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तंबुओं के घर, पुआल के बिस्तर....रेत की चादर पर बस रहा शहर
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मेला ककोड़ा। झंडी पूजन के बाद मेला ककोड़ा में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। ऐसे में गंगा की कटरी अब गुलजार होने लगी है। इसको देखते हुए फ्लड पीएसी के जवान भी मेले में पहुंच गए हैं, जो लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखेंगे। सुरक्षा के दृष्टिगत मेले में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
मेला ककोड़ा का पांच नवंबर से औपचारिक रूप से शुभारंभ हो गया है। इसके साथ में मेले में बदायूं समेत दूरदराज से श्रद्धालुओं का पहुंचना भी प्रारंभ हो गया है। श्रद्धालु मां गंगा के जल में स्नान कर अपने परिवार के लोगों की सुख समृद्धि की कामना कर रहे हैं। भीड़ बढ़ने पर स्नान का सिलसिला और बढ़ेगा तो ऐसे में स्नान करते वक्त कहीं कोई हादसा न हो जाए, इसको ध्यान में रखते हुए फ्लड पीएसी ने अपना डेरा यहां डाल लिया है। इस बार पीएसी की आठवीं वाहिनी के 40 जवान मेले में पहुंच गए हैं। वहीं जिला प्रशासन की ओर से मेला ककोड़ा में सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत सीसीटीवी कैमरे लगाने का भी फैसला लिया है। इसको लेकर मेले में तैयारियां चल रही हैं, ताकि अगर मेले में कोई अप्रिय घटना हो, तो व्यक्ति को आसानी से पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
मेला ककोड़ा। मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए किसी प्रकार की असुविधा का सामान न करना पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसको ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से इस बार मेले में 15 केरोसिन की दुकानों को खोलने के निर्देश दिए गए हैं।
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रुहेलखंड के मिनी कुंभ मेला ककोड़ा में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, साथ ही यहां पर कल्पवास करते हैं। ऐसे में यहां पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो, इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से लगातार मेले में तैयारियां की जा रही हैं। मेले मेें श्रद्धालुओं के लिए केरोसिन की जरूरत पड़ती है, जो वहां पर आम दुकानों के माध्यम से उपलब्ध नहीं पाता हैं। प्राइवेट दुकानों पर प्रशासन ने पाबंदी भी लगा दी है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से मेले में 15 राशन की अस्थायी दुकानों को खुलवाया जाएगा, जहां पर प्रति व्यक्ति दो-दो लीटर केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जगह का चिह्नीकरण चल रहा है।
मेला ककोड़ा। अधिकारियों की लापरवाही कहें या अनदेखी, जिसकी वजह से प्रतिबंधित पॉलिथीन, थर्माकोल से बनी पत्तलें और कटोरी का उपयोग धड़ल्ले से मेले में किया जा रहा है। इस पर प्रशासन की ओर से कोई बैन नहीं लगाया गया है, जिसकी वजह से शासन की पॉलिथीन, थर्माकोल पर प्रतिबंध करने की योजना पूरी तरह से फ्लॉप नजर आ रही है। इसकी वजह से मेले में गंदगी होना लाजिमी है।
शासन के साफ निर्देश हैं पॉलिथीन और थर्माकोल से बनी चीजों का उपयोग किसी भी कीमत पर नहीं होना चाहिए। इसी क्रम में जिला प्रशासन की ओर से पॉलिथीन और थर्माकोल के खिलाफ जिले भर में जमकर अभियान चलाया गया। इस दौरान प्रशासन ने कई बड़े व्यापरियों से लेकर ठेले, खोमचे वालों पर जुर्माना भी डाला। प्रशासन की सख्ती के चलते जिले भर में पॉलिथीन और थर्माकोल हल्के-हल्के बैन हो गया। लोग घरों से थैले लेकर बाजार जाने लगेे। लेकिन जैसे ही प्रशासन की निगाहें इस ओर से हटी, वैसे ही बाजार में फिर से हल्के-हल्के पॉलिथीन और थर्माकोल से बनी चीजें दिखाई देनी लगी। इसकी शिकायतें लोगों ने प्रशासन से की। इसके बाद में तत्कालीन डीएम दिनेश कुमार सिंह ने निर्देश पर दोबारा अभियान चलाया गया। सिटी मजिस्ट्रेट केके अवस्थी ने शहर में छापा मारा, तो मीरा सराय में चार गोदाम और काली सड़क पर एक दुकान के बेसमेंट में एक गोदाम पॉलिथीन और थर्माकोल से बनी चीजें मिलीं। ऐसे में गोदामों को सील कर दिया गया, साथ ही प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए कि शहर के अलावा ककोड़ा में किसी भी हालात में पॉलिथीन और थर्माकोल से बनी हुई चीजों की ब्रिकी न की जाए, लेकिन प्रशासन के आदेश पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने कोई तबज्जो नहीं दी। यही वजह है कि मेले में पॉलिथीन और थर्माकोल से बनी चीजों का जमकर उपयोग हो रहा हैं।
