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Budaun News: अवैध संबंधों के शक में पत्नी को मारने वाले पति को उम्रकैद
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गांव गनगोली में हत्यारोपी पति हरदेव का घर। जानकारी देता उनका भतीजा पास में खड़े मोहल्ले के लोग।
बदायूं। पत्नी की हत्या के तीन साल पुराने मामले में त्वरित न्यायालय की न्यायाधीश मिर्जा जीनत ने पति को दोषी करार दिया है। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। दोषी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।
अलीगढ़ के थाना छर्रा के गांव सुनपहर निवासी जीवाराम ने बहन की हत्या की रिपोर्ट 18 फरवरी 2021 को दर्ज कराई थी। बताया था कि उसने अपनी बहन ऊषा की शादी फैजगंज थाना क्षेत्र के गांव गनगोली निवासी हरदेव से की थी। उसकी बड़ी बहन शांति की भी शादी हो चुकी है। ऊषा बड़े बहनोई और बहन से कभी-कभार फोन पर बात कर लेती थी, जिस पर हरदेव शक करने लगा।
बहन पर अवैध संबंधों का आरोप लगाकर उसके साथ मारपीट करने लगा। 18 फरवरी शाम पांच बजे उसकी बहन शांति और भांजे (शांति का बेटा) ने फोन कर बताया कि मौसा हरदेव ने मौसी ऊषा की फावड़े से गला काटकर हत्या कर दी है। सूचना पर परिजन गांव पहुंचे तो बहन का शव कमरे में पड़ा था।
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रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना एसआई अजय सिंह ने शुरू की। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। एडीजीसी ओमपाल कश्यप व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद सजा सुनाई है।
तीन बच्चों का मोह छोड़कर हरदेव ने की थी
पत्नी की हत्या, बेटों ने नहीं कराई जमानत
- हरदेव के जेल जाने के बाद बड़े बेटे ने संभाला परिवार
- भाई के साथ दिल्ली में कर रहा मेहनत मजदूरी
महबूब खां
फैजगंज। थाना क्षेत्र के गांव गनगोली निवासी हरदेव को बृहस्पतिवार को आजीवन कारावास की सुनाई गई। उसने 18 फरवरी 2021 को पत्नी की हत्या कर दी थी। हरदेव के दो बेटे ओमवीर और पवन तथा एक बेटी सुमन हैं। ओमवीर की शादी हो चुकी है। वह अपने भाई पवन के साथ दिल्ली में मेहनत मजदूरी करता है। घर पर सुमन, भाभी के साथ रहती है। हरदेव के भतीजे ने बताया कि जो जैसा करता है उसको वैसा ही भरना पड़ता है। सजा पर किसी को कोई दुख नहीं है।
भतीजे ने बताया कि हरदेव के दिल में ऐसा शक बैठा कि तीन बच्चों के भविष्य की परवाह तक नहीं की। हरदेव ने पत्नी ऊषा की निर्मम हत्या कर डाली थी। हत्या के आरोप में पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। पिता को जेल हुई तो बड़े बेटे ओमवीर ने परिवार संभाला। दोनों बेटे व बेटी हत्यारे पिता से नफरत करने लगे थे। परिवार के किसी सदस्य ने जमानत तक नहीं कराई।
बृहस्पतिवार को जेल से आरोपी हरदेव काे न्यायालय में लाया गया। न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सजा के बाद उसको फिर से जेल भेज दिया गया। घर पर मिले हरदेव के भतीजे ने कहा कि जिस दिन से वह जेल गए किसी ने उनसे मुलाकात नहीं की। अब सजा तक हो गई, कोई कोर्ट में नहीं गया। सब यही सोचते हैं कि जो हुआ अच्छा हुआ। वही यह भी कहते हैं कि अगर बच्चों से लगाव होता तो उनके चाचा, चाची की हत्या नहीं करते। (संवाद)
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अलीगढ़ के थाना छर्रा के गांव सुनपहर निवासी जीवाराम ने बहन की हत्या की रिपोर्ट 18 फरवरी 2021 को दर्ज कराई थी। बताया था कि उसने अपनी बहन ऊषा की शादी फैजगंज थाना क्षेत्र के गांव गनगोली निवासी हरदेव से की थी। उसकी बड़ी बहन शांति की भी शादी हो चुकी है। ऊषा बड़े बहनोई और बहन से कभी-कभार फोन पर बात कर लेती थी, जिस पर हरदेव शक करने लगा।
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बहन पर अवैध संबंधों का आरोप लगाकर उसके साथ मारपीट करने लगा। 18 फरवरी शाम पांच बजे उसकी बहन शांति और भांजे (शांति का बेटा) ने फोन कर बताया कि मौसा हरदेव ने मौसी ऊषा की फावड़े से गला काटकर हत्या कर दी है। सूचना पर परिजन गांव पहुंचे तो बहन का शव कमरे में पड़ा था।
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रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना एसआई अजय सिंह ने शुरू की। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। एडीजीसी ओमपाल कश्यप व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद सजा सुनाई है।
तीन बच्चों का मोह छोड़कर हरदेव ने की थी
पत्नी की हत्या, बेटों ने नहीं कराई जमानत
- हरदेव के जेल जाने के बाद बड़े बेटे ने संभाला परिवार
- भाई के साथ दिल्ली में कर रहा मेहनत मजदूरी
महबूब खां
फैजगंज। थाना क्षेत्र के गांव गनगोली निवासी हरदेव को बृहस्पतिवार को आजीवन कारावास की सुनाई गई। उसने 18 फरवरी 2021 को पत्नी की हत्या कर दी थी। हरदेव के दो बेटे ओमवीर और पवन तथा एक बेटी सुमन हैं। ओमवीर की शादी हो चुकी है। वह अपने भाई पवन के साथ दिल्ली में मेहनत मजदूरी करता है। घर पर सुमन, भाभी के साथ रहती है। हरदेव के भतीजे ने बताया कि जो जैसा करता है उसको वैसा ही भरना पड़ता है। सजा पर किसी को कोई दुख नहीं है।
भतीजे ने बताया कि हरदेव के दिल में ऐसा शक बैठा कि तीन बच्चों के भविष्य की परवाह तक नहीं की। हरदेव ने पत्नी ऊषा की निर्मम हत्या कर डाली थी। हत्या के आरोप में पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। पिता को जेल हुई तो बड़े बेटे ओमवीर ने परिवार संभाला। दोनों बेटे व बेटी हत्यारे पिता से नफरत करने लगे थे। परिवार के किसी सदस्य ने जमानत तक नहीं कराई।
बृहस्पतिवार को जेल से आरोपी हरदेव काे न्यायालय में लाया गया। न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सजा के बाद उसको फिर से जेल भेज दिया गया। घर पर मिले हरदेव के भतीजे ने कहा कि जिस दिन से वह जेल गए किसी ने उनसे मुलाकात नहीं की। अब सजा तक हो गई, कोई कोर्ट में नहीं गया। सब यही सोचते हैं कि जो हुआ अच्छा हुआ। वही यह भी कहते हैं कि अगर बच्चों से लगाव होता तो उनके चाचा, चाची की हत्या नहीं करते। (संवाद)