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नगर पंचायत की लाइन काटी तो बिजली उपकेंद्र के गेट पर पलटी कूड़े की ट्रॉली
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दहगवां में बिजली उपकेंद्र के गेट पर डाला गया कूड़ा। संवाद
- फोटो : BADAUN
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दहगवां (बदायूं)। बकाया में नगर पंचायत की सप्लाई काटना बिजली कर्मचारियों को भारी पड़ गया। मामला गरमाया तो नगर पंचायत कर्मियों ने ट्रॉली से कूड़ा पलटकर उपकेंद्र के गेट को बंद कर दिया। तैश में आकर बिजली कर्मियों ने कस्बे और गांवों की बिजली काट दी। दो विभागों की खींचतान के कारण उपभोक्ता परेशान रहे।
दहगवां ग्राम पंचायत को नवंबर 2018 में नगर पंचायत का दर्जा मिला है। नगर विकास राज्यमंत्री रहे शहर विधायक महेश गुप्ता यहीं के निवासी हैं। उनके प्रयास से यह संभव हुआ। यहां नगर पंचायत का छोटा कार्यालय बनाकर ईओ की तैनाती की गई है। ग्राम पंचायत में ओवरहेड टैंक और नलकूप आता था जो अब नगर पंचायत के अधीन है। नलकूप पर पावर कॉरपोरेशन का 42 लाख बकाया है। भुगतान न होने पर शुक्रवार को पावर कॉरपोरेशन ने नगर पंचायत की सप्लाई बंद कर दी। नगर पंचायत के सफाई कर्मचारियों को पता लगा तो उन्होंने दहगवां बिजली उपकेंद्र के मेन गेट पर एक ट्रॉली कूड़ा डालकर रास्ता ही बंद कर दिया।
बिजली कर्मी अंदर बंद हो गए तो एसडीई सतेंद्र कुमार को उन्होंने फोन करके बताया। उन्होंने ईओ से शिकायत की पर नतीजा न निकला।
गुस्साए बिजली कर्मियों ने दोपहर तीन बजे नगर समेत गांवों की सप्लाई बंद कर दी। ईओ के खिलाफ नारेबाजी की। देर रात तक दोनों पक्षों में खींचतान के बीच सप्लाई ठप रही। एसडीएम सहसवान को भी जानकारी दी गई।
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बाइक के चालान पर काट दी थी थाने की बिजली
पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों ने 28 मार्च को कुंवरगांव थाने की बिजली काट दी थी। वहां लाइनमैन अजय का थाने के दरोगा राम नरेश ने बिना हेलमेट में चालान कर दिया था। अजय ने बताया तो कर्मचारी थाने पहुंचे और बारह पुलिस आवासों के कनेक्शन काट दिए। अधिकारियों ने कहा था कि थाने में एक कनेक्शन स्वीकृत है, वही चलेगा।
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ट्रैक्टर खराब होने से कूड़े की ट्रॉली को सफाई कर्मचारियों ने बिजली उपकेंद्र के पास मजबूरी में खाली कर दिया था। कूड़ा उठवा दिया जाएगा। नगर पंचायत पर जो भी बकाया है उसका बिल मिलने पर भुगतान किया जाएगा।
-रवि चंद्र, ईओ
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नगर पंचायत कर्मियों की हरकत गलत है। प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत का संदेश दे रहे हैं और नगर पंचायत कर्मी गंदगी फैला रहे हैं। बिजली कर्मचारियों की कोई गलती नहीं है। - सत्येंद्र कुमार, एसडीई
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दहगवां ग्राम पंचायत को नवंबर 2018 में नगर पंचायत का दर्जा मिला है। नगर विकास राज्यमंत्री रहे शहर विधायक महेश गुप्ता यहीं के निवासी हैं। उनके प्रयास से यह संभव हुआ। यहां नगर पंचायत का छोटा कार्यालय बनाकर ईओ की तैनाती की गई है। ग्राम पंचायत में ओवरहेड टैंक और नलकूप आता था जो अब नगर पंचायत के अधीन है। नलकूप पर पावर कॉरपोरेशन का 42 लाख बकाया है। भुगतान न होने पर शुक्रवार को पावर कॉरपोरेशन ने नगर पंचायत की सप्लाई बंद कर दी। नगर पंचायत के सफाई कर्मचारियों को पता लगा तो उन्होंने दहगवां बिजली उपकेंद्र के मेन गेट पर एक ट्रॉली कूड़ा डालकर रास्ता ही बंद कर दिया।
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बिजली कर्मी अंदर बंद हो गए तो एसडीई सतेंद्र कुमार को उन्होंने फोन करके बताया। उन्होंने ईओ से शिकायत की पर नतीजा न निकला।
गुस्साए बिजली कर्मियों ने दोपहर तीन बजे नगर समेत गांवों की सप्लाई बंद कर दी। ईओ के खिलाफ नारेबाजी की। देर रात तक दोनों पक्षों में खींचतान के बीच सप्लाई ठप रही। एसडीएम सहसवान को भी जानकारी दी गई।
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बाइक के चालान पर काट दी थी थाने की बिजली
पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों ने 28 मार्च को कुंवरगांव थाने की बिजली काट दी थी। वहां लाइनमैन अजय का थाने के दरोगा राम नरेश ने बिना हेलमेट में चालान कर दिया था। अजय ने बताया तो कर्मचारी थाने पहुंचे और बारह पुलिस आवासों के कनेक्शन काट दिए। अधिकारियों ने कहा था कि थाने में एक कनेक्शन स्वीकृत है, वही चलेगा।
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ट्रैक्टर खराब होने से कूड़े की ट्रॉली को सफाई कर्मचारियों ने बिजली उपकेंद्र के पास मजबूरी में खाली कर दिया था। कूड़ा उठवा दिया जाएगा। नगर पंचायत पर जो भी बकाया है उसका बिल मिलने पर भुगतान किया जाएगा।
-रवि चंद्र, ईओ
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नगर पंचायत कर्मियों की हरकत गलत है। प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत का संदेश दे रहे हैं और नगर पंचायत कर्मी गंदगी फैला रहे हैं। बिजली कर्मचारियों की कोई गलती नहीं है। - सत्येंद्र कुमार, एसडीई