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मेला ककोड़ा का पांच नवंबर से औपचारिक रूप से शुभारंभ हो गया है। इसके साथ में मेले में बदायूं समेत दूरदराज से श्रद्धालुओं का पहुंचना भी प्रारंभ हो गया है। श्रद्धालु मां गंगा के जल में स्नान कर अपने परिवार के लोगों की सुख समृद्धि की कामना कर रहे हैं। भीड़ बढ़ने पर स्नान का सिलसिला और बढ़ेगा तो ऐसे में स्नान करते वक्त कहीं कोई हादसा न हो जाए, इसको ध्यान में रखते हुए फ्लड पीएसी ने अपना डेरा यहां डाल लिया है। इस बार पीएसी की आठवीं वाहिनी के 40 जवान मेले में पहुंच गए हैं। वहीं जिला प्रशासन की ओर से मेला ककोड़ा में सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत सीसीटीवी कैमरे लगाने का भी फैसला लिया है। इसको लेकर मेले में तैयारियां चल रही हैं, ताकि अगर मेले में कोई अप्रिय घटना हो, तो व्यक्ति को आसानी से पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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मेला ककोड़ा। मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए किसी प्रकार की असुविधा का सामान न करना पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसको ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से इस बार मेले में 15 केरोसिन की दुकानों को खोलने के निर्देश दिए गए हैं।
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रुहेलखंड के मिनी कुंभ मेला ककोड़ा में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, साथ ही यहां पर कल्पवास करते हैं। ऐसे में यहां पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो, इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से लगातार मेले में तैयारियां की जा रही हैं। मेले मेें श्रद्धालुओं के लिए केरोसिन की जरूरत पड़ती है, जो वहां पर आम दुकानों के माध्यम से उपलब्ध नहीं पाता हैं। प्राइवेट दुकानों पर प्रशासन ने पाबंदी भी लगा दी है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से मेले में 15 राशन की अस्थायी दुकानों को खुलवाया जाएगा, जहां पर प्रति व्यक्ति दो-दो लीटर केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जगह का चिह्नीकरण चल रहा है।
मेला ककोड़ा। अधिकारियों की लापरवाही कहें या अनदेखी, जिसकी वजह से प्रतिबंधित पॉलिथीन, थर्माकोल से बनी पत्तलें और कटोरी का उपयोग धड़ल्ले से मेले में किया जा रहा है। इस पर प्रशासन की ओर से कोई बैन नहीं लगाया गया है, जिसकी वजह से शासन की पॉलिथीन, थर्माकोल पर प्रतिबंध करने की योजना पूरी तरह से फ्लॉप नजर आ रही है। इसकी वजह से मेले में गंदगी होना लाजिमी है।
शासन के साफ निर्देश हैं पॉलिथीन और थर्माकोल से बनी चीजों का उपयोग किसी भी कीमत पर नहीं होना चाहिए। इसी क्रम में जिला प्रशासन की ओर से पॉलिथीन और थर्माकोल के खिलाफ जिले भर में जमकर अभियान चलाया गया। इस दौरान प्रशासन ने कई बड़े व्यापरियों से लेकर ठेले, खोमचे वालों पर जुर्माना भी डाला। प्रशासन की सख्ती के चलते जिले भर में पॉलिथीन और थर्माकोल हल्के-हल्के बैन हो गया। लोग घरों से थैले लेकर बाजार जाने लगेे। लेकिन जैसे ही प्रशासन की निगाहें इस ओर से हटी, वैसे ही बाजार में फिर से हल्के-हल्के पॉलिथीन और थर्माकोल से बनी चीजें दिखाई देनी लगी। इसकी शिकायतें लोगों ने प्रशासन से की। इसके बाद में तत्कालीन डीएम दिनेश कुमार सिंह ने निर्देश पर दोबारा अभियान चलाया गया। सिटी मजिस्ट्रेट केके अवस्थी ने शहर में छापा मारा, तो मीरा सराय में चार गोदाम और काली सड़क पर एक दुकान के बेसमेंट में एक गोदाम पॉलिथीन और थर्माकोल से बनी चीजें मिलीं। ऐसे में गोदामों को सील कर दिया गया, साथ ही प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए कि शहर के अलावा ककोड़ा में किसी भी हालात में पॉलिथीन और थर्माकोल से बनी हुई चीजों की ब्रिकी न की जाए, लेकिन प्रशासन के आदेश पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने कोई तबज्जो नहीं दी। यही वजह है कि मेले में पॉलिथीन और थर्माकोल से बनी चीजों का जमकर उपयोग हो रहा हैं।