फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   other

अब नहीं चलेंगे केवल दस्तखत, कोटेदार बनने को भी जरूरी होगा...%हाईस्कूल%

Thu, 22 Aug 2019 06:29 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 22 Aug 2019 06:29 PM IST
विज्ञापन
other
बदायूं। कोटा हासिल करने वाले उन लोगों के लिए यह अच्छी खबर नहीं होगी, जो केवल साक्षर या फिर केवल नाम लिखना ही जानते हैं। अब यदि किसी को कोटेदार बनना है तो हाईस्कूल तो पास करना ही होगा। शासन द्वारा जारी इस नई व्यवस्था के बाद कोटेदार बनने के लिए भी हाईस्कूल की योग्यता निर्धारित कर दी गई है। हालांकि जो पुराने कोटेदार हैं वह बने रहेेंगे, लेकिन यदि उन्होंने भी राशन वितरण में किसी तरह की गड़बड़ी की और जांच में सही पाया गया तो उनकी कोटेदारी खत्म हो जाएगी और फिर दोबारा उन्हें दुकान नहीं मिल पाएगी। शासन की इस नयी व्यवस्था से पुराने और वर्षों से कोटेदारी कर इलाके में दबंगई दिखाने वालों की दिक्कतें बढ़ना तय माना जा रहा है।
विज्ञापन

सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर वर्षों से माफिया हावी हैं, जिसकी वजह से बहुत से गांवों के उपभोक्ताओं को आज भी समय से राशन नहीं मिल पाता है या फिर उन्हें कम दिया जाता है। यदि किसी तरह की शिकायत की जाती है तो कोटेदार उन्हें हड़काकर शांत कर देते हैं। चूंकि राशन माफिया को सफेदपोशों का संरक्षण रहता है। ऐसे में उनका कुछ बिगड़ भी नहीं पाता है और वही माफिया अपने तरह से ही दुकानें चलाते हैं। ऐसे में तमाम शिकायतें समय-समय पर योगी सरकार तक पहुंचती रही हैं। इस पर शासन स्तर पर राशन व्यवस्था को दुरुस्त करने और माफियाओं का तिलिस्म तोड़ने को समय-समय पर नया फार्मूला अपनाया जाता रहा है। अब शासन ने जो नई व्यवस्था अपनायी है, उसके तहत अब वही व्यक्ति कोटेदार बन सकेगा जो हाईस्कूल पास होगा। यानि कि अब मात्र शिक्षित होने से काम नहीं चलेगा। कोटेदार बनने को बाकायदा हाईस्कूल का अंकपत्र और प्रमाणपत्र दाखिल करना होगा। जांच पड़ताल के बाद खुली बैठक में उसका चयन होगा।
विज्ञापन


आंकड़ों की नजर में
- बदायूं में वर्तमान में 1428 कोटेदार हैं। इनमें 198 नगरीय क्षेत्र और देहात में 1230 कोटेदार हैं। आंकड़े जो बता रहे हैं उसके अनुसार इस वक्त 19 कोटेदार निलंबित चल रहे हैं, जिनका चयन होना है। लिहाजा, अब उन गांवों में नयी व्यवस्था के तहत हाईस्कूल पास को ही कोटेदार की जिम्मेदारी मिलेगी। हालत ये है कि अभी 1428 में से लगभग चार सौ कोटेदार ही हाईस्कूल पास हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिकायतें होने पर गंवानी पड़ेगी कोटेदारी
- अब पुराने ऐसे कोटेदारों को उपभोक्ताओं से मधुर व्यवहार रखना होगा, जो मात्र शिक्षित हैं और हाईस्कूल पास नहीं हैं। क्योंकि जाहिर हैं कि उनकी कोटेदारी को खत्म कराने के लिए गांवों में माहौल तैयार किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के ‘नेताजी’ की भूमिका अहम रहेगी।

हां, शासन की ओर से नियमों में परिवर्तन किया गया है। इसमें अब हाईस्कूल पास व्यक्ति ही कोटेदार बन सकता है। हालांकि अभी तक पढ़ा-लिखा होना काफी था, लेकिन जो पहले से कोटेदार हैं, उन पर ये नियम लागू नहीं होता है। अब जो नए कोटेदारों को चयन होगा, उसमें ये नियम लागू किया जाएगा।
-रामेंद्र सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed