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अब इंटरनेट से कहीं भी पा सकेंगे खतौनी
बदायूं, ब्यूरो
Updated Wed, 03 Aug 2016 11:23 PM IST
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सभी तहसीलों को राजस्व परिषद ने दिया इंटरनेट से जोड़ने का आदेश
राजस्व परिषद के आदेश के परिपालन में जल्दी ही इसी माह जिले की सभी तहसीलें इंटरनेट सेवा से जुड़ जाएंगे। खतौनी जैसे प्रमुख भूलेखीय दस्तावेज अब कोई देश-विदेश कहीं से भी हासिल कर सकता है। यहां तक कि विदेश में बैठे लोग यदि उनकी जमीन जायदाद यहां होगी तो वह भी खतौनी हासिल कर सकते हैं। जनसेवा केंद्रों पर अब अपडेट खतौनी किसान हासिल कर सकेंगे।
यहां बता दें कि यह व्यवस्था अभी तक सात जिलों में ही लागू हो सकी थी। इसकी सफलता के बाद बदायूं समेत प्रदेश के बाकी जिलो में भी नेट सिस्टम में खतौनी डाली जा रही है जो जबतब अपडेट भी होती रहेगी। राजस्व परिषद के निदेशक के आदेश पर जिले की सभी तहसीलों को इस व्यवस्था से जोड़े जाने के जिए आदेश रिसीव करा दिए गए हैं। भू-राजस्व विभाग को इस कार्य में लगाया जा रहा है। यहां बता दें कि सभी तहसीलों के लिए दो एमबीपीएस की लाइनें लेने को कहा गया है। इसके लिए मशक्कत शुरू हो गई है। इंटरनेट के अलावा यूपी स्वान नेट से तहसीलें पहले की भांति जुड़ी रहेंगी।
30 रुपये में जनसेवा केंद्रों से मिल सकेगी खतौनी
बदायूं। जनसेवा केंद्रो से अब 30 रुपये में अपडेट खतौनी मिल सकती है। खतौनी शुल्क से ही तहसीलें इंटरनेट का खर्च बहन करेंगी। किसान समीपवर्ती किसी भी जन सेवा केंद्र से इसकी उपलब्धता आसान होगी।
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पहले एक महीना पिछली स्थिति की मिल पाती थी खतौनी
बदायूं। पूर्व में भी लोकवाणी केंद्र और जनसेवा केंद्रों से खतौनी मिलती थी लेकिन तहसीलों से खतौनी की स्थिति एनआईसी को मिलती थी। एनआईसी खतौनी अपलोड करती थी, तब कहीं खतौनी हासिल हो पाती थी। इसमें एक महीला पहले की स्थिति में खतौनी निकल पाती थी लेकिन नई व्यवस्था में ऐसा नहीं है।
राजस्व परिषद से नेट आधारित खतौनी की व्यवस्था को सभी तहसीलों को इंटरनेट कनेक्शन लेने के आदेश प्राप्त हो गए हैं। अब किसानों और भू स्वामियों को कहीं भी नेट से खतौनी सुविधा पूर्वक मिल सकती है।
- राजेंद्र प्रसाद यादव, एडीएम राजस्व एवं वित्त
राजस्व परिषद के आदेश के परिपालन में जल्दी ही इसी माह जिले की सभी तहसीलें इंटरनेट सेवा से जुड़ जाएंगे। खतौनी जैसे प्रमुख भूलेखीय दस्तावेज अब कोई देश-विदेश कहीं से भी हासिल कर सकता है। यहां तक कि विदेश में बैठे लोग यदि उनकी जमीन जायदाद यहां होगी तो वह भी खतौनी हासिल कर सकते हैं। जनसेवा केंद्रों पर अब अपडेट खतौनी किसान हासिल कर सकेंगे।
यहां बता दें कि यह व्यवस्था अभी तक सात जिलों में ही लागू हो सकी थी। इसकी सफलता के बाद बदायूं समेत प्रदेश के बाकी जिलो में भी नेट सिस्टम में खतौनी डाली जा रही है जो जबतब अपडेट भी होती रहेगी। राजस्व परिषद के निदेशक के आदेश पर जिले की सभी तहसीलों को इस व्यवस्था से जोड़े जाने के जिए आदेश रिसीव करा दिए गए हैं। भू-राजस्व विभाग को इस कार्य में लगाया जा रहा है। यहां बता दें कि सभी तहसीलों के लिए दो एमबीपीएस की लाइनें लेने को कहा गया है। इसके लिए मशक्कत शुरू हो गई है। इंटरनेट के अलावा यूपी स्वान नेट से तहसीलें पहले की भांति जुड़ी रहेंगी।
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30 रुपये में जनसेवा केंद्रों से मिल सकेगी खतौनी
बदायूं। जनसेवा केंद्रो से अब 30 रुपये में अपडेट खतौनी मिल सकती है। खतौनी शुल्क से ही तहसीलें इंटरनेट का खर्च बहन करेंगी। किसान समीपवर्ती किसी भी जन सेवा केंद्र से इसकी उपलब्धता आसान होगी।
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पहले एक महीना पिछली स्थिति की मिल पाती थी खतौनी
बदायूं। पूर्व में भी लोकवाणी केंद्र और जनसेवा केंद्रों से खतौनी मिलती थी लेकिन तहसीलों से खतौनी की स्थिति एनआईसी को मिलती थी। एनआईसी खतौनी अपलोड करती थी, तब कहीं खतौनी हासिल हो पाती थी। इसमें एक महीला पहले की स्थिति में खतौनी निकल पाती थी लेकिन नई व्यवस्था में ऐसा नहीं है।
राजस्व परिषद से नेट आधारित खतौनी की व्यवस्था को सभी तहसीलों को इंटरनेट कनेक्शन लेने के आदेश प्राप्त हो गए हैं। अब किसानों और भू स्वामियों को कहीं भी नेट से खतौनी सुविधा पूर्वक मिल सकती है।
- राजेंद्र प्रसाद यादव, एडीएम राजस्व एवं वित्त