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Budaun News: ग्राम पंचायत की भूमि से अधिक के काट दिए पट्टे, बिक गई जगह तब खड़ा हुआ विवाद

Mon, 08 Jun 2026 11:56 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jun 2026 11:56 PM IST
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Lease deeds issued for land exceeding the Gram Panchayat's holdings; the dispute arose after the land was sold.
दातागंज के गांव बसेला मे जमीन विवादों के चलते विरोण में एकत्र ग्रामीण। संवाद
दातागंज। दातागंज की तहसील और जमीन विवादों का पुराना संबंध है। तहसील क्षेत्र के गांव बसेला में तहसील में ही काम कर रहे एक दलाल ने ऐसा पेच फंसाया है कि तमाम पट्टेदार अपनी आजीविका के रूप में इस्तेमाल जमीन के टुकड़ों से हाथ धोते दिखाई दे रहे हैं। दलाल ने अलीगढ़ और मेरठ की पार्टियों को कई एकड़ जमीन बिकवा डाली। बाहरी क्रेता जब उनसे कब्जा दिलवाए जाने की बात करते हैं तो वह उन्हें धमकी देता है कि आने दो उसकी सरकार उन्हें अच्छी तरह से देख लेगा। गांव के श्मशान और वन विभाग की भी जमीन इस दलाल ने बिकवा दी है। शिकायतों पर तहसील प्रशासन भी पशोपेश में हैं।
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तहसील क्षेत्र के गांव बसेला की कहानी राजस्व की मनमानी का बड़ा उदाहरण है। गांव में जितनी पंचायत की जगह है, उससे कई गुना अधिक जगह पर लेखपाल पट्टे काट चुके हैं। प्रधान रमनेश ने यह भी बताया कि गांव में अधिकांश आबादी अनुसूचित जाति की है, जो बाहरी प्रदेशों में काम पर चले जाते हैं। किसी का पट्टा किसी को और किसी पर दोबारा तो किसी के तीसरी बार तक पट्टे काट दिए गए हैं। तमाम लोगों को पता ही नहीं है कि उनका पट्टा कहां है। जो जमीन जोतने लगा, वहीं उसका पट्टा मान लिया गया है।
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इसी का लाभ लेते हुए तहसील के एक दलाल ने मेरठ और अलीगढ़ की पार्टियों को जमीन खरीदवा दी है। जब वे कब्जे लेने आए तो कब्जा किसी का और नाम किसी के, चक्कर में फंस गए। दलाल से इस संबंध में खरीदार पार्टियों ने बात की तो उसने धमका दिया कि उसका काम खत्म हो गया है। ज्यादा बातें की तो आने दो उसकी सरकार उन्हें अच्छी तरह देख लेगा।
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गांव के संजू की मां लज्जावती ने बताया कि उसके नाम पट्टे की छह बीघा जमीन है। सुखराम ने बताया कि उनके नाम पांच बीघा जमीन है। दीनानाथ ने बताया कि उनके नाम तीन बीघा का पट्टा है। ऐसे ही तमाम लोग 30-40 सालों से जमीन जोतकर अपना परिवार चला रहे हैं। अब पता लगा है कि उनकी जमीन बिक गई है। यही नहीं, गांव के लोगों ने बताया कि उनके गांव में श्मशान भी है, जहां वर्षों से लोग दाह संस्कार कर रहे हैं लेकिन कागजातों में श्मशान का कोई अता-पता नहीं है। वन विभाग की भी लगभग 800 बीघा जमीन ग्राम पंचायत की जमीन बताकर बिकवा दी गई है। ऐसे हालातों के लिए लेखपालों की मनमानी मानी जा रही है। जिसने तहसील प्रशासन को भी पशोपेश में डाल दिया गया है। अलीगढ़ के एक जमीन खरीदार का कहना है। जिस दलाल के माध्यम से जगह खरीदी, अब वह उन्हें उल्टा धमका रहा है।


काफी पुराना मामला प्रकाश में आया है। जांच के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। -विजय शुक्ला, तहसीलदार, दातागंज।

वन विभाग की जगह में खाई खोदी गई है। कुछ पेड़ भी गिरे हैं। तहसील प्रशासन से पैमाइश के बाद मामला देखकर विभाग की जगह निकाली जाएगी। -अनुभव शर्मा, रेंजर, वन विभाग दातागंज
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