{"_id":"5972283e4f1c1b46348b4821","slug":"minor-leaves-home-after-scolding-by-mother","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां ने डांटा तो घर छोड़ दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां ने डांटा तो घर छोड़ दिया
अमर उजाला ब्यूरो,बदायूं
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
Minor with Childline people
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
12 साल का बालक प्लेटफार्म पर घूमता मिला, चाइल्ड लाइन के हवाले किया
मां ने डांटा तो 12 साल का बालक घर से निकल पड़ा। वह रेलवे स्टेशन पर पहुंचा और गुजरात जाने के लिए ट्रेन का इंतजार करने लगा। घंटों इंतजार के बाद भी गुजरात जाने के लिए ट्रेन नहीं आई तो प्लेटफार्म पर भटकता रहा। चेकिंग के दौरान आरपीएफ ने उससे पूछताछ की तो घर से भागने की बात सामने आई। बच्चे ने अपना नाम करन और खुद को कादरचौक का निवासी बताया है। आरपीएफ ने कादरचौक पुलिस को सूचना देने के बाद बालक को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया।
शुक्रवार को सुबह 12 साल का यह बालक बदायूं रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर भटक रहा था। आरपीएफ की टीम ने उससे पूछताछ की तो पूछताछ में उसने अपना नाम और पता तो बता दिया लेकिन वह घर जाने को राजी नहीं हुआ। आरपीएफ को बालक ने बताया कि उसकी मां ने उसको डांट दिया था, क्योंकि वह गुजरात जाने की जिद कर रहा था। मां गुजरात में पहले एक रिश्तेदारी में गई थी, इसलिए वह भी जाना चाहता था। मां ने डांटा तो घर से निकल आया। वह प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंच गया। काफी देर बच्चे को प्लेटाफार्म पर घूमता देख आरपीएफ सब इंस्पेक्टर उदयराज की उस पर नजर पड़ी। उसको आरपीएफ थाने लाया गया। यहां से कादरचौक थाने सूचना दी गई लेकिन देर शाम तक बच्चे के परिवार वाले थाने नहीं पहुंचे तो आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक हरेंद्र सिंह ने चाइल्ड लाइन को सूचना दे दी। देर शाम थाने पहुंचे चाइल्ड लाइन सेंटर के गौरव शंकर को सुपुर्दगी दे दी गई। मां-बाप के आने पर शनिवार को चाइल्ड लाइन सेंटर वाले परिजनों के साथ काउंसलिंग कर बच्चे को उनके सुपुर्द कर देंगे।
विज्ञापन
मां ने डांटा तो 12 साल का बालक घर से निकल पड़ा। वह रेलवे स्टेशन पर पहुंचा और गुजरात जाने के लिए ट्रेन का इंतजार करने लगा। घंटों इंतजार के बाद भी गुजरात जाने के लिए ट्रेन नहीं आई तो प्लेटफार्म पर भटकता रहा। चेकिंग के दौरान आरपीएफ ने उससे पूछताछ की तो घर से भागने की बात सामने आई। बच्चे ने अपना नाम करन और खुद को कादरचौक का निवासी बताया है। आरपीएफ ने कादरचौक पुलिस को सूचना देने के बाद बालक को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया।
शुक्रवार को सुबह 12 साल का यह बालक बदायूं रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर भटक रहा था। आरपीएफ की टीम ने उससे पूछताछ की तो पूछताछ में उसने अपना नाम और पता तो बता दिया लेकिन वह घर जाने को राजी नहीं हुआ। आरपीएफ को बालक ने बताया कि उसकी मां ने उसको डांट दिया था, क्योंकि वह गुजरात जाने की जिद कर रहा था। मां गुजरात में पहले एक रिश्तेदारी में गई थी, इसलिए वह भी जाना चाहता था। मां ने डांटा तो घर से निकल आया। वह प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंच गया। काफी देर बच्चे को प्लेटाफार्म पर घूमता देख आरपीएफ सब इंस्पेक्टर उदयराज की उस पर नजर पड़ी। उसको आरपीएफ थाने लाया गया। यहां से कादरचौक थाने सूचना दी गई लेकिन देर शाम तक बच्चे के परिवार वाले थाने नहीं पहुंचे तो आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक हरेंद्र सिंह ने चाइल्ड लाइन को सूचना दे दी। देर शाम थाने पहुंचे चाइल्ड लाइन सेंटर के गौरव शंकर को सुपुर्दगी दे दी गई। मां-बाप के आने पर शनिवार को चाइल्ड लाइन सेंटर वाले परिजनों के साथ काउंसलिंग कर बच्चे को उनके सुपुर्द कर देंगे।
विज्ञापन