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राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के छात्रों को पीटा, ओपीडी बंद, प्रदर्शन
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बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बुधवार रात हंगामा हो गया। नर्सिंग स्टाफ के कर्मचारियों ने एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्रों के साथ मारपीट कर दी। इसमें तीन छात्रों के गंभीर चोटें आईं। इसके बाद आरोपी भाग गए। बृहस्पतिवार सुबह आधा घंटा तक छात्रों ने ओपीडी बंद रखी। इसके अलावा शैक्षणिक भवन के सामने प्रदर्शन किया। इधर, कॉलेज प्रशासन ने आरोपी नर्सिंग स्टाफ के कर्मचारियों को निलंबित कर जांच कमेटी गठित कर दी। रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई होगी।
विवाद की शुरुआत बुधवार रात करीब आठ बजे हुई। उस समय राजकीय मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के चार-पांच छात्र कॉलेज के पूर्वी गेट पर स्थित दुकान पर बैठकर चाय पी रहे थे। छात्रों के मुताबिक उसी समय नर्सिंग स्टाफ के कर्मचारी निशांत, ज्ञानप्रकाश, लखप्रीत और रौवी कई लड़कों के साथ स्कॉर्पियो गाड़ी से वहां पहुंचे। उन्होंने गाड़ी से उतरते ही पिटाई शुरू कर दी। उन्होंने लात घूंसों और बेल्ट निकालकर मारपीट की। इससे गेट पर अफरातफरी का माहौल हो गया। चाय विक्रेता राधे ने उन्हें बचाने की कोशिश की तो उसके साथ भी मारपीट कर दुकान में तोड़फोड़ कर दी। इससे सभी छात्र कॉलेज के अंदर भाग खड़े हुए। उनकी चीख-पुकार सुनकर कॉलेज का अन्य स्टाफ, छात्र और डॉक्टर आदि पहुंच गए। इसके बाद आरोपी भाग गए।
छात्रों ने आधे घंटे तक बंद कराई ओपीडी
इधर, बृहस्पतिवार सुबह ये खबर पूरे कॉलेज में फैल गई। कॉलेज में पढ़ाई करने आए सभी विद्यार्थी एकजुट हो गए। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए कॉलेज की ओपीडी बंद करा दी। सुबह आठ बजे करीब आधा घंटा तक ओपीडी बंद रही। हालांकि ज्यादा मरीज न होने से कोई प्रभाव नहीं पड़ा। हालांकि मरीजों की परेशानी देखते हुए ओपीडी खुलवा दी गई। इसके बाद सभी छात्र शैक्षणिक भवन के आगे धरने पर बैठ गए। उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया। दोपहर तीन बजे तक प्रदर्शन चलता रहा। तब कहीं सीएमएस डॉ. सीपी सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को समझाबुझाकर शांत किया और कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इससे छात्र मान गए और धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। कॉलेज प्राचार्य के आदेश पर डॉ. सीपी सिंह ने आरोपी कर्मचारी निशांत, ज्ञानप्रकाश, लखप्रीत और रौवी को एक सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया है। इसकी जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। उसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद कर्मचारियों को और कार्रवाई हो सकती है।
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छात्रों का आरोप- पर्स लूटे और कार से कुचलने की कोशिश की
छात्रों का आरोप है कि उन्होंने जान से मारने की धमकी दी गई। उनके पर्स लूट लिए गए और कार से उन्हें कुचलने की कोशिश भी की गई। इसमें तीन छात्रों के चोटें आईं हैं। एक छात्र के हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। उन्होंने रात में ही कॉलेज प्रशासन को इसकी सूचना दी। इसकी बावजूद देर तक घायल छात्र का एक्स-रे नहीं हो सका। देर रात एक्स-रे हुआ। तब कहीं उनके हाथ पर प्लास्टर किया गया।
छात्रों ने पुलिस को दी तहरीर
राजकीय मेडिकल कॉलेज के पीड़ित छात्रों ने शेखूपुर चौकी पर आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस पर बृहस्पतिवार दोपहर चौकी इंचार्ज आकाश कुमार कॉलेज पहुंचे। उन्होंने छात्रों के बयान दर्ज किए हैं।
