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Budaun News: जानलेवा हुए शहर में खुले नाले, एनजीटी के निर्देश भी बेअसर

Mon, 06 Oct 2025 02:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 06 Oct 2025 02:00 AM IST
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Open drains in the city have become fatal, NGT's instructions have also become ineffective.
जीआईसी के सामने खुला पड़ा नाला। संवाद
बदायूं। शहर की सड़कें पर सिर्फ जाम या गड्ढों से नहीं, बल्कि खुले नालों से भी खतरा हैं। प्रमुख इलाकों में ढक्कन विहीन नालों ने पैदल राहगीरों, स्कूली बच्चों और दोपहिया चालकों के लिए जानलेवा स्थिति पैदा कर दी है। नगर पालिका की अनदेखी और आधे-अधूरे कामों की वजह से कई बार हादसे हो चुके हैं। एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) का आदेश हैं कि नगर निकायों को खुले नालों को ढकने, नियमित सफाई कराने और प्रदूषण नियंत्रण के उपाय करने चाहिए। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है और जगह- जगह नाले खुले हैं।
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खतरनाक इलाकों की स्थिति
बस स्टेशन से राजकीय इंटर कॉलेज व जिला अस्पताल की ओर जाने वाले मार्ग पर नाला खुला है। सड़क संकरी है और भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। बस या ऑटो से बचने के चक्कर में कई बार लोग नाले में गिर चुके हैं। ऐसे ही हालात परशुराम चौक से वन विभाग रोड का है। नाले का कुछ हिस्सा ढका गया है, लेकिन ज्यादातर हिस्सा खुला है। रात में लाइट की कमी के कारण यहां गिरने का खतरा सबसे अधिक है। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज और चर्च रोड के आसपास छात्राओं और राहगीरों को खुले नाले के किनारे से गुजरना पड़ता है। हल्की बरसात में यहां पानी भर जाता है, जिससे नाला और सड़क का फर्क तक नजर नहीं आता। भामाशाह चौक से पुलिस लाइन रोड तक गहरा नाला है। रात में यहां गिरने से कई लोग चोटिल हो चुके हैं। पुलिस लाइन गेट के पास भी एक लंबा हिस्सा बिना ढक्कन के पड़ा है। स्काउट भवन और वाटर वर्क्स रोड किनारे का नाला हादसों की दृष्टि से संवेदनशील है। कुछ साल पहले यहां एक व्यक्ति नाले में गिरकर घायल हो गया था।
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सार्थक नहीं हो सका पालिका का अभियान
पिछले वर्ष हादसों की बढ़ती घटनाओं के बाद नगर पालिका ने अभियान चलाकर कुछ स्थानों पर नाले ढकवाए थे। इनमें भामाशाह चौक से इंदिरा चौक और वन विभाग रोड पर कुछ मीटर हिस्से को ही ढका गया। बाकी हिस्सों में कार्य अधूरा है, जिससे नागरिकों में नाराजगी है।
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खुले नालों से यह हो चुके हैं हादसे-
- अप्रैल 2025: वाटर वर्क्स रोड पर खुले नाले में ककराला निवासी रहीस गिर गए थे, साथी ने समय रहते बचा लिया।
- दिसंबर 2024: पथिक चौक के पास खुले नाले में मानसिक रूप से विकलांग व्यक्ति गिरा, जिसकी मौत हो गई।
- नवंबर 2024: रोडवेज बस स्टेशन के पास युवक बस से बचने के प्रयास में नाले में गिरा।
- फरवरी 2012: पुलिस लाइन क्षेत्र में सिरासौल निवासी युवक की नाले में गिरकर मौत हुई थी।
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नालों के खुला रहने से हादसों का खतरा
- शहर में नालों को खुला छोड़ने के कारण कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। बच्चे, बुजर्ग और राहगीर इन नालों में गिरने का खतरा झेलते हैं। पालिका प्रशासन नालों की सुरक्षा के लिए और कदम उठाए। - प्रमोद शर्मा
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नालों को ढकवाने की जरूरत
पालिका प्रशासन को चाहिए कि शहर के प्रमुख इलाकों और भीड़-भाड़ वाली जगहों से निकलने वाले नालों को शीघ्र ढकवाया जाए। ताकि विकास के साथ-साथ सुरक्षा भी बनी रहे। - विपिन अग्रवाल
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कराया जाएगा सर्वे
शहर के खुले नालों का सर्वे कराया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकता तय कर नालों को ढकवाने की कार्रवाई की जाएगी। - विनय कुमार मणि त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद बदायूं

जीआईसी के सामने खुला पड़ा नाला। संवाद

जीआईसी के सामने खुला पड़ा नाला। संवाद

जीआईसी के सामने खुला पड़ा नाला। संवाद

जीआईसी के सामने खुला पड़ा नाला। संवाद

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