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तेलंगाना महिला टीम समूह बनाकर लौटी
badaun
Updated Fri, 02 Jan 2015 07:31 PM IST
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत चयनित सालारपुर ब्लाक में स्वरोजगार को समूह गठन और उनका सफल संचालन के लिए तेलंगाना से आई महिला टीम ने दो गांवों में छह-छह समूह गठित कर उनका लेखा संचालन आदि शुरू करा दिया है। दो-दो समूह सखी भी बना दी हैं। यह टीम वापस चली गई है। अब जनवरी के लास्ट में यही टीम और तीन अन्य टीम आएंगी जो ब्लाक को चार सेक्टर में बांटकर अपना काम पूरा करेंगी। समूह सृजित कर उन्हें संचालन का गुर सिखाएंगी।
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समूह गठन कर स्वरोजगार सृजन किए जाने में बदायूं उन 22 जिलों में शामिल है, जिनमें विशेष अभियान लिए गए हैं। यही वजह है कि तेलंगाना की महिला टीम यहां सालारपुर ब्लाक में दो गांवों में समूह संचालन के गुर सिखाकर वापस हुई है। इस ब्लाक के गांव दुगरैया को संतृत्व किए जाने के बाद तेलंगाना की इस महिला टीम ने कासमपुर गांव चुना। दोनों गांवों में छह-छह समूह गठित कर दिए गए हैं। दो-दो समूह सखी घोषित कर उन्हें संचालन की विधियां बता गईं हैं। इन गांवों में खुली बैठक में टीम उन गरीबों को भी योजना में शामिल कर रही है, जो गरीब तो हैं लेकिन उनका गरीबों की सूची में नाम नहीं है। समूहों के संचालन से लेकर उनको अभिलेखों के बारे में भी पूरी जानकारी दी जा रही है। तेलंगाना से अब जनवरी के लास्ट में चार टीमें आएंगी। इसमें पहले आनी वाली टीम भी शामिल होगी।
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जिले में गरीबों परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ने की मंशा से शुरू योजना में उन सभी बिंदुओं पर काम हो रहा है, जिससे धरातल पर आने वाली समस्याएं समूहों को विघटित न कर सकें। समूह में शामिल लोगों से जुड़े बच्चों को भी स्वरोजगार के लिए ट्रेनिंग एक बड़ा प्रोत्साहन है।
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पुरानी योजना का समावेश नई योजना में
पूर्व में प्रदेश सरकार और राजीव गांधी महिला विकास परियोजना में करीब 850 समूह हैं। इन समूहों में जो गरीब लोग हैं, उन समूहों को भी एनआरएलएम में जगह दी जाएगी और नए सिरे से इसका विकास किया जाएगा। मिशन उपायुक्त ने संभावना तलाशनी शुरू कर दी हैं।
समूह से जुड़े लोगों की अगली पीढ़ी की चिंता
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) उन गरीबों तक पहुंचेगा जो गरीब सूचीबद्ध नहीं हैं। इसके लिए खुली बैठकों का भी प्रस्ताव है। यही नहीं गरीबों के समूह गठन के साथ ही इन समूहों से जुड़े लोगाें के बच्चों को रोजगारपरक ट्रेनिंग को मुख्यालय पर ट्रेनिंग सेंटर भी खोला गया है। इसमें समूह के गरीब परिवारों से जुड़े 18 से 35 वर्ष तक सदस्य प्रशिक्षण लेंगे। प्रशिक्षण में प्रति अभ्यर्थी दो सौ रुपये एनआरएलएम की ओर से दिए जाएंगे। प्रत्येक सत्र में करीब 700 बच्चे इस ट्रेनिंग सेंटर से ट्रेनिंग लेकर निकलेंगे। एक बैच ट्रेनिंग लेकर निकल चुका है। दूसरा बैच शुरू हो गया है। यहां अभी कंप्यूटर और ब्यूटी कल्चर की ट्रेनिंग हो रही है। एनआरएलएम गरीब परिवारों की आगामी पीढ़ी को भी रोजगार से जोड़ने की कवायद में है। इसके तहत लीड बैंक पीएनबी ने सर्राफा बाजार में एक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोला गया है। जिसमें समूह से जुड़े लोगों के बच्चों को सुविधा मिलेगी।
समूह गठन कर स्वरोजगार के अवसर दिलाए जाने से समूह से जुड़े गरीबों का जीवन स्तर सुधरेगा। इसके लिए संचालन ही महत्वपूर्ण है। इसके लिए ही तेलंगाना की टीमों का सहारा लिया गया है। - आरपी सिंह, उपायुक्त, एनआएलएम।