कॉलेज के एमबीबीएस के छात्रों के साथ नर्सिंग स्टाफ के कर्मचारियों ने मारपीट की है। इसमें जिन कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं। उन चार कर्मचारियों को एक सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया गया है। एक जांच कमेटी गठित की गई है। कमेटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों कर्मचारियों पर और कार्रवाई होगी।
- डॉ. सीपी सिंह, सीएमएस राजकीय मेडिकल कॉलेज
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विवाद की शुरुआत बुधवार रात करीब आठ बजे हुई। उस समय राजकीय मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के चार-पांच छात्र कॉलेज के पूर्वी गेट पर स्थित दुकान पर बैठकर चाय पी रहे थे। छात्रों के मुताबिक उसी समय नर्सिंग स्टाफ के कर्मचारी निशांत, ज्ञानप्रकाश, लखप्रीत और रौवी कई लड़कों के साथ स्कॉर्पियो गाड़ी से वहां पहुंचे। उन्होंने गाड़ी से उतरते ही पिटाई शुरू कर दी। उन्होंने लात घूंसों और बेल्ट निकालकर मारपीट की। इससे गेट पर अफरातफरी का माहौल हो गया। चाय विक्रेता राधे ने उन्हें बचाने की कोशिश की तो उसके साथ भी मारपीट कर दुकान में तोड़फोड़ कर दी। इससे सभी छात्र कॉलेज के अंदर भाग खड़े हुए। उनकी चीख-पुकार सुनकर कॉलेज का अन्य स्टाफ, छात्र और डॉक्टर आदि पहुंच गए। इसके बाद आरोपी भाग गए।
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छात्रों ने आधे घंटे तक बंद कराई ओपीडी
इधर, बृहस्पतिवार सुबह ये खबर पूरे कॉलेज में फैल गई। कॉलेज में पढ़ाई करने आए सभी विद्यार्थी एकजुट हो गए। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए कॉलेज की ओपीडी बंद करा दी। सुबह आठ बजे करीब आधा घंटा तक ओपीडी बंद रही। हालांकि ज्यादा मरीज न होने से कोई प्रभाव नहीं पड़ा। हालांकि मरीजों की परेशानी देखते हुए ओपीडी खुलवा दी गई। इसके बाद सभी छात्र शैक्षणिक भवन के आगे धरने पर बैठ गए। उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया। दोपहर तीन बजे तक प्रदर्शन चलता रहा। तब कहीं सीएमएस डॉ. सीपी सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को समझाबुझाकर शांत किया और कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इससे छात्र मान गए और धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। कॉलेज प्राचार्य के आदेश पर डॉ. सीपी सिंह ने आरोपी कर्मचारी निशांत, ज्ञानप्रकाश, लखप्रीत और रौवी को एक सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया है। इसकी जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। उसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद कर्मचारियों को और कार्रवाई हो सकती है।
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छात्रों का आरोप- पर्स लूटे और कार से कुचलने की कोशिश की
छात्रों का आरोप है कि उन्होंने जान से मारने की धमकी दी गई। उनके पर्स लूट लिए गए और कार से उन्हें कुचलने की कोशिश भी की गई। इसमें तीन छात्रों के चोटें आईं हैं। एक छात्र के हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। उन्होंने रात में ही कॉलेज प्रशासन को इसकी सूचना दी। इसकी बावजूद देर तक घायल छात्र का एक्स-रे नहीं हो सका। देर रात एक्स-रे हुआ। तब कहीं उनके हाथ पर प्लास्टर किया गया।
छात्रों ने पुलिस को दी तहरीर
राजकीय मेडिकल कॉलेज के पीड़ित छात्रों ने शेखूपुर चौकी पर आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस पर बृहस्पतिवार दोपहर चौकी इंचार्ज आकाश कुमार कॉलेज पहुंचे। उन्होंने छात्रों के बयान दर्ज किए हैं।
कॉलेज के एमबीबीएस के छात्रों के साथ नर्सिंग स्टाफ के कर्मचारियों ने मारपीट की है। इसमें जिन कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं। उन चार कर्मचारियों को एक सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया गया है। एक जांच कमेटी गठित की गई है। कमेटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों कर्मचारियों पर और कार्रवाई होगी।
- डॉ. सीपी सिंह, सीएमएस राजकीय मेडिकल कॉलेज