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मानसिक रूप से मजबूत हों बेटियां तभी सशक्त बनेंगी

Fri, 17 Dec 2021 01:10 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 17 Dec 2021 01:10 AM IST
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Mentally strong daughters will become strong only
अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के विचार रखतीं मनोचिकित्सक डॉ. सर्वेश कुमारी। - फोटो : BADAUN
बदायूं। जीजीआईसी में हुए कार्यक्रम में जिला अस्पताल कक्ष के प्रभारी मनोचिकित्सक डॉ. सर्वेश कुमारी ने कहा कि समाज में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। बावजूद अब भी कई क्षेत्रों में व्यापक बदलाव की जरूरत है। बालिकाओं व युवतियों को मानसिक रूप से सशक्त होने की जरूरत है। ऐसा होने पर उन्हें आसपास होने वाले बदलाव से कोई दिक्कत नहीं होगी। सशक्त बेटियां सशक्त देश की नींव मजबूत करेंगी।
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जीजीआईसी में बृहस्पतिवार को अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत हुए संवाद कार्यक्रम में जिला अस्पताल के मन कक्ष की प्रभारी सर्वेश कुमारी ने छात्राओं को कई जरूरी बातें बताईं। उन्होंने बताया कि कोई भी उम्र हो, हर किसी पर मानसिक दबाव होता है। यह दबाव किसी भी तरह का हो सकता है। छात्राओं को स्कूल समय से पहुंचने का दबाव है या फिर स्कूल में दिए गए काम को बेहतर तरीके से कराने का। इसके अलावा शरीर में होने वाले परिवर्तन, समाज में होने वाली घटनाओं की वजह से दिमाग के कई तरह के विचार आते हैं।
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कई ऐसे सवाल होते हैं जिनका समाधान हमारे पास नहीं होता। बावजूद संकोच, शर्म की वजह से यह बात हम किसी को नहीं बता पाते हैं। ऐसे में तमाम बीमारियां हमारे शरीर में घर बना लेती हैं।
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कहा कि किसी परिस्थिति में घबराना नहीं है। अपनी बात सही से कहना सीखें। साथ ही स्पष्ट और सरल शब्दों में अपनी बात को रखें। छात्राओं से कहा कि एडमिशन के समय यह देखने को मिलता है कि अगर एक छात्रा ने कोई विषय लिया है तो साथी छात्राएं भी उसी विषय को लेने का मन बनाती हैं। यह मानसिक दबाव के चलते भी होता है, क्योंकि वह अपनी साथी को छोड़ना नहीं चाहतीं। जबकि वह दूसरे विषय में उससे बेहतर कर सकती हैं। भेड़चाल से बचें, अपने आप को सक्षम बनाएं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने उनसे पढ़ाई के तनाव व अन्य विषयों पर सवाल पूछे जिसका उन्होंने समुचित जवाब देकर उनकी जिज्ञासा शांत की।
कई बार ऐसी चीजें अचानक सामने आ जाती है। जिनके बारे में कभी सोचा नहीं था। ऐसे में सोचने की क्षमता पर काफी प्रभाव पड़ता है। मनोचिकित्सक ने जो बातें बताई है। उनका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
-नैना भारती
मनोचिकित्सक ने कई महत्वपूर्ण बातें बताई हैं जो जिंदगी में हर कदम पर साथ देंगी। जिन बात पर हम लोग गौर नहीं किया करते हैं। जबकि वह बातें हमारे जीवन व दिनचर्या में शामिल हैं।
-शीतल
उम्र बढ़ने के साथ पढ़ाई का बोझ व परिवार की अपेक्षाएं भी बढ़ती हैं। सभी चीजों में साम्य कैसे रखना है, यह इस कार्यशाला से समझ में आया। अब दूसरों को भी समझाएंगे। - नेहा

हम अब तक शरीर के स्वस्थ रहने पर ध्यान देते थे पर मानसिक स्वास्थ्य उससे भी ज्यादा अहम चीज है। जब मन स्वस्थ व प्रसन्नचित्त होगा तो सभी काम बेहतर तरीके से होंगे।
- शिल्पी
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