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मंदिरों और घरों में किया मां  शैलपुत्री का पूजन-अर्चन

Sun, 02 Oct 2016 11:44 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Sun, 02 Oct 2016 11:44 PM IST
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शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन भी मंदिरों और घरों में मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की गई। मंदिरों में सुबह पांच बजे से ही देवी भक्तों पहुंचकर मां की आराधना की। घंटा घड़ियाल बजाकर और व्रत धारण करके माता रानी को प्रसन्न करने के लिए भक्तों ने श्रद्धापूर्वक पूजा की। सुबह सात बजे के बाद तो मंदिरों में पूजा करने के लिए लाइन लगानी पड़ी। 
शहर के बिरुआबाड़ी मंदिर, गौरीशंकर सहस्त्रधाम मंदिर, हरप्रसाद मंदिर आदि में सुबह से देवी भक्तों की लंबी लाइन लगीं नजर आईं। भक्तों ने मां के दर्शन करने के लिए अपनी बारी का इंतजार किया और मां की भक्ति में डूबकर मातारानी का पूजन किया। मंदिरों और घरों में पूजा अर्चना होने से माहौल भक्तिमय हो गया। पंडित गिरीश चंद्र शर्मा ने बताया कि इस बार नवरात्र 10 दिन के होने की वजह से पहले और दूसरे दिन मां  श्री मां दुर्गा भक्त मंडली द्वारा  मोहल्ला चौबे स्थित प्राचीन देवी मठिया के मंदिर पर शैलपुत्री की विशेष पूजा-अर्चना की गई। सचिव अमन मयंक शर्मा के निर्देशन में जागरण हुआ। बच्चे राशिका और विवेक ने झांकी प्रस्तुत की। इस अवसर पर अजीत शंखधार, दिनेश चंद्र शर्मा, वीरेंद्र पाठक, राहुल सैनी, गिरीश, सुमित शंखधार, गीता शर्मा, नमन मिश्रा, विवेक मौजूद रहे। 
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मातारानी के जयकारों से गूंजे मंदिर
उघैती। दूसरे दिन मां ब्रह्मचारणी की पूजा कस्बे के मंदिरों मे हुई। पूजा करने वाली महिलाओं की लंबी कतारें लगी रहीं। माता के जयकारों से कस्बा गूंज उठा। गर्वी के प्रधान रामकुमर, शर्की प्रधान रजनी देवी ने मंदिरों के आस पास व कस्बे में सफाई अभियान चलाकर गंदगी को हटवाया।
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हवन पूजन के साथ भागवत कथा का शुभारंभ
रुदायन। मां ज्वाला देवी मंदिर पर चंडी यज्ञ के साथ परिक्रमा शुरू हो गई। श्रद्धालुओं ने हवन-पूजन के साथ परिक्रमा लगाई। श्रीमद् भागवत कथा का गुणगान विदुषी आयुषी गौड़ ने किया। गौड़ ने कहा कि कथा सुनने से पहले भाव का होना जरुरी है। भाव से ही भव सागर पार होता है। भाव नहीं होगा, तब तक मन भटकता रहेगा। फिर ऐसे में न इधर के न उधर के रहोगे। इस अवसर पर उमेश सिंह, जयपाल सिंह, माया देवी, पुष्पा देवी, उन्नती, दिव्या जौहरी मौजूद रहीं।
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