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जिले में कार्यदायी संस्था पीएनसी को पाइपलाइन डालने, ओवरहेड टैंक बनाने और घर-घर कनेक्शन देने का जिम्मा सौंपा गया था। दावा किया गया कि जिले में 4,50,229 घर है। जबकि 4,45,610 घरों में कनेक्शन दिया गया है कुल 99 फीसदी काम पूरा है, लेकिन हकीकत यह है कि कई गांवों में अभी तक कनेक्शन ही नहीं हो पाए हैं। ओवरहेड टैंक अधूरे हैं और पंप हाउस जर्जर हाल में हैं।
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ग्रामीणों की बेबसी यह है कि योजना का लाभ न मिलने से वे फिर से हैंडपंपों पर निर्भर हो गए हैं। पानी की किल्लत से महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हैं। वहीं ग्रामीणों आरोप लगा रहे हैं कि योजना केवल कागजों पर पूरी दिखा दी गई है, हकीकत में सरकार की घोषणाओं का असर गांवों तक नहीं पहुंचा। वहीं, विभागीय अधिकारी अब भी अगले तीन-चार महीने में काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन दो साल से अधूरे पड़े कामों और जमीनी हकीकत देखकर ग्रामीणों का भरोसा लगातार टूटता जा रहा है।
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एक्सएईन पर अधीक्षण अभियंता के चार्ज, नहीं दे पा रहे समय
-जिले में जल निगम में एक्सईएन नरेंद्र वर्मा तैनात है। इन पर बरेली मंडल के अधीक्षण अभियंता के अतिरिक्त चार्ज है। ऐसे में वह बदायूं जिले का पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। जिसकी वजह से जिले में धरातल काम तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। वहीं जिले में अधिकारी नहीं मिलने पर समस्याओं से अवगत नहीं करा पाते हैं।
क्या बोले लोग
फोटो-15
- व्योर कासिमाबाद ग्राम पंचायत में ठेकेदार नौ माह पहले पाइप लाइन डाल कर चले गए हैं। एक साल पहले बोरिंग कराई गई है। तब से ठेकेदार काम छोड़ गए हैं। सड़कें खुदी पड़ी है और ग्रामवासी परेशान है। - धर्मेद्र शर्मा, व्योर कासिमाबाद
फोटो-16
एक साल पहले ठेकेदार ने ओवरहेड टैंक बनाकर छोड़ दिया है। उसके बाद भी गांव में पानी की सप्लाई नहीं शुरू हुई। पाइप लाइन डालने में गड़बड़ी की गई है। किसी के घर में पानी नहीं पहुंच रहा है। - विजय, खेड़ादास
यह है स्थिति जिले में 857 नलकूप लगवाने का लक्ष्य था और अब तक 855 लगा दिए गए हैं। ऐसे ही 857 ओवरहेड टैंक के सापेक्ष 337 का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा 857 पंप हाउस का निर्माण करवाना था। इसके सापेक्ष 842 बना दिए गए हैं। घर- घर पानी पहुंचाने के लिए 6975 किलोमीटर पाइप लाइन के सापेक्ष 6960 किलोमीटर बिछा दी गई है।
- जिले में पीएनसी संस्था को काम कराने का जिम्मा दिया गया है। कहीं पर कोई कमी है तो उसको दिखाया जाएगा। जहां गड़बड़ी होगी, उसे सही कराया जाएगा। लोगों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - केशव कुमार, सीडीओ

धर्मेद्र शर्मा- फोटो : संवाद

धर्मेद्र शर्मा- फोटो : संवाद

धर्मेद्र शर्मा- फोटो : संवाद

धर्मेद्र शर्मा- फोटो : संवाद