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Budaun News: अब मिट्टी में सल्फर और बोराॅन की भी जिले में हो सकेगी जांच
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मिर्धा प्रयोगशाला मे रखी मशीन। संवाद
बदायूं। जिले में अभी तक मिट्टी में केवल पांच तत्वों की जांच की ही सुविधा थी, लेकिन अब मृदा प्रयोगशाला में सल्फर और बोरॉन समेत सात पोषक तत्वों की जांच हो सकेगी। इसके लिए विभाग को मशीन प्राप्त हो गई है। जल्द ही कर्मचारियों को इसे चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। किसानों को मिट्टी की जांच की रिपोर्ट भी जल्द मिल जाया करेगी।
जिले में अब तक मिट्टी के पांच तत्वों अम्लीय या क्षारीय मान, विद्युत चालकता, जैविक कार्बन, नाइट्रोजन और फास्फोरस की ही जांच होती थी। सल्फर, जिंक, बोरॉन, आयरन, मैगनीज, कॉपर, पोटेशियम की जांच के लिए विभाग को नमूने बरेली लैब में भेजने होते थे। वहां से रिपोर्ट आने में समय लगता था। अब जिले के किसानों को यह सुविधा स्थानीय स्तर पर ही मिल जाएगी।
जिले में सल्फर और बोराॅन की जांच के लिए मशीन प्राप्त हो गई है। जल्द ही मृदा परीक्षण लैब पर तैनात कर्मचारियों को मशीन के माध्यम से सल्फर और बोराॅन की जांच करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद में कर्मचारियों द्वारा किसानों की मिट्टी की जांच की जाने लगेगी। मृदा परीक्षण प्रयोगशाला अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने बताया कि विभाग को मशीनें प्राप्त हो गई। कर्मचारियों की ट्रेनिंग होनी है। उसके बाद में जनपद स्तर पर मिट्टी की सात प्रकार की जांच हो सकेगी। हालांकि बाकी पांच प्रकार की जांच के लिए सैंपल बरेली भेजा जाएगा।
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जिले में अब तक मिट्टी के पांच तत्वों अम्लीय या क्षारीय मान, विद्युत चालकता, जैविक कार्बन, नाइट्रोजन और फास्फोरस की ही जांच होती थी। सल्फर, जिंक, बोरॉन, आयरन, मैगनीज, कॉपर, पोटेशियम की जांच के लिए विभाग को नमूने बरेली लैब में भेजने होते थे। वहां से रिपोर्ट आने में समय लगता था। अब जिले के किसानों को यह सुविधा स्थानीय स्तर पर ही मिल जाएगी।
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जिले में सल्फर और बोराॅन की जांच के लिए मशीन प्राप्त हो गई है। जल्द ही मृदा परीक्षण लैब पर तैनात कर्मचारियों को मशीन के माध्यम से सल्फर और बोराॅन की जांच करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद में कर्मचारियों द्वारा किसानों की मिट्टी की जांच की जाने लगेगी। मृदा परीक्षण प्रयोगशाला अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने बताया कि विभाग को मशीनें प्राप्त हो गई। कर्मचारियों की ट्रेनिंग होनी है। उसके बाद में जनपद स्तर पर मिट्टी की सात प्रकार की जांच हो सकेगी। हालांकि बाकी पांच प्रकार की जांच के लिए सैंपल बरेली भेजा जाएगा।
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