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नेट साइट बंद होने से राशन कार्डों में नहीं हो रहा सुधार
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jul 2016 12:08 AM IST
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एक महीना पहले कोटा पूरा हो जाने के बाद बंद कर दी गई वेबसाइट
भटक रहे राशन उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रहा है निदान
भारतीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिन लोगों ने पिछले दिनों अपने राशन कार्ड नेट पर रिकार्ड करा लिए थे। वे चैन में हैं लेकिन जो लापरवाही बरतते रहे और अपने राशन कार्ड ऑन लाइन नहीं करा सके अब उनको भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे लोग भटकने को मजबूर हैं, कहीं एसडीएम कार्यालय तो कहीं जिला पूर्ति कार्यालय के चक्कर लगाते घूम रहे हैं।
यहां बता दें कि पिछले छह माह से राशन के ऑनलाइन किए जाने का काम चल रहा है। अधिकतर लोगों ने अपने राशन कार्ड ऑन लाइन करा लिए लेकिन तमाम लोग लापरवाही बरतते हुए अपने राशन कार्ड ऑन लाइन नहीं करा सके। एक महीना पहले ऑन लाइन सिस्टम सरकार ने लॉक कर दिया है। तब से राशन कार्ड भटकने को मजबूर हैं। कभी एसडीएम कार्यालय तो कभी पूर्ति कार्यालय का चक्कर लगाते हैं लेकिन कोई उनकी समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा है।
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इसलिए किया ऑनलाइन फीडिंग को लॉक
बदायूं। सरकार ने राशन कार्ड धारकों को काफी समय दिया लेकिन लोग निश्चिंतता से थे। जिले को भारतीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में लाने के लिए कोटा निर्धारित किया गया था। जनसंख्या का 64 प्रतिशत शहरी क्षेत्र के लिए और जनसंख्या का 79 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र के लिए राशन कार्डों की फीडिंग का टारगेट दिया गया था। जो पूरा हो चुका है। इसी के चलते संबंधित साइट बंद कर दी गई है। साइट न खुल पाने से जिनके राशन कार्डों में त्रुटियां हैं या सदस्यों की संख्या का परिवर्तन है, वह भी ठीक नहीं हो रहा है।
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करीब डेढ़ माह पहले की राशन कार्ड फीडिंग की प्रक्रिया ऑनलाइन लॉक कर दी गई है। उपभोक्ता इस संबंध में कार्यालयों के चक्कर न लगाएं तो अच्छा है। साइट खुलने पर ही कुछ संभव है। जो फीडिंग हो चुकी है, उसी पर आधारित रहना होगा।
- सत्यदेव, जिला पूर्ति अधिकारी
भटक रहे राशन उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रहा है निदान
भारतीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिन लोगों ने पिछले दिनों अपने राशन कार्ड नेट पर रिकार्ड करा लिए थे। वे चैन में हैं लेकिन जो लापरवाही बरतते रहे और अपने राशन कार्ड ऑन लाइन नहीं करा सके अब उनको भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे लोग भटकने को मजबूर हैं, कहीं एसडीएम कार्यालय तो कहीं जिला पूर्ति कार्यालय के चक्कर लगाते घूम रहे हैं।
यहां बता दें कि पिछले छह माह से राशन के ऑनलाइन किए जाने का काम चल रहा है। अधिकतर लोगों ने अपने राशन कार्ड ऑन लाइन करा लिए लेकिन तमाम लोग लापरवाही बरतते हुए अपने राशन कार्ड ऑन लाइन नहीं करा सके। एक महीना पहले ऑन लाइन सिस्टम सरकार ने लॉक कर दिया है। तब से राशन कार्ड भटकने को मजबूर हैं। कभी एसडीएम कार्यालय तो कभी पूर्ति कार्यालय का चक्कर लगाते हैं लेकिन कोई उनकी समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा है।
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इसलिए किया ऑनलाइन फीडिंग को लॉक
बदायूं। सरकार ने राशन कार्ड धारकों को काफी समय दिया लेकिन लोग निश्चिंतता से थे। जिले को भारतीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में लाने के लिए कोटा निर्धारित किया गया था। जनसंख्या का 64 प्रतिशत शहरी क्षेत्र के लिए और जनसंख्या का 79 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र के लिए राशन कार्डों की फीडिंग का टारगेट दिया गया था। जो पूरा हो चुका है। इसी के चलते संबंधित साइट बंद कर दी गई है। साइट न खुल पाने से जिनके राशन कार्डों में त्रुटियां हैं या सदस्यों की संख्या का परिवर्तन है, वह भी ठीक नहीं हो रहा है।
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करीब डेढ़ माह पहले की राशन कार्ड फीडिंग की प्रक्रिया ऑनलाइन लॉक कर दी गई है। उपभोक्ता इस संबंध में कार्यालयों के चक्कर न लगाएं तो अच्छा है। साइट खुलने पर ही कुछ संभव है। जो फीडिंग हो चुकी है, उसी पर आधारित रहना होगा।
- सत्यदेव, जिला पूर्ति अधिकारी