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जंग खा रहे लाखों के उपकरण, नहीं शुरू हुआ एमआरएफ सेंटर
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एमआरएफ सेंटर में रखी मशीन। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। शासन की लाख कवायद के बाद भी शहर में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। ठोस कूड़ा निस्तारित करने के लिए शासन से स्वीकृत सालिड वेस्ट मैनेजमेंट स्कीम दो साल से अधर में लटकी है। ऐसा तब है जब यहां मैटेरियल रिकवरी फैसेलिटी (एमआरएफ) सेंटर का भवन बने हुए डेढ़ साल से ज्यादा हो गया लेकिन इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। इसके उपकरण भी जंग खाने लगे हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गीला व सूखा कूड़ा अलग कर उपयोगी बनाने के लिए 42 लाख से शेखूपुर रोड पर एमआरएफ सेंटर बनाया गया था। चार नवंबर 2020 को नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता और तत्कालीन डीएम कुमार प्रशांत ने इसका लोकार्पण किया, लेकिन आज तक कूड़ा निस्तारण की शुरुआत नहीं हो सकी। निकाय अधिकारियों की उदासीनता के मद्देनजर सार्वजनिक शौचालयों की तरह एमआरएफ सेंटर शोपीस बना हुआ है। देखरेख के अभाव में नवनिर्मित भवन का रंग उड़ने लगा है। जबकि आसपास से झाड़ियां उग आईं हैं। यहां तक कि मुख्य गेट पर लगा बोर्ड तक टूटकर गायब हो गया है।
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कई बार निकाले जा चुके हैं टेंडर
नगर पालिका परिसर की ओर से कई बार टेंडर निकला जा चुका है, लेकिन फिर भी कंपनी पालिका की शर्तों पर अब तक इस काम के लिए तैयार नहीं हो सकी है। ऐसे में एमआरएफ सेंटर आज तक शुरू नहीं हो सका है।
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चलने से पहले धंस गया रोड
मुख्य रोड से एमआरएफ सेंटर को जाने के लिए सड़क बनाई गई थी, लेकिन इसकी गुणवत्ता इतनी खराब है कि वह रोड धंसने लगे हैं।
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एमआरएफ सेंटर चलाने के लिए टेंडर निकाले गए थे। एक फर्म द्वारा कुछ समय काम किया गया था पर बाद में उसने काम करने से मना कर दिया था। उसके बाद फिर टेंडर निकाला था, लेकिन कोई फर्म काम करने के लिए तैयार नहीं है। इसको जल्द ही शुरू किया जाएगा।
- दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष बदायूं
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत गीला व सूखा कूड़ा अलग कर उपयोगी बनाने के लिए 42 लाख से शेखूपुर रोड पर एमआरएफ सेंटर बनाया गया था। चार नवंबर 2020 को नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता और तत्कालीन डीएम कुमार प्रशांत ने इसका लोकार्पण किया, लेकिन आज तक कूड़ा निस्तारण की शुरुआत नहीं हो सकी। निकाय अधिकारियों की उदासीनता के मद्देनजर सार्वजनिक शौचालयों की तरह एमआरएफ सेंटर शोपीस बना हुआ है। देखरेख के अभाव में नवनिर्मित भवन का रंग उड़ने लगा है। जबकि आसपास से झाड़ियां उग आईं हैं। यहां तक कि मुख्य गेट पर लगा बोर्ड तक टूटकर गायब हो गया है।
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कई बार निकाले जा चुके हैं टेंडर
नगर पालिका परिसर की ओर से कई बार टेंडर निकला जा चुका है, लेकिन फिर भी कंपनी पालिका की शर्तों पर अब तक इस काम के लिए तैयार नहीं हो सकी है। ऐसे में एमआरएफ सेंटर आज तक शुरू नहीं हो सका है।
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चलने से पहले धंस गया रोड
मुख्य रोड से एमआरएफ सेंटर को जाने के लिए सड़क बनाई गई थी, लेकिन इसकी गुणवत्ता इतनी खराब है कि वह रोड धंसने लगे हैं।
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एमआरएफ सेंटर चलाने के लिए टेंडर निकाले गए थे। एक फर्म द्वारा कुछ समय काम किया गया था पर बाद में उसने काम करने से मना कर दिया था। उसके बाद फिर टेंडर निकाला था, लेकिन कोई फर्म काम करने के लिए तैयार नहीं है। इसको जल्द ही शुरू किया जाएगा।
- दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष बदायूं