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Budaun News: सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल कठोर कारावास की सजा

Sat, 29 Nov 2025 11:13 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 29 Nov 2025 11:13 PM IST
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Man sentenced to 20 years rigorous imprisonment for raping a seven-year-old girl
बदायूं। अपर जिला जज व विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट दिनेश तिवारी ने सात साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी।
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लोक अभियोजक के अनुसार, बिल्सी कोतवाली में सात साल की नाबालिग बच्ची की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि नौ जुलाई 2023 को अपराह्न दो बजे वह पशुओं को चारा डालने गई थी। इस दौरान उसकी सात साल की नाबालिग बेटी घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान सोनू पुत्र गजराज वहां पहुंचा। उसकी बेटी को 10 रुपये दिये और सूने घर में ले गया।
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वहां ले जाकर उसके साथ गलत काम किया। बेटी ने घर आकर घटना की जानकारी दी। शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। आरोपी को गिरफ्तार किया। इस मामले में विवेचक ने विवेचना करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश की।
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न्यायालय में सोनू उर्फ ह्रदेश पुत्र गजराज सिंह पर नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने का मुकदमा चलाया गया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के पश्चात दोषी को 20 साल की सजा सुनाई। इसके साथ एक लाख रुपये जुर्माना लगाया।


दहेज हत्या में पति को 10 वर्ष की कैद



- अदालत ने सास-ससुर को भी दो-दो वर्ष की सजा सुनाई



संवाद न्यूज एजेंसी



बदायूं। दहेज हत्या के मामले में अपर जिला जज त्वरित न्यायालय (महिलाओं के विरुद्ध अपराध की न्यायाधीश) मिर्जा जीनत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मृतका लक्ष्मी के पति, सास और ससुर को दोषी ठहराया। न्यायालय ने पति दिनेश को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना, जबकि सास उर्मिला और ससुर तोताराम को दो-दो वर्ष की कैद और 5-5 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।



अभियोजन के अनुसार, श्यामा देवी, निवासी मोहल्ला बगिया, थाना वजीरगंज ने थाने में तहरीर दी थी कि उनकी पुत्री लक्ष्मी की शादी हिंदू रीति-रिवाज से दिनेश कुमार पुत्र तोताराम, निवासी जरावन थाना बिल्सी से हुई थी। लक्ष्मी आठ महीने की गर्भवती थी। परिजनों का कहना था कि उन्होंने अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया था, बावजूद इसके ससुराल पक्ष उससे खुश नहीं था। लगातार प्रताड़ित करता था।



पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया कि 14 दिसंबर 2022 को दोनों पक्षों में बातचीत कर तय हुआ था कि अब लक्ष्मी को परेशान नहीं किया जाएगा। बावजूद इसके 7 फरवरी 2023 को दिनेश ने गर्भवती लक्ष्मी के पेट में लात मारी। इसके बाद उसे गंभीर हालत में इलाज के लिए लाया गया। स्थिति बिगड़ने पर लक्ष्मी की मौत हो गई।




अदालत में सहायक शासकीय अधिवक्ता और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने पति-सास-ससुर को दहेज के लिए हत्या का दोषी पाया। इसके बाद फैसला सुनाया।
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