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Budaun News: पशुधन प्रसार अधिकारी के बेटे ने पुलिस को सौंपा बैंक खाते का ब्योरा, जांच शुरू
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उझानी। सीबीआई अफसर बताकर पशुधन प्रसार अधिकारी योगेश कुमार सिंह से 98 हजार रुपये ठगने के मामले में कार्रवाई के लिए उनके बेटे सौरभ कुमार ने पुलिस को पिता के बैंक खाते की डिटेल सौंप दी है। योगेश से पांच लाख रुपये की डिमांड की गई थी। पुलिस ने शिकायत के बाद फोन नंबर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
अयोध्यागंज मोहल्ला निवासी पशुधन प्रसार अधिकारी योगेश कुमार सिंह के व्हाट्सएप अकाउंट पर बृहस्पतिवार को ऑडियो कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई का अफसर बताते हुए कहा कि योगेश का बेटा सौरभ उसकी गिरफ्त में है। उसे छोड़ने के बदले पांच लाख रुपये देने होंगे। फर्जी अफसर के झांसे में आकर योगेश ने उसके बताए खाते में 98 हजार रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर दिया, जबकि सौरभ उस समय व्यावसायिक कामकाज के सिलसिले में बिल्सी में था।
सौरभ ने बताया कि आरोपी ठग के खिलाफ कार्रवाई के लिए उन्होंने बृहस्पतिवार शाम को ही तहरीर दे दी थी, लेकिन शुक्रवार दोपहर पुलिस ने उनसे पिता योगेश के बैंक खाते की डिटेल देने का कहा। इसके बाद खाते की डिटेल भी सौंप दी गई है। पुलिस ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया। बताते हैं कि जिस नंबर से व्हाटसएप कॉल आई थी, उसके बारे में जानकारी जुटाने के लिए रिपोर्ट सर्विलांस सेल को भेज दी गई है। गनीमत रही कि योगेश के सहकर्मी ने सौरभ को कॉल करके जानकारी जुटा ली थी, नहीं तो वह पांच लाख रुपये की ठगी का शिकार हो जाते।
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निजी चिकित्सक से हो चुकी है ठगी की कोशिश
- करीब 15 दिन पहले नगर निवासी निजी चिकित्सक ओमपाल सिंह के पास भी इसी अंदाज में व्हाट्सएप पर ऑडियो कॉल आई थी। ओमपाल का बेटा बाहर पढ़ाई करता है। सीबीआई का अफसर बताकर उनसे कहा गया था कि उनका बेटा सीबीआई की गिरफ्त में है। बेटे का छोड़ देने के नाम पर उनसे पांच लाख रुपये मांगे गए थे। शक होने पर ओमपाल ने ओमपाल ने फर्जी अफसर को ही आड़े हाथ ले लिया। इसके चलते वह ठगी का शिकार होने से बच गए थे।
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अयोध्यागंज मोहल्ला निवासी पशुधन प्रसार अधिकारी योगेश कुमार सिंह के व्हाट्सएप अकाउंट पर बृहस्पतिवार को ऑडियो कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई का अफसर बताते हुए कहा कि योगेश का बेटा सौरभ उसकी गिरफ्त में है। उसे छोड़ने के बदले पांच लाख रुपये देने होंगे। फर्जी अफसर के झांसे में आकर योगेश ने उसके बताए खाते में 98 हजार रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर दिया, जबकि सौरभ उस समय व्यावसायिक कामकाज के सिलसिले में बिल्सी में था।
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सौरभ ने बताया कि आरोपी ठग के खिलाफ कार्रवाई के लिए उन्होंने बृहस्पतिवार शाम को ही तहरीर दे दी थी, लेकिन शुक्रवार दोपहर पुलिस ने उनसे पिता योगेश के बैंक खाते की डिटेल देने का कहा। इसके बाद खाते की डिटेल भी सौंप दी गई है। पुलिस ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया। बताते हैं कि जिस नंबर से व्हाटसएप कॉल आई थी, उसके बारे में जानकारी जुटाने के लिए रिपोर्ट सर्विलांस सेल को भेज दी गई है। गनीमत रही कि योगेश के सहकर्मी ने सौरभ को कॉल करके जानकारी जुटा ली थी, नहीं तो वह पांच लाख रुपये की ठगी का शिकार हो जाते।
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निजी चिकित्सक से हो चुकी है ठगी की कोशिश
- करीब 15 दिन पहले नगर निवासी निजी चिकित्सक ओमपाल सिंह के पास भी इसी अंदाज में व्हाट्सएप पर ऑडियो कॉल आई थी। ओमपाल का बेटा बाहर पढ़ाई करता है। सीबीआई का अफसर बताकर उनसे कहा गया था कि उनका बेटा सीबीआई की गिरफ्त में है। बेटे का छोड़ देने के नाम पर उनसे पांच लाख रुपये मांगे गए थे। शक होने पर ओमपाल ने ओमपाल ने फर्जी अफसर को ही आड़े हाथ ले लिया। इसके चलते वह ठगी का शिकार होने से बच गए थे।